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सरकारी मशीनरी की सुस्ती से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की प्रगति धीमी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 30 Aug 2019 11:39 PM IST
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hapur news
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की प्रगति धीमी
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हापुड़। सरकारी मशीनरी ही मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को पलीता लगा रही है। समाज कल्याण विभाग को संबंधित विभागों ने महज अभी तक दो ही आवेदन भेजे हैं। विभागों की सुस्ती को लेकर समाज कल्याण अधिकारी ने नाराजगी भी जताई है। इससे सितंबर माह में विवाह कैंप लगने की संभावना कम ही है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत गरीब जोड़ों का विवाह कराया जाता है। पात्र जोड़े को शासन से आर्थिक मदद भी जाती है। जनपद में भी योजना का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। समय-समय पर विवाह कैंपों का आयोजन भी कराया जा रहा है। वहीं सितंबर माह में आयोजित होने वाले विवाह कैंप के लिए समाज कल्याण विभाग को महज दो ही आवेदन पत्र मिले हैं। आवेदन पत्रों की संख्या काफी कम रहने से कैंप के आयोजन पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं। कम आवेदनों ने समाज कल्याण विभाग अधिकारियों को परेशानी में डाल दिया है।
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समाज कल्याण अधिकारी ने जिला पंचायत, पिलखुवा, हापुड़, गढ़मुक्तेश्वर नगर पालिका, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत, खंड विकास अधिकारियों को पत्र लिखा है। उन्होंने पांच सितंबर तक आवेदन पत्रों की जानकारी कार्यालय को उपलब्ध कराने की मांग की है।
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कोट
जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी ने बताया कि सितंबर माह में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत विवाह कैंप का आयोजन होना प्रस्तावित है। विभागों से कम आवेदन पत्र मिलने के कारण पत्र लिखा गया है। इससे निर्धारित तिथि पर कैंप का आयोजन कराया जा सके।
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