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33.96 करोड़ से बनेगा वैट-पूठ मार्ग, 15 गांवों को मिलेगी राहत
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33.96 करोड़ से बनेगा वैट-पूठ मार्ग, 15 गांवों को मिलेगी राहत
हापुड़। लंबे समय से जर्जर हुए वैट से लेकर गंगा ग्राम घोषित पूठ तक की सड़क का निर्माण अगले सप्ताह से शुरू होने जा रहा है। लगभग 33.96 करोड़ की लागत से 25.60 किलोमीटर तक की इस सड़क का निर्माण होने से 15 गांवों के लगभग 50 हजार ग्रामीणों को राहत मिलेगी। कार्यदायी संस्था को नवंबर 2021 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है।
गढ़मुक्तेश्वर के गांव वैट होकर वाया कुटी से गंगा ग्राम घोषित पूठ गांव तक के मार्ग की कुल लंबाई 25.60 किलोमीटर है, जबकि वैट से कुटी तक 15 किलोमीटर और कुटी से पूठ तक दूरी 11 किलोमीटर है। मौजूदा स्थिति में इस मार्ग की चौड़ाई 3.75 मीटर है। यह मार्ग जर्जर हालत में है। जगह-जगह इस मार्ग पर गहरे गड्ढे बने हुए हैं। वाहनों का यहां से निकलना मुश्किल हो रहा है। इस सड़क के निर्माण के लिए काफी दिनों से मांग उठ रही थी। जिसके बाद क्षेत्रीय विधायक कमल सिंह मलिक ने भी इसके लिए काफी प्रयास किए थे।
लोक निर्माण विभाग ने इस मार्ग को 5.5 मीटर चौड़ा कराने के लिए दो साल पहले प्रस्ताव तैयार किया था। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जोत कुमार ने बताया कि शासन ने करीब 33 करोड़ 96 लाख रुपये से बनने वाले इस मार्ग के निर्माण के लिए वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद टेंडर मेरठ की कंपनी को दिया गया है। यह कंपनी अगले सप्ताह इस सड़क का निर्माण शुरू कर देगी। सड़क का निर्माण पूरा करने के लिए नवंबर 2021 तक का लक्ष्य रखा गया है।
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इन गांवों के लोगों को मिलेगा लाभ -
इस मार्ग पर वैट, गंदूनगला, बढ़का नंगला, कन्नौर, देहरा, नानई, बहादुरगढ़, भदस्याना, आलमनगर, नवादा, शंकराटीला अंतिम गांव पूठ है। इन गांवों से यह सड़क होकर निकलेगी। जबकि, इनके निकट गांव खेड़ा, लुहारी, करीमपुर और ढोलपुर गांवों के लोग आवागमन के लिए इस मार्ग का प्रयोग करते हैं। इस मार्ग के बनने से करीब 15 गांवों के 50 हजार से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा।
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आबादी के बीच सीमेंट से बनेगी सड़क -
इस मार्ग के बीच में जहां-जहां गांव की आबादी आएगी, वहां-वहां सीमेंट की सड़क बनाई जाएगी। ताकि, बारिश के पानी या अन्य किसी कारण आसानी से सड़क खराब न हो सके। मार्ग बनने के बाद सफेद रंग की तीन पट्टियां खिंचवाई जाएंगी, जिससे रात में कोहरे के समय वाहन चालक को सड़क दिखाई देती रहे।
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गंगा ग्राम पूठ का है ऐतिहासिक महत्व
गांव पूठ गंगा ग्राम घोषित है। सामान्य गांव होने के साथ साथ पौराणिक महत्व भी है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह स्थान प्राचीन तीर्थ स्थली पुष्पावती धाम पूठ गुरू द्रोणाचार्य की तपोस्थली है। कौरव-पांडवों द्वारा इस स्थान पर शिक्षा ग्रहण की गई थी। महाभारतकाल में योद्धा अश्वत्थामा की जन्मभूमि है। मान्यता भी है कि यह स्थान भक्त ध्रुव की साधना स्थली रही है। गंगा नदी के किनारे होने के कारण इस स्थान का महत्व बढ़ जाता है। यहां पूर्णिमा और अमावस्या के मौके पर लोग गंगा में स्नान करने के लिए आते-जाते हैं। ऐेसे में सड़क का निर्माण होने से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी राहत मिलेगी।
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हापुड़। लंबे समय से जर्जर हुए वैट से लेकर गंगा ग्राम घोषित पूठ तक की सड़क का निर्माण अगले सप्ताह से शुरू होने जा रहा है। लगभग 33.96 करोड़ की लागत से 25.60 किलोमीटर तक की इस सड़क का निर्माण होने से 15 गांवों के लगभग 50 हजार ग्रामीणों को राहत मिलेगी। कार्यदायी संस्था को नवंबर 2021 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है।
गढ़मुक्तेश्वर के गांव वैट होकर वाया कुटी से गंगा ग्राम घोषित पूठ गांव तक के मार्ग की कुल लंबाई 25.60 किलोमीटर है, जबकि वैट से कुटी तक 15 किलोमीटर और कुटी से पूठ तक दूरी 11 किलोमीटर है। मौजूदा स्थिति में इस मार्ग की चौड़ाई 3.75 मीटर है। यह मार्ग जर्जर हालत में है। जगह-जगह इस मार्ग पर गहरे गड्ढे बने हुए हैं। वाहनों का यहां से निकलना मुश्किल हो रहा है। इस सड़क के निर्माण के लिए काफी दिनों से मांग उठ रही थी। जिसके बाद क्षेत्रीय विधायक कमल सिंह मलिक ने भी इसके लिए काफी प्रयास किए थे।
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लोक निर्माण विभाग ने इस मार्ग को 5.5 मीटर चौड़ा कराने के लिए दो साल पहले प्रस्ताव तैयार किया था। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जोत कुमार ने बताया कि शासन ने करीब 33 करोड़ 96 लाख रुपये से बनने वाले इस मार्ग के निर्माण के लिए वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद टेंडर मेरठ की कंपनी को दिया गया है। यह कंपनी अगले सप्ताह इस सड़क का निर्माण शुरू कर देगी। सड़क का निर्माण पूरा करने के लिए नवंबर 2021 तक का लक्ष्य रखा गया है।
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इन गांवों के लोगों को मिलेगा लाभ -
इस मार्ग पर वैट, गंदूनगला, बढ़का नंगला, कन्नौर, देहरा, नानई, बहादुरगढ़, भदस्याना, आलमनगर, नवादा, शंकराटीला अंतिम गांव पूठ है। इन गांवों से यह सड़क होकर निकलेगी। जबकि, इनके निकट गांव खेड़ा, लुहारी, करीमपुर और ढोलपुर गांवों के लोग आवागमन के लिए इस मार्ग का प्रयोग करते हैं। इस मार्ग के बनने से करीब 15 गांवों के 50 हजार से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा।
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आबादी के बीच सीमेंट से बनेगी सड़क -
इस मार्ग के बीच में जहां-जहां गांव की आबादी आएगी, वहां-वहां सीमेंट की सड़क बनाई जाएगी। ताकि, बारिश के पानी या अन्य किसी कारण आसानी से सड़क खराब न हो सके। मार्ग बनने के बाद सफेद रंग की तीन पट्टियां खिंचवाई जाएंगी, जिससे रात में कोहरे के समय वाहन चालक को सड़क दिखाई देती रहे।
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गंगा ग्राम पूठ का है ऐतिहासिक महत्व
गांव पूठ गंगा ग्राम घोषित है। सामान्य गांव होने के साथ साथ पौराणिक महत्व भी है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह स्थान प्राचीन तीर्थ स्थली पुष्पावती धाम पूठ गुरू द्रोणाचार्य की तपोस्थली है। कौरव-पांडवों द्वारा इस स्थान पर शिक्षा ग्रहण की गई थी। महाभारतकाल में योद्धा अश्वत्थामा की जन्मभूमि है। मान्यता भी है कि यह स्थान भक्त ध्रुव की साधना स्थली रही है। गंगा नदी के किनारे होने के कारण इस स्थान का महत्व बढ़ जाता है। यहां पूर्णिमा और अमावस्या के मौके पर लोग गंगा में स्नान करने के लिए आते-जाते हैं। ऐेसे में सड़क का निर्माण होने से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी राहत मिलेगी।