{"_id":"5ddc1bb68ebc3e548a693020","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd1889982123","type":"story","status":"publish","title_hn":"गन्ना भुगतान पर बिफरी भाकियू, गढ़ विधायक की गाड़ी को रोका, नारेबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गन्ना भुगतान पर बिफरी भाकियू, गढ़ विधायक की गाड़ी को रोका, नारेबाजी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गन्ना भुगतान पर बिफरी भाकियू, गढ़ विधायक की गाड़ी रोकी
हापुड़। गन्ना भुगतान न होने के विरोध में सोमवार को भाकियू कार्यकर्ता भड़क उठे। जिला मुख्यालय पर जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान वहां पहुंचे गढ़ विधायक की गाड़ी को रोक लिया। लेकिन विधायक दूसरी गाड़ी से वहां से निकल गए। कुछ देर बाद वह फिर से किसानों के बीच पहुंचे तो उन्हें रोष सहना पड़ा। इसी दौरान वार्ता करने पहुंचे जिला गन्ना अधिकारी को भी कार्यकर्ताओं ने बंधक बना लिया। शुगर मिल और जिला प्रशासन पर सांठगांठ का आरोप भी लगाया। हालांकि आश्वासन के बाद भाकियू कार्यकर्ता शांत हुए।
उल्लेखनीय है कि जिले के किसानों को अभी बीते पेराई सत्र का भी भुगतान नहीं मिल सका है। यह हाल तब है जब शासन 14 दिन के अंदर गन्ना भुगतान करने के आदेश कर चुका है। संबंधित विभाग भी शासन के आदेशों को गंभीरता से नहीं ले रहे। जिसके चलते मिल प्रबंधन के मंसूबे बढ़ रहे हैं।
इसके विरोध में सोमवार को भाकियू कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी। कार्यकर्ताओं के पहुंचने से पहले की डीएम कार्यालय से निकल चुकी थी। इस बीच गढ़ विधायक वहां पहुंचे तो किसानों ने भुगतान संबंधी समस्या उनके सामने रखी। हंगामा बढ़ा तो विधायक जाने लगे। लेकिन कार्यकर्ता उनकी गाड़ी के आगे बैठ गए। विधायक किसी अन्य गाड़ी में बैठकर वहां से बाहर निकले।
विज्ञापन
हालांकि कुछ देर बाद जब वह फिर से किसानों के बीच पहुंचे तो उन्हें काफी रोष सहना पड़ा। आश्वासन देने के बावजूद भी किसान असंतोष जता रहे थे। इसी बीच जिला गन्ना अधिकारी को भी किसानों ने बंधक बना लिया और शुगर मिल व जिला प्रशासन पर सांठगांठ का आरोप लगा हंगामा शुरू कर दिया।
भाकियू जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री ने कहा कि शासन भी किसानों को गन्ना भुगतान कराने का झूठा दावा कर रहा है। मिलों पर कार्रवाई का दावा किया जाता है, लेकिन होता कुछ नहीं है। बैंक, बिजली विभाग अपने पैसे के लिए किसानों को आरसी जारी करा रहे हैं। लेकिन किसान के पैसे की जिम्मेदारी कोई नहीं लेता।
जिला मुख्यालय पर करीब चार घंटे तक किसान जमे रहे और भुगतान की मांग उठाते रहे। जिला गन्ना अधिकारी द्वारा कार्रवाई की साक्ष्य दिखाने व जल्द भुगतान कराने के आश्वासन पर कार्यकर्ता शांत हुए। जल्द राहत नहीं मिलने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी है।
हंगामा करने वालों में सतवीर सिंह, कुशलपाल आर्य, जतिन चौधरी, चौधरी यशवीर सिंह, समरपाल सिंह, बलराज सिंह, इंद्रराज सिंह, डा.धनवीर सिंह, कमल सिंह, टेनपाल, हाजी कौसर, एसपी कर्दम, हरेंद्र प्रधान, हरेंद्र उबारपुर, सुरेंद्र चौहान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
हापुड़। गन्ना भुगतान न होने के विरोध में सोमवार को भाकियू कार्यकर्ता भड़क उठे। जिला मुख्यालय पर जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान वहां पहुंचे गढ़ विधायक की गाड़ी को रोक लिया। लेकिन विधायक दूसरी गाड़ी से वहां से निकल गए। कुछ देर बाद वह फिर से किसानों के बीच पहुंचे तो उन्हें रोष सहना पड़ा। इसी दौरान वार्ता करने पहुंचे जिला गन्ना अधिकारी को भी कार्यकर्ताओं ने बंधक बना लिया। शुगर मिल और जिला प्रशासन पर सांठगांठ का आरोप भी लगाया। हालांकि आश्वासन के बाद भाकियू कार्यकर्ता शांत हुए।
उल्लेखनीय है कि जिले के किसानों को अभी बीते पेराई सत्र का भी भुगतान नहीं मिल सका है। यह हाल तब है जब शासन 14 दिन के अंदर गन्ना भुगतान करने के आदेश कर चुका है। संबंधित विभाग भी शासन के आदेशों को गंभीरता से नहीं ले रहे। जिसके चलते मिल प्रबंधन के मंसूबे बढ़ रहे हैं।
विज्ञापन
इसके विरोध में सोमवार को भाकियू कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी। कार्यकर्ताओं के पहुंचने से पहले की डीएम कार्यालय से निकल चुकी थी। इस बीच गढ़ विधायक वहां पहुंचे तो किसानों ने भुगतान संबंधी समस्या उनके सामने रखी। हंगामा बढ़ा तो विधायक जाने लगे। लेकिन कार्यकर्ता उनकी गाड़ी के आगे बैठ गए। विधायक किसी अन्य गाड़ी में बैठकर वहां से बाहर निकले।
विज्ञापन
हालांकि कुछ देर बाद जब वह फिर से किसानों के बीच पहुंचे तो उन्हें काफी रोष सहना पड़ा। आश्वासन देने के बावजूद भी किसान असंतोष जता रहे थे। इसी बीच जिला गन्ना अधिकारी को भी किसानों ने बंधक बना लिया और शुगर मिल व जिला प्रशासन पर सांठगांठ का आरोप लगा हंगामा शुरू कर दिया।
भाकियू जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री ने कहा कि शासन भी किसानों को गन्ना भुगतान कराने का झूठा दावा कर रहा है। मिलों पर कार्रवाई का दावा किया जाता है, लेकिन होता कुछ नहीं है। बैंक, बिजली विभाग अपने पैसे के लिए किसानों को आरसी जारी करा रहे हैं। लेकिन किसान के पैसे की जिम्मेदारी कोई नहीं लेता।
जिला मुख्यालय पर करीब चार घंटे तक किसान जमे रहे और भुगतान की मांग उठाते रहे। जिला गन्ना अधिकारी द्वारा कार्रवाई की साक्ष्य दिखाने व जल्द भुगतान कराने के आश्वासन पर कार्यकर्ता शांत हुए। जल्द राहत नहीं मिलने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी है।
हंगामा करने वालों में सतवीर सिंह, कुशलपाल आर्य, जतिन चौधरी, चौधरी यशवीर सिंह, समरपाल सिंह, बलराज सिंह, इंद्रराज सिंह, डा.धनवीर सिंह, कमल सिंह, टेनपाल, हाजी कौसर, एसपी कर्दम, हरेंद्र प्रधान, हरेंद्र उबारपुर, सुरेंद्र चौहान आदि मौजूद रहे।