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उद्यान विभाग के नोटिस से आलू उत्पादक किसानों में मची खलबली
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उद्यान विभाग के नोटिस से आलू उत्पादक किसानों में मची खलबली
हापुड़। उद्यान विभाग द्वारा शीतगृहों को जारी नोटिस ने आलू उत्पादक किसानों में खलबली मची हुई है। शीतगृहों को 31 अक्तूबर तक समस्त आलू की निकासी के आदेश दिए हैं। किसानों का करीब तीन लाख कट्टा यहां के 15 कोल्ड स्टोरेज में रखा हुआ है। आसमान छूते दामों को नियंत्रित करने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है।
इस वर्ष आलू के बढ़ते दाम से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। कई साल बाद आलू का कट्टा 1600 रुपये के ऊपर बिका है। जहां किसानों को इससे लाभ हुआ है, वहीं आमजन की रसोई का बजट बिगड़ गया है। जिले में आलू के स्टोरेज के लिए 15 शीतगृह हैं। जिनमें एक लाख मिट्रिक टन आलू स्टोरेज की क्षमता है।
अब तक 85 फीसदी आलू की निकासी की जा चुक है। जबकि 15 फीसदी आलू अभी भी शीतगृहों में रखा है। आलू के दाम 1600 रुपये/कट्टा पहुंच गए हैं। ऐसे में उद्यान विभाग ने समस्त शीतगृहों को नोटिस जारी कर, 15 अक्तूबर तक आलू शीतगृहों से बाहर करने के आदेश दिए हैं। मिलों ने किसानों को इस संबंध में सूचित कर दिया है। दो ही दिन शेष रहने के कारण किसानों में हड़कंप मचा हुआ है।
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जिला उद्यान अधिकारी एसके शर्मा ने बताया कि आलू की निकासी को लेकर नोटिस जारी कर दिया गया है। जल्द आदेश का पालन नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी।
उधर, भाकियू भानु के कार्यकर्ता राधेलाल त्यागी ने इसका विरोध किया है। उनका कहना है कि जब आलू के दाम चढ़ रहे हैं और इससे किसानों को लाभ हो रहा है तब अधिकारी व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के लिए आलू निकासी पर जोर दे रहे हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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हापुड़। उद्यान विभाग द्वारा शीतगृहों को जारी नोटिस ने आलू उत्पादक किसानों में खलबली मची हुई है। शीतगृहों को 31 अक्तूबर तक समस्त आलू की निकासी के आदेश दिए हैं। किसानों का करीब तीन लाख कट्टा यहां के 15 कोल्ड स्टोरेज में रखा हुआ है। आसमान छूते दामों को नियंत्रित करने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है।
इस वर्ष आलू के बढ़ते दाम से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। कई साल बाद आलू का कट्टा 1600 रुपये के ऊपर बिका है। जहां किसानों को इससे लाभ हुआ है, वहीं आमजन की रसोई का बजट बिगड़ गया है। जिले में आलू के स्टोरेज के लिए 15 शीतगृह हैं। जिनमें एक लाख मिट्रिक टन आलू स्टोरेज की क्षमता है।
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अब तक 85 फीसदी आलू की निकासी की जा चुक है। जबकि 15 फीसदी आलू अभी भी शीतगृहों में रखा है। आलू के दाम 1600 रुपये/कट्टा पहुंच गए हैं। ऐसे में उद्यान विभाग ने समस्त शीतगृहों को नोटिस जारी कर, 15 अक्तूबर तक आलू शीतगृहों से बाहर करने के आदेश दिए हैं। मिलों ने किसानों को इस संबंध में सूचित कर दिया है। दो ही दिन शेष रहने के कारण किसानों में हड़कंप मचा हुआ है।
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जिला उद्यान अधिकारी एसके शर्मा ने बताया कि आलू की निकासी को लेकर नोटिस जारी कर दिया गया है। जल्द आदेश का पालन नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी।
उधर, भाकियू भानु के कार्यकर्ता राधेलाल त्यागी ने इसका विरोध किया है। उनका कहना है कि जब आलू के दाम चढ़ रहे हैं और इससे किसानों को लाभ हो रहा है तब अधिकारी व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के लिए आलू निकासी पर जोर दे रहे हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।