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भ्रष्टाचार के मामले में अयोध्यापुरी चौकी प्रभारी सस्पेंड
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भ्रष्टाचार के मामले में अयोध्यापुरी चौकी प्रभारी सस्पेंड
हापुड़। युवती के अपहरण के मामले में दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता होने के बावजूद एक लाख की रिश्वत मांगने वाले चौकी इंचार्ज पर गाज गिर गई है। जांच के बाद एसपी संजीव सुमन ने आरोपी दरोगा को सस्पेंड कर दिया। इसके अलावा दरोगा के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं। कार्रवाई से जनपद के भ्रष्ट पुलिसकर्मियों में हड़कंप की स्थिति है।
थाना देहात के एक मोहल्ला निवासी युवती प्रेम प्रसंग में बाबूगढ़ क्षेत्र के गांव के युवक के साथ घर से फरार हो गई थी। इस मामले में युवती पक्ष के लोगों ने देहात थाने में अपहरण करने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी। लेकिन कुछ दिन बाद दोनों वापस लौट आए। युवक के लौटने के बाद दोनों पक्ष युवक-युवती का विवाह कराने के लिए राजी हो गए और लिखित में समझौता जांच अधिकारी रहे अयोध्यापुरी चौकी इंचार्ज नवीन गौतम को सौंप दिया।
आरोप था कि चौकी इंचार्ज ने समझौते के बाद आरोपी युवक को थाने बुलाकर हवालात में बंद कर दिया। इसके बाद युवक के भाई से 50 हजार रुपये बतौर रिश्वत ले लिए और युवक को छोड़ने की एवज में एक लाख रुपये की और मांग कर दी। इतना ही नहीं युवक को तीन दिन तक अवैध हिरासत में रखा गया। इस संबंध में पीड़ित पक्ष के लोगों ने आईजी व एसपी से शिकायत की थी। इस समाचार को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए आरोपी युवक के भाई की पीड़ा व्यक्त की थी।
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एसपी संजीव सुमन ने बताया कि इस मामले में शिकायत मिली थी। जिसकी जांच में आरोपी सही पाए जाने पर रिश्वतखोरी के आरोप में चौकी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया गया है। चौकी प्रभारी के खिलाफ विभागीय जांच कराई जा रही है।
देहात थाने में खुलेआम चलता है रिश्वतखोरी का खेल
एसपी संजीव सुमन द्वारा देहात थाना क्षेत्र की अयोध्यापुरी चौकी प्रभारी के खिलाफ की गई कार्रवाई से भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों में कुछ दहशत जरूर हुई होगी, लेकिन यह कार्रवाई नाकाफी है। अभी कुछ और पुलिस अधिकारी थाने में खुलेआम रिश्वत ले रहे हैं। देहात थाने की बात करें तो यहां रिश्वत लेने का खुलेआम खेल होता है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपी युवक तीन दिन तक लॉकअप में बंद रहा और थाना प्रभारी भी जानबूझकर अंजान बने रहे। इसके अलावा हाल ही में एक गांव में दो भाइयों के बीच हुई मामूली मारपीट के मामले में समझौते के लिए राजी होने के बावजूद एक दरोगा ने दोनों पक्षों को धमकाकर दस हजार रुपये की रिश्वत ले ली। जानकारी के अनुसार देहात थाने के आसपास ऐसे दलाल सक्रिय हैं, जो रिश्वतखोरी के इस खेल में बराबर के भागीदार भी हैं। हाल ही में देहात थाना क्षेत्र के ही ततारपुर बाईपास पर एक होमगार्ड और बाबूगढ़ थाना क्षेत्र की कुचेसर रोड चौपला चौकी पर एक सिपाही की ट्रक से अवैध उगाही करते हुए वीडियो वायरल हुई थी। लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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हापुड़। युवती के अपहरण के मामले में दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता होने के बावजूद एक लाख की रिश्वत मांगने वाले चौकी इंचार्ज पर गाज गिर गई है। जांच के बाद एसपी संजीव सुमन ने आरोपी दरोगा को सस्पेंड कर दिया। इसके अलावा दरोगा के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं। कार्रवाई से जनपद के भ्रष्ट पुलिसकर्मियों में हड़कंप की स्थिति है।
थाना देहात के एक मोहल्ला निवासी युवती प्रेम प्रसंग में बाबूगढ़ क्षेत्र के गांव के युवक के साथ घर से फरार हो गई थी। इस मामले में युवती पक्ष के लोगों ने देहात थाने में अपहरण करने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी। लेकिन कुछ दिन बाद दोनों वापस लौट आए। युवक के लौटने के बाद दोनों पक्ष युवक-युवती का विवाह कराने के लिए राजी हो गए और लिखित में समझौता जांच अधिकारी रहे अयोध्यापुरी चौकी इंचार्ज नवीन गौतम को सौंप दिया।
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आरोप था कि चौकी इंचार्ज ने समझौते के बाद आरोपी युवक को थाने बुलाकर हवालात में बंद कर दिया। इसके बाद युवक के भाई से 50 हजार रुपये बतौर रिश्वत ले लिए और युवक को छोड़ने की एवज में एक लाख रुपये की और मांग कर दी। इतना ही नहीं युवक को तीन दिन तक अवैध हिरासत में रखा गया। इस संबंध में पीड़ित पक्ष के लोगों ने आईजी व एसपी से शिकायत की थी। इस समाचार को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए आरोपी युवक के भाई की पीड़ा व्यक्त की थी।
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एसपी संजीव सुमन ने बताया कि इस मामले में शिकायत मिली थी। जिसकी जांच में आरोपी सही पाए जाने पर रिश्वतखोरी के आरोप में चौकी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया गया है। चौकी प्रभारी के खिलाफ विभागीय जांच कराई जा रही है।
देहात थाने में खुलेआम चलता है रिश्वतखोरी का खेल
एसपी संजीव सुमन द्वारा देहात थाना क्षेत्र की अयोध्यापुरी चौकी प्रभारी के खिलाफ की गई कार्रवाई से भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों में कुछ दहशत जरूर हुई होगी, लेकिन यह कार्रवाई नाकाफी है। अभी कुछ और पुलिस अधिकारी थाने में खुलेआम रिश्वत ले रहे हैं। देहात थाने की बात करें तो यहां रिश्वत लेने का खुलेआम खेल होता है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपी युवक तीन दिन तक लॉकअप में बंद रहा और थाना प्रभारी भी जानबूझकर अंजान बने रहे। इसके अलावा हाल ही में एक गांव में दो भाइयों के बीच हुई मामूली मारपीट के मामले में समझौते के लिए राजी होने के बावजूद एक दरोगा ने दोनों पक्षों को धमकाकर दस हजार रुपये की रिश्वत ले ली। जानकारी के अनुसार देहात थाने के आसपास ऐसे दलाल सक्रिय हैं, जो रिश्वतखोरी के इस खेल में बराबर के भागीदार भी हैं। हाल ही में देहात थाना क्षेत्र के ही ततारपुर बाईपास पर एक होमगार्ड और बाबूगढ़ थाना क्षेत्र की कुचेसर रोड चौपला चौकी पर एक सिपाही की ट्रक से अवैध उगाही करते हुए वीडियो वायरल हुई थी। लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।