{"_id":"60411dd28ebc3ec44552f4f1","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd2148389159","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसटीपी का संचालन नहीं होने पर लगेगा जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसटीपी का संचालन नहीं होने पर लगेगा जुर्माना
विज्ञापन
जिला मुख्यालय पर अधिकारियों के साथ बैठक करते डीएम..
- फोटो : HAPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसटीपी का संचालन नहीं होने पर लगेगा जुर्माना
हापुड़। सीवरज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का संचालन बंद करना स्थानीय निकाय को भारी पड़ेगा। प्लांट बंद रहने पर दस लाख और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य नहीं करने पर स्थानीय निकाय पर पांच लाख का जुर्माना वसूलने का शासन ने आदेश जारी किए हैं। इस संबंध में बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय स्थित सभागार कक्ष में डीएम की अध्यक्षता में पर्यावरण एवं गंगा समिति की बैठक का आयोजन किया गया। साथ ही जलस्रोतों के संरक्षण के लिए प्लान तैयार करने के डीएम ने आदेश दिए हैं।
बैठक में डीएम अनुज सिंह ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनपद में स्थित वेटलैंड (जलस्रोतों) की सूची क्षेत्रीय अधिकारी उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गाजियाबाद को जल्द से जल्द उपलब्ध करा दी जाए। वेटलैंड के संरक्षण एवं भूमि चयनित कर एक्शन प्लान भी तैयार किए जाए। इसी क्रम में कार्य योजना के प्रारूप में विभाग से संबंधित कार्यों को शामिल करते हुए कार्य योजना जिला पंचायती राज अधिकारी को भेज दी गई है। सीडीओ ने डीपीआरओ को निर्देश दिए कि वेटलैंड के संरक्षण के संबंध में तैयार की जा रही कार्य योजना ने अपने विभाग के कार्यों को शामिल करते हुए यथा शीघ्र वन विभाग को उपलब्ध कराए। सदस्य सचिव प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य समय अवधि में पूर्ण न किए जाने के कारण पर्यावरणीय क्षति पूर्ति के लिए शासन से निर्देश हैं। इसके अंतर्गत प्रत्येक स्थानीय निकाय पर पांच लाख रुपये प्रतिमाह एसटीपी की दर से जुर्माना वसूल किए जाने का प्रावधान किया गया है और एसटीपी संचालन प्रारंभ ना करने की दशा में प्रत्येक स्थानीय निकाय पर 10 लाख रुपये प्रति माह का दंड शासन द्वारा निर्धारित किया गया है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी से कहा कि जनपद के अंतर्गत 15 वर्ष पुराने पेट्रोल तथा 10 वर्ष पुराने डीजल वाहनों को चयनित करते हुए उनको ब्लैक लिस्ट करते हुए सख्त कार्यवाही की जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने गंगा के आसपास की भूमि को कब्जा मुक्त कराने के साथ उसका उपयोग शासकीय हितों में करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि गंगा के किनारों के चारों ओर खस-खस घास रोपित करें। जिससे नदी से हो रहे कटाव को रोकने के साथ-साथ जनसामान्य में इसकी खेती के प्रति प्रेरणा उत्पन्न हो। जिलाधिकारी ने समस्त अधिकारियों को निर्देश दिए कि पौधरोपण द्वारा जो लक्ष्य विभागों को दिए गए हैं। उनको शत प्रतिशत सही तरीके से पूर्ण कराया जाए। बैठक में एडीएम जयनाथ यादव, एएसपी सर्वेश कुमार मिश्रा, वन अधिकारी दीक्षा भंडारी आदि अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
हापुड़। सीवरज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का संचालन बंद करना स्थानीय निकाय को भारी पड़ेगा। प्लांट बंद रहने पर दस लाख और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य नहीं करने पर स्थानीय निकाय पर पांच लाख का जुर्माना वसूलने का शासन ने आदेश जारी किए हैं। इस संबंध में बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय स्थित सभागार कक्ष में डीएम की अध्यक्षता में पर्यावरण एवं गंगा समिति की बैठक का आयोजन किया गया। साथ ही जलस्रोतों के संरक्षण के लिए प्लान तैयार करने के डीएम ने आदेश दिए हैं।
बैठक में डीएम अनुज सिंह ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनपद में स्थित वेटलैंड (जलस्रोतों) की सूची क्षेत्रीय अधिकारी उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गाजियाबाद को जल्द से जल्द उपलब्ध करा दी जाए। वेटलैंड के संरक्षण एवं भूमि चयनित कर एक्शन प्लान भी तैयार किए जाए। इसी क्रम में कार्य योजना के प्रारूप में विभाग से संबंधित कार्यों को शामिल करते हुए कार्य योजना जिला पंचायती राज अधिकारी को भेज दी गई है। सीडीओ ने डीपीआरओ को निर्देश दिए कि वेटलैंड के संरक्षण के संबंध में तैयार की जा रही कार्य योजना ने अपने विभाग के कार्यों को शामिल करते हुए यथा शीघ्र वन विभाग को उपलब्ध कराए। सदस्य सचिव प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य समय अवधि में पूर्ण न किए जाने के कारण पर्यावरणीय क्षति पूर्ति के लिए शासन से निर्देश हैं। इसके अंतर्गत प्रत्येक स्थानीय निकाय पर पांच लाख रुपये प्रतिमाह एसटीपी की दर से जुर्माना वसूल किए जाने का प्रावधान किया गया है और एसटीपी संचालन प्रारंभ ना करने की दशा में प्रत्येक स्थानीय निकाय पर 10 लाख रुपये प्रति माह का दंड शासन द्वारा निर्धारित किया गया है।
विज्ञापन
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी से कहा कि जनपद के अंतर्गत 15 वर्ष पुराने पेट्रोल तथा 10 वर्ष पुराने डीजल वाहनों को चयनित करते हुए उनको ब्लैक लिस्ट करते हुए सख्त कार्यवाही की जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने गंगा के आसपास की भूमि को कब्जा मुक्त कराने के साथ उसका उपयोग शासकीय हितों में करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि गंगा के किनारों के चारों ओर खस-खस घास रोपित करें। जिससे नदी से हो रहे कटाव को रोकने के साथ-साथ जनसामान्य में इसकी खेती के प्रति प्रेरणा उत्पन्न हो। जिलाधिकारी ने समस्त अधिकारियों को निर्देश दिए कि पौधरोपण द्वारा जो लक्ष्य विभागों को दिए गए हैं। उनको शत प्रतिशत सही तरीके से पूर्ण कराया जाए। बैठक में एडीएम जयनाथ यादव, एएसपी सर्वेश कुमार मिश्रा, वन अधिकारी दीक्षा भंडारी आदि अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन