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सौर ऊर्जा से जगमग होगा रेलवे स्टेशन, सालाना 8 लाख बचेंगे
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सौर ऊर्जा से जगमग होगा रेलवे स्टेशन, सालाना 8 लाख बचेंगे
हापुड़। हापुड़ रेलवे स्टेशन बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। स्टेशन पर 125केवी का सोलर सिस्टम लगाया जा रहा है। इससे पैदा होने वाली बिजली से स्टेशन के सभी उपकरण चलेंगे। सोलर सिस्टम से पैदा होने वाली बिजली ऊर्जा निगम के यूनिट से एडजस्ट होंगी। इससे रेलवे पर पड़ने वाले बिजली के बोझ में भी कमी आएगी। ऐसा होने के बाद हापुड़ रेलवे स्टेशन ग्रीन एनर्जी से संचालित होने वाले स्टेशनों की सूची में भी शामिल हो जाएगा। साथ ही इससे सालाना करीब आठ लाख रुपये की बचत रेलवे को होगी। रेलवे इस धनराशि को अन्य मदों पर व्यय कर सकेगी।
रेलवे बोर्ड ने सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन की तैयारी शुरू कर दी है। पूर्व में मुरादाबाद मंडल स्टेशन में भी सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। वहां करीब 235 केवी बिजली का उत्पादन होता है। इसी से ही मुरादाबाद स्टेशन के उपकरण संचालित हो रहे हैं। अब रेलवे बोर्ड ने हापुड़ स्टेशन पर भी सोलर सिस्टम लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। हापुड़ रेलवे स्टेशन पर करीब 125 केवी का सोलर सिस्टम लगाया जा रहा है। स्टेशन की छत पर सोलर सिस्टम लगाए जा रहे हैं। इससे स्टेशन पर दिन के समय बिजली के उपकरण जैसे पंखा, एसी, पानी की आपूर्ति करने वाले पंप आदि का संचालन होगा। जबकि सोलर सिस्टम से आपूर्ति बाधित होने पर स्वयं ही ऊर्जा निगम के बिजली स्टेशन से आपूर्ति होने लगेगी। इससे बिजली के खर्च का ग्राफ भी नीचे आएगा। (संवाद)
ऐसे होगा यूनिट का समायोजन
हापुड़ रेलवे स्टेशन पर सोलर सिस्टम लगाने वाली कंपनी एन इलेक्ट्रोमैक इंडिया व एजूर पॉवर इंडिया से जुड़े मीटरिंग विभाग के अधिकारी अमित शर्मा ने उदाहरण के तौर पर बताया कि रेलवे स्टेशन ऊर्जा निगम से 100 यूनिट बिजली लेता है। जबकि स्टेशन पर लगवाए गए सोलर सिस्टम से करीब 60 यूनिट बिजली का उत्पादन होता है। तो मीटरिंग की मदद से ऊर्जा निगम और सोलर सिस्टम की यूनिट को एडजस्ट किया जाएगा। इससे रेलवे स्टेशन पर महज 40 यूनिट का ही बिजली बिल आएगा।
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स्टेशन बनेगा ग्रीन एनर्जी का मॉडल
हापुड़ स्टेशन पर 125 केवी के सोलर सिस्टम में से फिलहाल 50 केवी की एक यूनिट चालू हो चुकी है। जल्द ही पूरा सिस्टम बिजली उत्पादन करने लगेगा। इससे हापुड़ स्टेशन क्लीन एनर्जी का उत्पादन करने वाला स्टेशन होगा। अन्य बड़े संस्थानों के लिए हापुड़ स्टेशन क्लीन एनर्जी का मॉडल भी साबित होगा।
सालाना आठ लाख की होगी बचत
हापुड़ रेलवे स्टेशन के एसएसई ई हेमेंद्र शर्मा ने बताया कि रेलवे बोर्ड की पहल पर स्टेशन पर 125 केवी का सोलर सिस्टम लगाया जा रहा है। जल्द ही सोलर सिस्टम से बिजली का उत्पादन होना शुरू हो जाएगा। इससे हापुड़ स्टेशन के सभी उपकरण सोलर सिस्टम से भी चल सकेंगे। इससे स्टेशन पर बिजली बिल का भार भी कम होगा।
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हापुड़। हापुड़ रेलवे स्टेशन बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। स्टेशन पर 125केवी का सोलर सिस्टम लगाया जा रहा है। इससे पैदा होने वाली बिजली से स्टेशन के सभी उपकरण चलेंगे। सोलर सिस्टम से पैदा होने वाली बिजली ऊर्जा निगम के यूनिट से एडजस्ट होंगी। इससे रेलवे पर पड़ने वाले बिजली के बोझ में भी कमी आएगी। ऐसा होने के बाद हापुड़ रेलवे स्टेशन ग्रीन एनर्जी से संचालित होने वाले स्टेशनों की सूची में भी शामिल हो जाएगा। साथ ही इससे सालाना करीब आठ लाख रुपये की बचत रेलवे को होगी। रेलवे इस धनराशि को अन्य मदों पर व्यय कर सकेगी।
रेलवे बोर्ड ने सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन की तैयारी शुरू कर दी है। पूर्व में मुरादाबाद मंडल स्टेशन में भी सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। वहां करीब 235 केवी बिजली का उत्पादन होता है। इसी से ही मुरादाबाद स्टेशन के उपकरण संचालित हो रहे हैं। अब रेलवे बोर्ड ने हापुड़ स्टेशन पर भी सोलर सिस्टम लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। हापुड़ रेलवे स्टेशन पर करीब 125 केवी का सोलर सिस्टम लगाया जा रहा है। स्टेशन की छत पर सोलर सिस्टम लगाए जा रहे हैं। इससे स्टेशन पर दिन के समय बिजली के उपकरण जैसे पंखा, एसी, पानी की आपूर्ति करने वाले पंप आदि का संचालन होगा। जबकि सोलर सिस्टम से आपूर्ति बाधित होने पर स्वयं ही ऊर्जा निगम के बिजली स्टेशन से आपूर्ति होने लगेगी। इससे बिजली के खर्च का ग्राफ भी नीचे आएगा। (संवाद)
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ऐसे होगा यूनिट का समायोजन
हापुड़ रेलवे स्टेशन पर सोलर सिस्टम लगाने वाली कंपनी एन इलेक्ट्रोमैक इंडिया व एजूर पॉवर इंडिया से जुड़े मीटरिंग विभाग के अधिकारी अमित शर्मा ने उदाहरण के तौर पर बताया कि रेलवे स्टेशन ऊर्जा निगम से 100 यूनिट बिजली लेता है। जबकि स्टेशन पर लगवाए गए सोलर सिस्टम से करीब 60 यूनिट बिजली का उत्पादन होता है। तो मीटरिंग की मदद से ऊर्जा निगम और सोलर सिस्टम की यूनिट को एडजस्ट किया जाएगा। इससे रेलवे स्टेशन पर महज 40 यूनिट का ही बिजली बिल आएगा।
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स्टेशन बनेगा ग्रीन एनर्जी का मॉडल
हापुड़ स्टेशन पर 125 केवी के सोलर सिस्टम में से फिलहाल 50 केवी की एक यूनिट चालू हो चुकी है। जल्द ही पूरा सिस्टम बिजली उत्पादन करने लगेगा। इससे हापुड़ स्टेशन क्लीन एनर्जी का उत्पादन करने वाला स्टेशन होगा। अन्य बड़े संस्थानों के लिए हापुड़ स्टेशन क्लीन एनर्जी का मॉडल भी साबित होगा।
सालाना आठ लाख की होगी बचत
हापुड़ रेलवे स्टेशन के एसएसई ई हेमेंद्र शर्मा ने बताया कि रेलवे बोर्ड की पहल पर स्टेशन पर 125 केवी का सोलर सिस्टम लगाया जा रहा है। जल्द ही सोलर सिस्टम से बिजली का उत्पादन होना शुरू हो जाएगा। इससे हापुड़ स्टेशन के सभी उपकरण सोलर सिस्टम से भी चल सकेंगे। इससे स्टेशन पर बिजली बिल का भार भी कम होगा।