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92 हजार क्विंटल चीनी बेचकर गन्ने का बकाया भुगतान करेंगी मिलें
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92 हजार क्विंटल चीनी बेचकर गन्ने का बकाया भुगतान करेंगी मिलें
हापुड़। गन्ना भुगतान में तेजी लाने के लिए जिला प्रशासन ने शुगर मिलों का चीनी बिक्री का कोटा निर्धारित कर दिया है। जून माह में दोनों शुगर मिलों को 92 हजार क्विंटल चीनी बेचकर किसानों को भुगतान करना पड़ेगा। इसमें सिंभावली मिल को 66 और ब्रजनाथपुर को 26 हजार क्विंटल चीनी बिक्री का कोटा दिया गया है। नौ महीने में मिलों ने सिर्फ 208 करोड़ का ही भुगतान किया है, जबकि किसानों का 455 करोड़ मिलें दबाए बैठी हैं। अब गन्ना विभाग की सख्ती से शायद भुगतान में तेजी आ सकती है।
जिले में बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती की जाती है। इस खेती से करीब 90 हजार किसान परिवार जुड़े हैं। लेकिन भुगतान के मामलेे में दोनों ही मिलें परेशान कर रही हैं। अक्तूबर से अप्रेल माह तक किसानों ने मिलों पर गन्ने की सप्लाई शुरू की। इन नौ महीनों में इस सत्र का मिलों ने सिर्फ 208 करोड़ रुपये ही भुगतान किया है, जो कुल देय राशि का महज 31 फीसदी ही है।
यह हाल तब है जब कोर्ट के आदेश भी किसानों को 14 दिन में भुगतान कराने के हैं। बहरहाल, अब जिले की दोनों ही शुगर मिलों को जून महीने का चीनी बिक्री का कोटा निर्धारित किया गया है। नोटिस जारी कर, चीनी बेचकर मिलने वाली धनराशि से किसानों का भुगतान करने के आदेश दिए गए हैं। करीब 92 हजार क्विंटल चीनी की बिक्री इस महीने में कराई जाएगी। इसके अलावा अन्य संसाधनों जैसे शीरा, एथेनॉल आदि की बिक्री से भी भुगतान कराया जाएगा।
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मई में निर्धारित कोटे से कम हुई बिक्री
कोरोना महामारी के चलते मई महीने में दोनों ही शुगर मिल निर्धारित कुल चीनी बिक्री के कोटे से 20 हजार क्विंटल कम बिक्री कर पाई थी। लेकिन इस बार जिला प्रशासन द्वारा मिलों को निर्धारित कोटे के अनुसार चीनी की बिक्री कर किसानों को भुगतान करने के आदेश दिए हैं वहीं समय पर भुगतान न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
-जिले में गन्ना की स्थिति-
कुल क्षेत्रफल--45 हजार हेक्टेयर
गन्ना उत्पादन--260 लाख क्विंटल
मिलों को आपूर्ति किया गन्ना--208.15 लाख क्विंटल
कोल्हू, क्रेशरों पर आपूर्ति किया गन्ना--52 लाख क्विंटल
शुगर मिलों पर गन्ना भुगतान और सप्लाई की स्थिति-
शुगर मिल गन्ना सप्लाई भुगतान बकाया
सिंभावली 151.33 146 336
ब्रजनाथपुर 56.85 65.38 116
(नोट : गन्ना सप्लाई लाख क्विंटल में, भुगतान करोड़ और बकाया राशि भी करोड़ में है।)
शुगर मिलों के निर्धारित कोटे की स्थिति-
सिंभावली मिल----66030 क्विंटल
ब्रजनाथुपर मिल----24370 क्विंटल
क्या कहते हैं किसान-
किसानों को लेना पड़ रहा कर्ज
रसूलपुर निवासी धनवीर शास्त्री का कहना है कि गन्ना भुगतान नहीं मिलने से किसान आर्थिक संकट में फंस रहे हैं। जीविका चलाने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। लेकिन शुगर मिलों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शासन भी दिखाए सख्ती
धनौरा निवासी शिवकुमार त्यागी का कहना है कि जिला प्रशासन आए दिन नोटिस जारी कर, सख्ती करने की बात कहता है। लेकिन इसके बावजूद भुगतान नहीं हो रहा है, ऐसे में किसान कैसे अपना घर चलाएं। शासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
गन्ने के दाम बढ़ाए सरकार
दादरी निवासी योगेश का कहना है कि कोरोना काल में पहले ही फसलों के अच्छे दाम नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में शुगर मिल किसानों का करोड़ों रुपये दबाकर बैठे हुए हैं। संबंधित विभाग को कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि किसानों का भुगतान समय से हो सके।
होनी चाहिए सख्त कार्रवाई
चमरी निवासी अनुज त्यागी का कहना है कि कोर्ट द्वारा 14 दिन में भुगतान के आदेश दिए हुए हैं। लेकिन शुगर मिलें इस आदेश को भी नहीं मानती। कार्रवाई के नाम पर दिखावा होता है। अफसर इस दिखावे को बंद कर किसानों को भुगतान कराएं।
जिला गन्ना अधिकारी निधि गुप्ता ने बताया कि जून महीने का कोटा मिलों को मिल चुका है। किसानों के गन्ना भुगतान में तेजी के लिए पूरी सख्ती की जा रही है। नोटिस भी जारी किए गए हैं। भुगतान में लापरवाही की तो मिलों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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हापुड़। गन्ना भुगतान में तेजी लाने के लिए जिला प्रशासन ने शुगर मिलों का चीनी बिक्री का कोटा निर्धारित कर दिया है। जून माह में दोनों शुगर मिलों को 92 हजार क्विंटल चीनी बेचकर किसानों को भुगतान करना पड़ेगा। इसमें सिंभावली मिल को 66 और ब्रजनाथपुर को 26 हजार क्विंटल चीनी बिक्री का कोटा दिया गया है। नौ महीने में मिलों ने सिर्फ 208 करोड़ का ही भुगतान किया है, जबकि किसानों का 455 करोड़ मिलें दबाए बैठी हैं। अब गन्ना विभाग की सख्ती से शायद भुगतान में तेजी आ सकती है।
जिले में बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती की जाती है। इस खेती से करीब 90 हजार किसान परिवार जुड़े हैं। लेकिन भुगतान के मामलेे में दोनों ही मिलें परेशान कर रही हैं। अक्तूबर से अप्रेल माह तक किसानों ने मिलों पर गन्ने की सप्लाई शुरू की। इन नौ महीनों में इस सत्र का मिलों ने सिर्फ 208 करोड़ रुपये ही भुगतान किया है, जो कुल देय राशि का महज 31 फीसदी ही है।
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यह हाल तब है जब कोर्ट के आदेश भी किसानों को 14 दिन में भुगतान कराने के हैं। बहरहाल, अब जिले की दोनों ही शुगर मिलों को जून महीने का चीनी बिक्री का कोटा निर्धारित किया गया है। नोटिस जारी कर, चीनी बेचकर मिलने वाली धनराशि से किसानों का भुगतान करने के आदेश दिए गए हैं। करीब 92 हजार क्विंटल चीनी की बिक्री इस महीने में कराई जाएगी। इसके अलावा अन्य संसाधनों जैसे शीरा, एथेनॉल आदि की बिक्री से भी भुगतान कराया जाएगा।
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मई में निर्धारित कोटे से कम हुई बिक्री
कोरोना महामारी के चलते मई महीने में दोनों ही शुगर मिल निर्धारित कुल चीनी बिक्री के कोटे से 20 हजार क्विंटल कम बिक्री कर पाई थी। लेकिन इस बार जिला प्रशासन द्वारा मिलों को निर्धारित कोटे के अनुसार चीनी की बिक्री कर किसानों को भुगतान करने के आदेश दिए हैं वहीं समय पर भुगतान न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
-जिले में गन्ना की स्थिति-
कुल क्षेत्रफल--45 हजार हेक्टेयर
गन्ना उत्पादन--260 लाख क्विंटल
मिलों को आपूर्ति किया गन्ना--208.15 लाख क्विंटल
कोल्हू, क्रेशरों पर आपूर्ति किया गन्ना--52 लाख क्विंटल
शुगर मिलों पर गन्ना भुगतान और सप्लाई की स्थिति-
शुगर मिल गन्ना सप्लाई भुगतान बकाया
सिंभावली 151.33 146 336
ब्रजनाथपुर 56.85 65.38 116
(नोट : गन्ना सप्लाई लाख क्विंटल में, भुगतान करोड़ और बकाया राशि भी करोड़ में है।)
शुगर मिलों के निर्धारित कोटे की स्थिति-
सिंभावली मिल----66030 क्विंटल
ब्रजनाथुपर मिल----24370 क्विंटल
क्या कहते हैं किसान-
किसानों को लेना पड़ रहा कर्ज
रसूलपुर निवासी धनवीर शास्त्री का कहना है कि गन्ना भुगतान नहीं मिलने से किसान आर्थिक संकट में फंस रहे हैं। जीविका चलाने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। लेकिन शुगर मिलों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शासन भी दिखाए सख्ती
धनौरा निवासी शिवकुमार त्यागी का कहना है कि जिला प्रशासन आए दिन नोटिस जारी कर, सख्ती करने की बात कहता है। लेकिन इसके बावजूद भुगतान नहीं हो रहा है, ऐसे में किसान कैसे अपना घर चलाएं। शासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
गन्ने के दाम बढ़ाए सरकार
दादरी निवासी योगेश का कहना है कि कोरोना काल में पहले ही फसलों के अच्छे दाम नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में शुगर मिल किसानों का करोड़ों रुपये दबाकर बैठे हुए हैं। संबंधित विभाग को कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि किसानों का भुगतान समय से हो सके।
होनी चाहिए सख्त कार्रवाई
चमरी निवासी अनुज त्यागी का कहना है कि कोर्ट द्वारा 14 दिन में भुगतान के आदेश दिए हुए हैं। लेकिन शुगर मिलें इस आदेश को भी नहीं मानती। कार्रवाई के नाम पर दिखावा होता है। अफसर इस दिखावे को बंद कर किसानों को भुगतान कराएं।
जिला गन्ना अधिकारी निधि गुप्ता ने बताया कि जून महीने का कोटा मिलों को मिल चुका है। किसानों के गन्ना भुगतान में तेजी के लिए पूरी सख्ती की जा रही है। नोटिस भी जारी किए गए हैं। भुगतान में लापरवाही की तो मिलों के खिलाफ कार्रवाई होगी।