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एलआईसी कर्मचारियों ने दूसरे दिन की सांकेतिक हड़ताल
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एलआईसी कर्मचारियों ने की सांकेतिक हड़ताल
हापुड़। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की हिस्सेदारी बेचने को लेकर कर्मचारियों ने मंगलवार को दूसरे दिन आवास विकास स्थित कार्यालय पर एक घंटे की सांकेतिक हड़ताल की। कर्मचारियों ने एलआईसी मेें आईपीओ (इनिशियल पब्लिक ऑफर) लाए जाने के फैसले को वापस लेने की मांग की। वहीं सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
मेरठ डिवीजन इंश्योरेंस एम्पलाय यूनियन (एमडीआईईयू) के मंडल उपाध्यक्ष पुनीत कुमार ने कहा कि एलआईसी ने सरकार को इतना दिया है कि सरकार को आईपीओ जारी करने की आवश्यकता नहीं है। पिछले वर्ष 2400 करोड़ डिविडेंड दिया। इस वर्ष 2819 करोड़ का डिविडेंड दिया है। पिछले पांच साल में 1.5 लाख करोड़ की मदद की। अब सरकार द्वारा एलआईसी में अपने हिस्सेदारी बेचे जाने का फैसला अनुचित है। सरकार के इस फैसले से पूंजीपतियों को ही लाभ मिलेगा। यह सरकार का पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की चाल है। इससे एलआईसी संपत्ति पर निजी घरानों का कब्जा होने का रास्ता भी खुलेगा। कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों पर जमकर हमला बोला।
प्रदर्शन में शशि पाल सिंह, जयवीर सिंह, नेपाल सिंह, हरवीर सिंह, केपी सिंह, सावन पाल, हरिओम, प्रदीप, कुलदीप, शकील, बाबू खान, बलराज, राकेश, पंकज, दीपक, सोमवीर, दीपा, ममता, चंचल, रविंद्र, सतेंद्र आदि रहे।
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हापुड़। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की हिस्सेदारी बेचने को लेकर कर्मचारियों ने मंगलवार को दूसरे दिन आवास विकास स्थित कार्यालय पर एक घंटे की सांकेतिक हड़ताल की। कर्मचारियों ने एलआईसी मेें आईपीओ (इनिशियल पब्लिक ऑफर) लाए जाने के फैसले को वापस लेने की मांग की। वहीं सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
मेरठ डिवीजन इंश्योरेंस एम्पलाय यूनियन (एमडीआईईयू) के मंडल उपाध्यक्ष पुनीत कुमार ने कहा कि एलआईसी ने सरकार को इतना दिया है कि सरकार को आईपीओ जारी करने की आवश्यकता नहीं है। पिछले वर्ष 2400 करोड़ डिविडेंड दिया। इस वर्ष 2819 करोड़ का डिविडेंड दिया है। पिछले पांच साल में 1.5 लाख करोड़ की मदद की। अब सरकार द्वारा एलआईसी में अपने हिस्सेदारी बेचे जाने का फैसला अनुचित है। सरकार के इस फैसले से पूंजीपतियों को ही लाभ मिलेगा। यह सरकार का पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की चाल है। इससे एलआईसी संपत्ति पर निजी घरानों का कब्जा होने का रास्ता भी खुलेगा। कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों पर जमकर हमला बोला।
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प्रदर्शन में शशि पाल सिंह, जयवीर सिंह, नेपाल सिंह, हरवीर सिंह, केपी सिंह, सावन पाल, हरिओम, प्रदीप, कुलदीप, शकील, बाबू खान, बलराज, राकेश, पंकज, दीपक, सोमवीर, दीपा, ममता, चंचल, रविंद्र, सतेंद्र आदि रहे।
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