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लखनऊ तक पहुंचा 1.28 अरब के बिल का मामला
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लखनऊ तक पहुंचा 1.28 अरब के बिल का मामला
हापुड़। चमरी निवासी एक व्यक्ति को 1.28 अरब रुपये का विद्युत बिल भेजने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। लखनऊ में ऊर्जा निगम के चेयरमैन की बैठक में भी इस मुद्दे पर संज्ञान लिया गया। अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए। आनन फानन में बिल को संशोधित करा दिया गया है, 3136 रुपये का बिल बनाया गया है।
उल्लेखनीय है कि बिजली निगम के मीटर रीडर द्वारा मोहल्ला चमरी निवासी एक व्यक्ति को दो किलोवाट के घरेलू कनेक्शन का 1.28 अरब रुपये का विद्युत बिल जारी किया गया था। बिल को संशोधित कराने के लिए उपभोक्ता को निगम कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। इस मामले को अमर उजाला ने 20 जुलाई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। उच्चाधिकारियों ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए मीटर रीडर से जवाब तलब किया है। उधर, लखनऊ में ऊर्जा विभाग के चेयरमैन ने अधिकारियों की बैठक लेते समय हापुड़ के इस मुद्दे पर संज्ञान लिया और उच्चाधिकारियों से इस समस्या पर ध्यान देने की बात कही। इसके बाद से स्थानीय अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। आनन फानन में बिल को संशोधित करा, बिल को 3136 रुपये का बना दिया गया है, जिससे उपभोक्ता को राहत मिली है। अधिशासी अभियंता पीके गौतम का कहना है कि बिल में तकनीकी खामी के चलते बकायेदारी 1.28 अरब दिखा दिया गया था। इस मामले में मीटर रीडर से जवाब तलब किया है। इस तरह की लापरवाही भविष्य में न हो, इस संबंध में मीटर रीडिरों को निर्देशित कर दिया गया है।
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हापुड़। चमरी निवासी एक व्यक्ति को 1.28 अरब रुपये का विद्युत बिल भेजने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। लखनऊ में ऊर्जा निगम के चेयरमैन की बैठक में भी इस मुद्दे पर संज्ञान लिया गया। अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए। आनन फानन में बिल को संशोधित करा दिया गया है, 3136 रुपये का बिल बनाया गया है।
उल्लेखनीय है कि बिजली निगम के मीटर रीडर द्वारा मोहल्ला चमरी निवासी एक व्यक्ति को दो किलोवाट के घरेलू कनेक्शन का 1.28 अरब रुपये का विद्युत बिल जारी किया गया था। बिल को संशोधित कराने के लिए उपभोक्ता को निगम कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। इस मामले को अमर उजाला ने 20 जुलाई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। उच्चाधिकारियों ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए मीटर रीडर से जवाब तलब किया है। उधर, लखनऊ में ऊर्जा विभाग के चेयरमैन ने अधिकारियों की बैठक लेते समय हापुड़ के इस मुद्दे पर संज्ञान लिया और उच्चाधिकारियों से इस समस्या पर ध्यान देने की बात कही। इसके बाद से स्थानीय अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। आनन फानन में बिल को संशोधित करा, बिल को 3136 रुपये का बना दिया गया है, जिससे उपभोक्ता को राहत मिली है। अधिशासी अभियंता पीके गौतम का कहना है कि बिल में तकनीकी खामी के चलते बकायेदारी 1.28 अरब दिखा दिया गया था। इस मामले में मीटर रीडर से जवाब तलब किया है। इस तरह की लापरवाही भविष्य में न हो, इस संबंध में मीटर रीडिरों को निर्देशित कर दिया गया है।
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