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गंगा एक्सप्रेसवे पर हापुड़ से प्रयागराज तक का सफर होगा सुहावना
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गंगा एक्सप्रेसवे पर हापुड़ से प्रयागराज तक का सफर होगा सुहावना
हापुड़। मेरठ से प्रयागराज तक की यात्रा को सुगम बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण की तैयारी जोरशोर से शुरू कर दी है। हापुड़ जिले में यह हाईवे 29 गांवों से होकर गुजरेगा, जिसकी लंबाई 32 किलोमीटर होगी। इसमें भूमि का अधिग्रहण न कर, इसे सीधे किसानों से खरीदा जाएगा। लखनऊ में हापुड़ के अधिकारियों की बैठक शुक्रवार को संपन्न हो गई।
मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा 34 हजार करोड़ रुपये की लागत से किया जाना है। इस एक्सप्रेसवे को बनाने की तैयारी तो प्रदेश सरकार द्वारा पिछले करीब दो साल से लगातार जारी थी लेकिन विगत दिनों सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस प्रोजेक्ट की घोषणा कर दी।
यूपीडा द्वारा सर्वे के लिए निर्धारित एजेंसी ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यूपीडा ने प्रोजेक्ट के लिए भूमि की उपलब्धता को लेकर शुक्रवार को हापुड़ के एडीएम जयनाथ सिंह यादव, एसडीएम सत्यप्रकाश, एसडीएम गढ़ विजयवर्धन तोमर, तहसीलदार हापुड़ रेणुका दीक्षित, तहसीलदार गढ़ को ट्रेनिंग दी गई, जिसकी अध्यक्षता यूपीडा के अध्यक्ष अवनीश कुमार अवस्थी द्वारा की गई थी।
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बता दें कि हापुड़ में यह हाईवे 29 गांवों से होकर निकलेगा। जिसकी लंबाई यहां 32 किलोमीटर है। किसानों से इस हाईवे निर्माण के लिए 418 हेक्टेयर भूमि खरीदी जाएगी। मुख्य बात यह है कि इस बार किसानों से जमीन का अधिग्रहण नहीं होगा, बल्कि भूमि के रेट तय कर सीधे किसानों से बैनामे किए जाएंगे। इससे हाईवे निर्माण में तेजी आएगी।
एडीएम जयनाथ सिंह यादव ने बताया कि लखनऊ में आयोजित बैठक में गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर सर्वोच्च प्राथमिकता पर जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। बैठक में दिए गए दिशा निर्देशों का जिले में तेजी से पालन कराया जाएगा।
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हापुड़। मेरठ से प्रयागराज तक की यात्रा को सुगम बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण की तैयारी जोरशोर से शुरू कर दी है। हापुड़ जिले में यह हाईवे 29 गांवों से होकर गुजरेगा, जिसकी लंबाई 32 किलोमीटर होगी। इसमें भूमि का अधिग्रहण न कर, इसे सीधे किसानों से खरीदा जाएगा। लखनऊ में हापुड़ के अधिकारियों की बैठक शुक्रवार को संपन्न हो गई।
मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा 34 हजार करोड़ रुपये की लागत से किया जाना है। इस एक्सप्रेसवे को बनाने की तैयारी तो प्रदेश सरकार द्वारा पिछले करीब दो साल से लगातार जारी थी लेकिन विगत दिनों सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस प्रोजेक्ट की घोषणा कर दी।
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यूपीडा द्वारा सर्वे के लिए निर्धारित एजेंसी ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यूपीडा ने प्रोजेक्ट के लिए भूमि की उपलब्धता को लेकर शुक्रवार को हापुड़ के एडीएम जयनाथ सिंह यादव, एसडीएम सत्यप्रकाश, एसडीएम गढ़ विजयवर्धन तोमर, तहसीलदार हापुड़ रेणुका दीक्षित, तहसीलदार गढ़ को ट्रेनिंग दी गई, जिसकी अध्यक्षता यूपीडा के अध्यक्ष अवनीश कुमार अवस्थी द्वारा की गई थी।
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बता दें कि हापुड़ में यह हाईवे 29 गांवों से होकर निकलेगा। जिसकी लंबाई यहां 32 किलोमीटर है। किसानों से इस हाईवे निर्माण के लिए 418 हेक्टेयर भूमि खरीदी जाएगी। मुख्य बात यह है कि इस बार किसानों से जमीन का अधिग्रहण नहीं होगा, बल्कि भूमि के रेट तय कर सीधे किसानों से बैनामे किए जाएंगे। इससे हाईवे निर्माण में तेजी आएगी।
एडीएम जयनाथ सिंह यादव ने बताया कि लखनऊ में आयोजित बैठक में गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर सर्वोच्च प्राथमिकता पर जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। बैठक में दिए गए दिशा निर्देशों का जिले में तेजी से पालन कराया जाएगा।