{"_id":"5fef67438ebc3e3dd43a0c3d","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd211216357","type":"story","status":"publish","title_hn":"घने कोहरे से ढका शहर, कड़ाके की ठंड में ठिठुरे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घने कोहरे से ढका शहर, कड़ाके की ठंड में ठिठुरे लोग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घने कोहरे से ढका शहर, कड़ाके की ठंड में ठिठुरे लोग
हापुड़। नववर्ष के पहले दिन शहर में सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। इस दौरान दृष्यता बेहद कम रही। कोहरे के चलते वाहनों के पहिए भी थम गए। सड़कों पर वाहन रुकते-रेंगते नजर आए। वहीं वाहन चालक दिन में भी लाइट जलाकर चलने को मजबूर रहे। दोपहर करीब 12 बजे तक आसमान में घना कोहरा छाया रहा। इस दौरान चली सर्द हवाओं में भी लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। शाम होते-होते फिर घना कोहरा छा गया। इस दौरान शहर का एक्यूआई भी 156 दर्ज किया गया।
सुबह से ही छाए घने कोहरे के चलते लोगों को थोड़ी दूरी तक देखने में भी परेशानी रही। कोहरे की मार से लोगों को भी कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। कड़ाके की ठंड के आगे लोग बेबस नजर आए। गर्म कपड़ों में भी लोगों को कंपकंपाती ठंड का सामना करना पड़ा। कड़ाके की ठंड ने दिनभर लोगों के छक्के छुड़ाए रखे। करीब एक बजे के आसपास सूर्य नारायण के दर्शन होने पर लोगों ने राहत पाई। धूप में बैठकर सर्दी से राहत पाने का भी प्रयास करते रहे। शाम को शीत लहर चलने से लोगों को गलन भरी ठंड का भी सामना करना पड़ा। शाम को आसमान में फिर से धुंध जैसा नजारा नजर आया। शुक्रवार को हापुड़ का अधिकतम तापमान 17 व 03 डिग्री सेल्सियस रहा। बाबूगढ़ केवीके मौसम वैज्ञानिक हंसराज सिंह ने बताया कि पहाड़ों पर बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में पारा गिरने से लोगों को कड़ाके की ठंड का एहसास हुए रहेगा।
शहर में जलते रहे अलाव
- सर्दी के सितम से लोगों को बचाने के लिए प्रशासन ने अलाव की व्यवस्था भी कराए रखी। शहर में तहसील चौपला, अतरपुरा चौपला, रेलवे रोड सहित अधिकांश स्थानों पर अलाव भी जलते हुए नजर आए। लोगों ने स्वयं की पहल से भी अलाव जलाने की व्यवस्था की। सर्दी से राहत पाने का प्रयास किया।
विज्ञापन
वायु प्रदूषण बढ़ा
- वहीं हापुड़ की हवा में हल्का सा असर भी देखने को मिला। शुक्रवार को हापुड़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक 156 दर्ज किया गया। बृहस्पतिवार के मुकाबले एक्यूआई में करीब 20 बिंदुओं की बढ़ोत्तरी देखने को मिली रही। इससे हापुड़ की हवा सामान्य से करीब चार गुना तक प्रदूषित हो गई।
विज्ञापन
हापुड़। नववर्ष के पहले दिन शहर में सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। इस दौरान दृष्यता बेहद कम रही। कोहरे के चलते वाहनों के पहिए भी थम गए। सड़कों पर वाहन रुकते-रेंगते नजर आए। वहीं वाहन चालक दिन में भी लाइट जलाकर चलने को मजबूर रहे। दोपहर करीब 12 बजे तक आसमान में घना कोहरा छाया रहा। इस दौरान चली सर्द हवाओं में भी लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। शाम होते-होते फिर घना कोहरा छा गया। इस दौरान शहर का एक्यूआई भी 156 दर्ज किया गया।
सुबह से ही छाए घने कोहरे के चलते लोगों को थोड़ी दूरी तक देखने में भी परेशानी रही। कोहरे की मार से लोगों को भी कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। कड़ाके की ठंड के आगे लोग बेबस नजर आए। गर्म कपड़ों में भी लोगों को कंपकंपाती ठंड का सामना करना पड़ा। कड़ाके की ठंड ने दिनभर लोगों के छक्के छुड़ाए रखे। करीब एक बजे के आसपास सूर्य नारायण के दर्शन होने पर लोगों ने राहत पाई। धूप में बैठकर सर्दी से राहत पाने का भी प्रयास करते रहे। शाम को शीत लहर चलने से लोगों को गलन भरी ठंड का भी सामना करना पड़ा। शाम को आसमान में फिर से धुंध जैसा नजारा नजर आया। शुक्रवार को हापुड़ का अधिकतम तापमान 17 व 03 डिग्री सेल्सियस रहा। बाबूगढ़ केवीके मौसम वैज्ञानिक हंसराज सिंह ने बताया कि पहाड़ों पर बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में पारा गिरने से लोगों को कड़ाके की ठंड का एहसास हुए रहेगा।
विज्ञापन
शहर में जलते रहे अलाव
- सर्दी के सितम से लोगों को बचाने के लिए प्रशासन ने अलाव की व्यवस्था भी कराए रखी। शहर में तहसील चौपला, अतरपुरा चौपला, रेलवे रोड सहित अधिकांश स्थानों पर अलाव भी जलते हुए नजर आए। लोगों ने स्वयं की पहल से भी अलाव जलाने की व्यवस्था की। सर्दी से राहत पाने का प्रयास किया।
विज्ञापन
वायु प्रदूषण बढ़ा
- वहीं हापुड़ की हवा में हल्का सा असर भी देखने को मिला। शुक्रवार को हापुड़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक 156 दर्ज किया गया। बृहस्पतिवार के मुकाबले एक्यूआई में करीब 20 बिंदुओं की बढ़ोत्तरी देखने को मिली रही। इससे हापुड़ की हवा सामान्य से करीब चार गुना तक प्रदूषित हो गई।