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हापुड़ के प्रीत विहार में किस्त न चुकाने वालों के फ्लैट का आवंटन होगा निरस्त
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बने फ्लैट.
- फोटो : HAPUR
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हापुड़ के प्रीत विहार में किस्त न चुकाने वालों के फ्लैट का आवंटन होगा निरस्त
हापुड़। हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण की आवासीय और भूखंड बिक्री योजना परवान नहीं चढ़ रही है। शासन की ओर से मार्च 2020 को लागू की गई ओटीएस योजना समाप्त होने के बाद प्राधिकरण अब पुराने आवंटनों को निरस्त करने की योजना बना रहा है। दरअसल, ऐसे भूखंडों और फ्लैटों की किस्तें जमा न होने के चलते प्राधिकरण का इन आंवटियों पर 25 करोड़ रुपया बकाया है। प्राधिकरण द्वारा आवंटन निरस्त करने के साथ ऐसे लोगों द्वारा जमा की गई शुरुआती धनराशि को भी जब्त कर लेगा।
हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण द्वारा वर्ष 2014-15 में एमआईजी, एलआईजी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के फ्लैटों का आवंटन किया गया था। इसके बाद प्रीत विहार फेस वन, फेस टू में भी फ्लैटों का निर्माण कर इनका आवंटन किया गया। आवंटन के दौरान आवंटियों ने प्राधिकरण द्वारा निर्धारित धनराशि जमा की थी। लेकिन इसके बाद बहुत से आवंटियों ने इन फ्लैटों में दिलचस्पी नहीं दिखाई।
इसके लिए प्राधिकरण ने एक मुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू की थी। शुरूआत में प्राधिकरण की ओर से 938 बकाएदार आवंटियों को नोटिस के जरिए एवं फोन कर योजना का लाभ लेने को प्रेरित किया गया। इनसे 75.49 करोड़ रुपये वसूली होनी थी। लॉकडाउन हो जाने के कारण शासन ने योजना की अंतिम तिथि 30 सितंबर तक बढ़ा दिया गया। ओटीएस के तहत डिफाल्टर आवंटियों को बकाया जमा कर दंड ब्याज में छूट का लाभ देने का प्रावधान था। लेकिन ओटीएस योजना के तहत केवल 169 बकाएदारों ने ही योजना का लाभ लिया। जबकि 320 आवंटी अभी भी कई बार नोटिस देने के बावजूद कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। जिसके कारण प्राधिकरण का इन लोगों पर करीब 25 करोड़ रुपये बकाया है।
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एचपीडीए के ओएसडी दिनेश कुमार ने बताया कि प्राधिकरण की ओर से ओटीएस योजना का विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार कराया गया था। इसके अलावा 938 बकाएदारों को सूचना दे दी गई थी, लेकिन अभी भी 320 बकाएदारों ने कोई जवाब नहीं दिया है। जिसके चलते अब प्राधिकरण ऐसे बकायेदारों के आवंटन को निरस्त करने की योजना बना रहा है। ऐसेे बकायेदारों की लिस्ट बनाकर इनके आवंटन निरस्त किए जाएंगे और इन भूखंडों और फ्लैट का दोबारा आवंटन किया जाएगा।
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अफोर्डेबल हाउसिंग नीति में दिलचस्पी दिखा रहे लोग
प्राधिकरण के पुरानी आवासीय योजनाओं में लोग दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हों, लेकिन वर्तमान में आधुनिक सुविधाओं से लैस आवासीय योजनाओं में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। जनवरी माह में प्राधिकरण की आनंद विहार की प्रीमियम आवासीय योजना के तहत प्रदेश सरकार की अफोर्डेबल हाउसिंग नीति के अंतर्गत मध्यम आय वर्ग भवनों की योजना की शुरूआत की गई है। इस योजना के अंतर्गत आनंद विहार के एच पॉकेट में छह मंजिलें तीन श्रेणी के मध्यम आय वर्ग भवन निर्मित हैं। छह मंजिला इमारत में लिफ्ट की सुविधा के साथ अपार्टमेंट एक्ट के अनुसार सभी सुविधाएं दी जाएंगी। 31 मार्च तक लोग रियायती दरों पर पहले आओ पहले पाओ के आधार पर अपना मनपसंद फ्लैट प्राप्त कर सकते हैं। अप्रैल से भवनों के मूल्य में वृद्धि संभावित है। इसे देखते हुए इस योजना के तहत आवासों में लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है।
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हापुड़। हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण की आवासीय और भूखंड बिक्री योजना परवान नहीं चढ़ रही है। शासन की ओर से मार्च 2020 को लागू की गई ओटीएस योजना समाप्त होने के बाद प्राधिकरण अब पुराने आवंटनों को निरस्त करने की योजना बना रहा है। दरअसल, ऐसे भूखंडों और फ्लैटों की किस्तें जमा न होने के चलते प्राधिकरण का इन आंवटियों पर 25 करोड़ रुपया बकाया है। प्राधिकरण द्वारा आवंटन निरस्त करने के साथ ऐसे लोगों द्वारा जमा की गई शुरुआती धनराशि को भी जब्त कर लेगा।
हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण द्वारा वर्ष 2014-15 में एमआईजी, एलआईजी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के फ्लैटों का आवंटन किया गया था। इसके बाद प्रीत विहार फेस वन, फेस टू में भी फ्लैटों का निर्माण कर इनका आवंटन किया गया। आवंटन के दौरान आवंटियों ने प्राधिकरण द्वारा निर्धारित धनराशि जमा की थी। लेकिन इसके बाद बहुत से आवंटियों ने इन फ्लैटों में दिलचस्पी नहीं दिखाई।
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इसके लिए प्राधिकरण ने एक मुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू की थी। शुरूआत में प्राधिकरण की ओर से 938 बकाएदार आवंटियों को नोटिस के जरिए एवं फोन कर योजना का लाभ लेने को प्रेरित किया गया। इनसे 75.49 करोड़ रुपये वसूली होनी थी। लॉकडाउन हो जाने के कारण शासन ने योजना की अंतिम तिथि 30 सितंबर तक बढ़ा दिया गया। ओटीएस के तहत डिफाल्टर आवंटियों को बकाया जमा कर दंड ब्याज में छूट का लाभ देने का प्रावधान था। लेकिन ओटीएस योजना के तहत केवल 169 बकाएदारों ने ही योजना का लाभ लिया। जबकि 320 आवंटी अभी भी कई बार नोटिस देने के बावजूद कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। जिसके कारण प्राधिकरण का इन लोगों पर करीब 25 करोड़ रुपये बकाया है।
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एचपीडीए के ओएसडी दिनेश कुमार ने बताया कि प्राधिकरण की ओर से ओटीएस योजना का विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार कराया गया था। इसके अलावा 938 बकाएदारों को सूचना दे दी गई थी, लेकिन अभी भी 320 बकाएदारों ने कोई जवाब नहीं दिया है। जिसके चलते अब प्राधिकरण ऐसे बकायेदारों के आवंटन को निरस्त करने की योजना बना रहा है। ऐसेे बकायेदारों की लिस्ट बनाकर इनके आवंटन निरस्त किए जाएंगे और इन भूखंडों और फ्लैट का दोबारा आवंटन किया जाएगा।
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अफोर्डेबल हाउसिंग नीति में दिलचस्पी दिखा रहे लोग
प्राधिकरण के पुरानी आवासीय योजनाओं में लोग दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हों, लेकिन वर्तमान में आधुनिक सुविधाओं से लैस आवासीय योजनाओं में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। जनवरी माह में प्राधिकरण की आनंद विहार की प्रीमियम आवासीय योजना के तहत प्रदेश सरकार की अफोर्डेबल हाउसिंग नीति के अंतर्गत मध्यम आय वर्ग भवनों की योजना की शुरूआत की गई है। इस योजना के अंतर्गत आनंद विहार के एच पॉकेट में छह मंजिलें तीन श्रेणी के मध्यम आय वर्ग भवन निर्मित हैं। छह मंजिला इमारत में लिफ्ट की सुविधा के साथ अपार्टमेंट एक्ट के अनुसार सभी सुविधाएं दी जाएंगी। 31 मार्च तक लोग रियायती दरों पर पहले आओ पहले पाओ के आधार पर अपना मनपसंद फ्लैट प्राप्त कर सकते हैं। अप्रैल से भवनों के मूल्य में वृद्धि संभावित है। इसे देखते हुए इस योजना के तहत आवासों में लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है।