{"_id":"5fa981ac8ebc3e9c01280e5f","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd2084662170","type":"story","status":"publish","title_hn":"दीपावली से पहले जहरीली हुई हवा, 422 पहुंचा एक्यूआई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दीपावली से पहले जहरीली हुई हवा, 422 पहुंचा एक्यूआई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दीपावली से पहले जहरीली हुई हवा, 422 पहुंचा एक्यूआई
हापुड़। हापुड़ की वायु गुणवत्ता दिन प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। दिल्ली एनसीआर के प्रदूषण का प्रभाव जनपद की हवा पर भी पड़ रहा है। सोमवार को भी हापुड़ का एक्यूआई 400 के पार चला गया। दोपहर में एक्यूआई 422 दर्ज किया गया। जनपद में बढ़ते एक्यूआई को लेकर सरकारी मशीनरी भी सतर्कता बरत रही है। लेकिन इसके बाद भी बढ़ते वायु प्रदूषण पर रोक नहीं लग पा रही है।
हापुड़ की हवा दिल्ली एनसीआर की तरह गंभीर स्थिति में पहुंच रही है। रविवार को शहरवासियों को वायु प्रदूषण में कुछ राहत जरूर मिली थी, लेकिन सोमवार सुबह को घरों से बाहर घूमने निकले लोगों को आंखों में चुभन जैसी समस्या का भी सामना करना पड़ा। सुबह के समय धुंध जैसे हालात भी रहे। सोमवार को हापुड़ का एक्यूआई काफी बिंदुओं की बढ़ोत्तरी के साथ 422 दर्ज किया गया।
वहीं दूसरी ओर बढ़ते एक्यूआई को लेकर सरकारी मशीनरी सतर्क हो, लेकिन धरातल पर लोगों को बढ़ते एक्यूआई से राहत नहीं मिल पा रही है। जानकारों की मानें तो 15 अक्तूबर से ग्रेप नियम लागू होने के बाद भी समस्या बढ़ रही है। ऐसे में ग्रेप, एनजीटी और सरकारी मशीनरी के बीच तालमेल की कमी के चलते भी एक्यूआई प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन
वहीं चिकित्सक भी 400 के पार जाते एक्यूआई को लेकर लोगों से भी एहतियात बरतने की अपील कर रहे हैं। घर से बाहर निकलने पर चश्मा लगाने और मास्क पहनने पर जोर दे रहे हैं। एक्यूआई के बढ़ने का सबसे ज्यादा खामियाजा सांस, दमा के रोगियों व बच्चों भुगतना पड़ सकता है। नियमित योग, गर्म पानी का सेवन भी राहत देगा।
नगर पालिका परिषद हापुड़ के अफसर भी दिल्ली रोड पर पानी के टैंकरों से छिड़काव करा रहे हैं। जिससे दिल्ली रोड पर चल रहे सीवर लाइन निर्माण कार्य की वजह से लोगों को आवागमन में परेशानी नहीं हो। धूल उडने की वजह से बढ़ते एक्यूआई को भी काबू पाया जा सके। कूड़ा जलाने वालों पर भी पालिका टीमें नजर रख रही हैं।
कोट
एडीएम जयनाथ यादव ने बताया कि दिल्ली एनसीआर की आबोहवा का असर हापुड़ में भी दिख रहा है। बढ़ते प्रदूषण को रोकने को ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। सड़कों पर पानी का छिड़काव भी कराया जा रहा है।
विज्ञापन
हापुड़। हापुड़ की वायु गुणवत्ता दिन प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। दिल्ली एनसीआर के प्रदूषण का प्रभाव जनपद की हवा पर भी पड़ रहा है। सोमवार को भी हापुड़ का एक्यूआई 400 के पार चला गया। दोपहर में एक्यूआई 422 दर्ज किया गया। जनपद में बढ़ते एक्यूआई को लेकर सरकारी मशीनरी भी सतर्कता बरत रही है। लेकिन इसके बाद भी बढ़ते वायु प्रदूषण पर रोक नहीं लग पा रही है।
हापुड़ की हवा दिल्ली एनसीआर की तरह गंभीर स्थिति में पहुंच रही है। रविवार को शहरवासियों को वायु प्रदूषण में कुछ राहत जरूर मिली थी, लेकिन सोमवार सुबह को घरों से बाहर घूमने निकले लोगों को आंखों में चुभन जैसी समस्या का भी सामना करना पड़ा। सुबह के समय धुंध जैसे हालात भी रहे। सोमवार को हापुड़ का एक्यूआई काफी बिंदुओं की बढ़ोत्तरी के साथ 422 दर्ज किया गया।
विज्ञापन
वहीं दूसरी ओर बढ़ते एक्यूआई को लेकर सरकारी मशीनरी सतर्क हो, लेकिन धरातल पर लोगों को बढ़ते एक्यूआई से राहत नहीं मिल पा रही है। जानकारों की मानें तो 15 अक्तूबर से ग्रेप नियम लागू होने के बाद भी समस्या बढ़ रही है। ऐसे में ग्रेप, एनजीटी और सरकारी मशीनरी के बीच तालमेल की कमी के चलते भी एक्यूआई प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन
वहीं चिकित्सक भी 400 के पार जाते एक्यूआई को लेकर लोगों से भी एहतियात बरतने की अपील कर रहे हैं। घर से बाहर निकलने पर चश्मा लगाने और मास्क पहनने पर जोर दे रहे हैं। एक्यूआई के बढ़ने का सबसे ज्यादा खामियाजा सांस, दमा के रोगियों व बच्चों भुगतना पड़ सकता है। नियमित योग, गर्म पानी का सेवन भी राहत देगा।
नगर पालिका परिषद हापुड़ के अफसर भी दिल्ली रोड पर पानी के टैंकरों से छिड़काव करा रहे हैं। जिससे दिल्ली रोड पर चल रहे सीवर लाइन निर्माण कार्य की वजह से लोगों को आवागमन में परेशानी नहीं हो। धूल उडने की वजह से बढ़ते एक्यूआई को भी काबू पाया जा सके। कूड़ा जलाने वालों पर भी पालिका टीमें नजर रख रही हैं।
कोट
एडीएम जयनाथ यादव ने बताया कि दिल्ली एनसीआर की आबोहवा का असर हापुड़ में भी दिख रहा है। बढ़ते प्रदूषण को रोकने को ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। सड़कों पर पानी का छिड़काव भी कराया जा रहा है।