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गंगा एक्सप्रेस-वे के सत्यापन के लिए हुआ सर्वे
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गंगा एक्सप्रेस-वे के सत्यापन के लिए हुआ सर्वे
हापुड़। मेरठ से प्रयागराज तक जिले से होकर गुजरने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण की तैयारियां तेज हो गई हैं। शनिवार को हापुड़ तहसील में पड़ने वाले सात गांवों में किए गए सर्वे का प्रशासनिक टीम ने सत्यापन किया। जिले में यह हाईवे 29 गांवों से होकर गुजरेगा। इसकी लंबाई 32 किलोमीटर होगी।
मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट एथॉरिटी द्वारा 34 हजार करोड़ रुपये की लागत से किया जाना है। इसे बनाने की तैयारी तो प्रदेश सरकार द्वारा पिछले करीब दो साल से जारी थी।
यूपीडा द्वारा सर्वे के लिए निर्धारित एजेंसी ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। कुछ दिन पहले इसके लिए यूपीडा द्वारा चयनित मध्यप्रदेश की एक प्राइवेट कंपनी द्वारा सर्वे कराया गया था। इस सर्वे के लिए शनिवार को एसडीएम सत्यप्रकाश के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने अभिलेखों से मिलान करते हुए कंपनी द्वारा किए गए सर्वे का सत्यापन किया। टीम ने हापुड़ तहसील के गांव औरंगाबाद, माधापुर मौजमपुर में सत्यापन किया। इस दौरान स्थानीय लोगों मेें उत्सुकता दिखाई दी। एसडीएम ने बताया कि हापुड़ तहसील के सात गांव गंगा एक्सप्रेस-वे में आ रहे हैं। इसमें 96.6 हेक्टेयर एरिया अधिग्रहित किया जाना है। जिसमें गांव औरंगाबाद, मुराद अल्लीपुर, गोहरा आलमगीरपुर, आगापुर सराय, माधापुर मौजमपुर, हाजीपुर व उदयपुर शामिल हैं।
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जबकि हापुड़ में यह हाईवे 29 गांवों से होकर निकलेगा। जिसकी लंबाई यहां 32 किलोमीटर की रहेगी। किसानों से इस हाईवे निर्माण के लिए 418 हेक्टेयर भूमि खरीदी जाएगी। मुख्य बात यह है कि इस बार किसानों से जमीन का अधिग्रहण नहीं होगा, बल्कि भूमि के रेट तय कर सीधे किसानों से बैनामे किए जाएंगे। इससे हाईवे निर्माण में तेजी आएगी।
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हापुड़। मेरठ से प्रयागराज तक जिले से होकर गुजरने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण की तैयारियां तेज हो गई हैं। शनिवार को हापुड़ तहसील में पड़ने वाले सात गांवों में किए गए सर्वे का प्रशासनिक टीम ने सत्यापन किया। जिले में यह हाईवे 29 गांवों से होकर गुजरेगा। इसकी लंबाई 32 किलोमीटर होगी।
मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट एथॉरिटी द्वारा 34 हजार करोड़ रुपये की लागत से किया जाना है। इसे बनाने की तैयारी तो प्रदेश सरकार द्वारा पिछले करीब दो साल से जारी थी।
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यूपीडा द्वारा सर्वे के लिए निर्धारित एजेंसी ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। कुछ दिन पहले इसके लिए यूपीडा द्वारा चयनित मध्यप्रदेश की एक प्राइवेट कंपनी द्वारा सर्वे कराया गया था। इस सर्वे के लिए शनिवार को एसडीएम सत्यप्रकाश के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने अभिलेखों से मिलान करते हुए कंपनी द्वारा किए गए सर्वे का सत्यापन किया। टीम ने हापुड़ तहसील के गांव औरंगाबाद, माधापुर मौजमपुर में सत्यापन किया। इस दौरान स्थानीय लोगों मेें उत्सुकता दिखाई दी। एसडीएम ने बताया कि हापुड़ तहसील के सात गांव गंगा एक्सप्रेस-वे में आ रहे हैं। इसमें 96.6 हेक्टेयर एरिया अधिग्रहित किया जाना है। जिसमें गांव औरंगाबाद, मुराद अल्लीपुर, गोहरा आलमगीरपुर, आगापुर सराय, माधापुर मौजमपुर, हाजीपुर व उदयपुर शामिल हैं।
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जबकि हापुड़ में यह हाईवे 29 गांवों से होकर निकलेगा। जिसकी लंबाई यहां 32 किलोमीटर की रहेगी। किसानों से इस हाईवे निर्माण के लिए 418 हेक्टेयर भूमि खरीदी जाएगी। मुख्य बात यह है कि इस बार किसानों से जमीन का अधिग्रहण नहीं होगा, बल्कि भूमि के रेट तय कर सीधे किसानों से बैनामे किए जाएंगे। इससे हाईवे निर्माण में तेजी आएगी।