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हापुड़ डिवीजन के 161 उपभोक्ताओं के बिलों में चार्ज की करोड़ों की स्टोर यूनिट
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एसई कार्यालय पर तालाबंदी करते कार्यकर्ता
- फोटो : HAPUR
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मीटर में स्टोर यूनिट के नाम पर 165 उपभोक्ताओं को भेजा करोड़ों का बिल
हापुड़। पावर कॉरपोरेशन के हापुड़ डिवीजन क्षेत्र में मीटरों के साथ छेड़छाड़ कर रीडिंग स्टोर करने के मामलों की जांच शुरू होते ही मीटर रीडरों ने अपनी जान बचाने के लिए करीब 161 उपभोक्ताओं के बिलों में करोड़ों रुपये की यूनिट चार्ज कर दी हैं। इतने बड़े मामले में अधिकारियों की लापरवाही को देखते हुए राष्ट्रीय युवा हिंदु वाहिनी के पदाधिकारियों ने एसई कार्यालय पर हंगामा किया। किसी अधिकारी के नहीं पहुंचने पर वहां तालाबंदी कर दी गई। मामला एमडी कार्यालय तक पहुंचा तो एमडी ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। आनन फानन में एक्सईएन ने मौके पर पहुंचकर, कार्रवाई का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि हापुड़ डिवीजन क्षेत्र में बिलिंग कंपनी के अधिकारी/कर्मचारी सांठगांठ कर निगम को राजस्व चूना लगा रहे हैं। मीटर में छेड़छाड़ के मामले में हुई जांच के दौरान कई मीटर ऐसे मिले जिनमें रीडिंग स्टोर थीं और कई मीटर नो डिस्प्ले भी मिले, जिनके ओके स्टेटस के बिल जारी कर दिए गए थे।
इस मामले में निगम अधिकारियों द्वारा भले ही कुछ मीटर रीडरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है और बिलिंग कंपनी से रिकवरी वसूली गई है। लेकिन जांच अभी भी कछुआ गति से चल रही है। आलम यह है कि इन दिनों मीटर रीडरों ने अपनी जान बचाने के लिए करीब 161 उपभोक्ताओं के बिलों में करोड़ों रुपये की यूनिट चार्ज कर दी हैं। इसकी लिस्ट भी अधिकारियों के पास मौजूद है।
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इसके विरोध में शनिवार को राष्ट्रीय युवा हिंदु वाहिनी के कार्यकर्ता एसई कार्यालय पहुंचे। लेकिन वहां कोई अधिकारी नहीं मिला। विरोध में कार्यकर्ताओं ने कार्यालय पर तालाबंदी कर दी। वाहिनी के जिलाध्यक्ष रितिक त्यागी ने पूरे मामले की जानकारी पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी को दी।
एमडी द्वारा स्थानीय अधिकारियों को हड़काया गया। जिसके बाद अधिशासी अभियंता मनोज कुमार मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं की बात सुनी। अधिशासी अभियंता ने इस मामले की जानकारी के लिए बिंलिंग कंपनी के सर्किल इंचार्ज मदन मोहन गांधी व सुपरवाइजर गौरव कुमार को तत्काल बुलाया। लेकिन वह मौके पर नहीं आ सके, इस पर एक्सईएन भड़क भी उठे। हालांकि मामले की जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
इस दौरान रितिक त्यागी, विवेक शास्त्री, ताराचंद शास्त्री, अमित राजपूत, रोहित, रोहन, विपुल, विवेक, गोपाल, हिमांशु प्रजापति, तुषार, रविंद्र, गोपाल, सागर प्रजापति, विकास प्रजापति, आशीष शर्मा, दीपक कर्दम, शिवम आदि मौजूद रहे।
1090 उपभोक्ताओं को जारी कर दिए आरडीएफ के बिल-
मीटरों की जांच जब से शुरू हुई है तब से इस गोरखधंधे में जुटे कर्मियों के मंसूबे ढीले पड़ने लगे हैं। अपनी जान बचाने के लिए मीटर रीडरों ने करीब 1090 उपभोक्ताओं को आरडीएफ के बिल बनाकर भेज दिए। यह एक महीने के अंदर ही किया गया, जो बड़े घपले को दर्शाता है।
बिलिंग कंपनी के अधिकारी नहीं करते कार्रवाई
बिलिंग कंपनी पर अपने ही कुछ कर्मियों की मिलीभगत के चलते दो बार लाखों रुपये की रिकवरी हो चुकी है। लेकिन कंपनी के उच्चाधिकारी अभी भी अंजान बने बैठे हैं, इससे सवालिया निशान लग रहा है।
अधिकारी कहिन-
अधिशासी अभियंता मनोज कुमार ने बताया मीटरों की जांच कराई जा रही है। इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। उचित कार्रवाई अमल में लायी जाएगी, किसी तरह की ढिलाई नहीं होगी।
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हापुड़। पावर कॉरपोरेशन के हापुड़ डिवीजन क्षेत्र में मीटरों के साथ छेड़छाड़ कर रीडिंग स्टोर करने के मामलों की जांच शुरू होते ही मीटर रीडरों ने अपनी जान बचाने के लिए करीब 161 उपभोक्ताओं के बिलों में करोड़ों रुपये की यूनिट चार्ज कर दी हैं। इतने बड़े मामले में अधिकारियों की लापरवाही को देखते हुए राष्ट्रीय युवा हिंदु वाहिनी के पदाधिकारियों ने एसई कार्यालय पर हंगामा किया। किसी अधिकारी के नहीं पहुंचने पर वहां तालाबंदी कर दी गई। मामला एमडी कार्यालय तक पहुंचा तो एमडी ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। आनन फानन में एक्सईएन ने मौके पर पहुंचकर, कार्रवाई का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि हापुड़ डिवीजन क्षेत्र में बिलिंग कंपनी के अधिकारी/कर्मचारी सांठगांठ कर निगम को राजस्व चूना लगा रहे हैं। मीटर में छेड़छाड़ के मामले में हुई जांच के दौरान कई मीटर ऐसे मिले जिनमें रीडिंग स्टोर थीं और कई मीटर नो डिस्प्ले भी मिले, जिनके ओके स्टेटस के बिल जारी कर दिए गए थे।
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इस मामले में निगम अधिकारियों द्वारा भले ही कुछ मीटर रीडरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है और बिलिंग कंपनी से रिकवरी वसूली गई है। लेकिन जांच अभी भी कछुआ गति से चल रही है। आलम यह है कि इन दिनों मीटर रीडरों ने अपनी जान बचाने के लिए करीब 161 उपभोक्ताओं के बिलों में करोड़ों रुपये की यूनिट चार्ज कर दी हैं। इसकी लिस्ट भी अधिकारियों के पास मौजूद है।
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इसके विरोध में शनिवार को राष्ट्रीय युवा हिंदु वाहिनी के कार्यकर्ता एसई कार्यालय पहुंचे। लेकिन वहां कोई अधिकारी नहीं मिला। विरोध में कार्यकर्ताओं ने कार्यालय पर तालाबंदी कर दी। वाहिनी के जिलाध्यक्ष रितिक त्यागी ने पूरे मामले की जानकारी पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी को दी।
एमडी द्वारा स्थानीय अधिकारियों को हड़काया गया। जिसके बाद अधिशासी अभियंता मनोज कुमार मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं की बात सुनी। अधिशासी अभियंता ने इस मामले की जानकारी के लिए बिंलिंग कंपनी के सर्किल इंचार्ज मदन मोहन गांधी व सुपरवाइजर गौरव कुमार को तत्काल बुलाया। लेकिन वह मौके पर नहीं आ सके, इस पर एक्सईएन भड़क भी उठे। हालांकि मामले की जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
इस दौरान रितिक त्यागी, विवेक शास्त्री, ताराचंद शास्त्री, अमित राजपूत, रोहित, रोहन, विपुल, विवेक, गोपाल, हिमांशु प्रजापति, तुषार, रविंद्र, गोपाल, सागर प्रजापति, विकास प्रजापति, आशीष शर्मा, दीपक कर्दम, शिवम आदि मौजूद रहे।
1090 उपभोक्ताओं को जारी कर दिए आरडीएफ के बिल-
मीटरों की जांच जब से शुरू हुई है तब से इस गोरखधंधे में जुटे कर्मियों के मंसूबे ढीले पड़ने लगे हैं। अपनी जान बचाने के लिए मीटर रीडरों ने करीब 1090 उपभोक्ताओं को आरडीएफ के बिल बनाकर भेज दिए। यह एक महीने के अंदर ही किया गया, जो बड़े घपले को दर्शाता है।
बिलिंग कंपनी के अधिकारी नहीं करते कार्रवाई
बिलिंग कंपनी पर अपने ही कुछ कर्मियों की मिलीभगत के चलते दो बार लाखों रुपये की रिकवरी हो चुकी है। लेकिन कंपनी के उच्चाधिकारी अभी भी अंजान बने बैठे हैं, इससे सवालिया निशान लग रहा है।
अधिकारी कहिन-
अधिशासी अभियंता मनोज कुमार ने बताया मीटरों की जांच कराई जा रही है। इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। उचित कार्रवाई अमल में लायी जाएगी, किसी तरह की ढिलाई नहीं होगी।