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1952 में कमला बहन बनीं थी गढ़ विधायक
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1952 में कमला बहन बनी थीं गढ़ की महिला विधायक
गढ़मुक्तेश्वर। विधानसभा गढ़मुक्तेश्वर में महिलाओं की भागीदारी कम रही है। गढ़ में पहली बार हुए विधानसभा चुनाव में महिला विधायक बनने के बाद आज तक दोबारा कोई महिला विधायक नहीं बन सकी है। इतना ही नहीं 2017 तक हुए चुनावों में किसी भी पार्टी ने महिला प्रत्याशी पर भरोसा नहीं जताया।
देश की आजादी के बाद पहली बार वर्ष 1952 में विधानसभा चुनाव हुए थे। जिसमें कांग्रेस से चुनाव लड़कर गढ़ विधानसभा से कमला बहन विधायक बनी थीं। जिसके बाद वर्ष 2017 तक महिलाओं की भागीदारी इस सीट पर नहीं रही। आश्चर्य की बात हैं कि इसके बाद वर्ष 2017 में हुए 17वीं विधानसभा चुनाव तक कांग्रेस, भाजपा, सपा और बसपा समेत प्रमुख दलों ने किसी भी महिला प्रत्याशी को गढ़ विधानसभा सीट से टिकट नहीं दिया।
दशकों बाद दो पार्टियों ने जताया भरोसा
वर्ष 1957 के बाद वर्तमान विधानसभा चुनाव में दो राजनीतिक दलों ने महिला प्रत्याशियों पर भरोसा जताया है। कांग्रेस से आभा चौधरी और समाजवादी पार्टी-रालोद गठबंधन से नैना सिंह को विधानसभा चुनाव लड़ने का मौका दिया गया है। इसके अलावा भाजपा से हरेंद्र तेवतिया, बसपा से हाजी आरिफ, आम आदमी पार्टी से डॉ. नरेंद्र सोलंकी, एआईएमआईएम से फुरकान चौधरी, ऑल इंडिया हिंदुस्तान कांग्रेस से गोपाल शर्मा को टिकट मिला है।
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गढ़मुक्तेश्वर। विधानसभा गढ़मुक्तेश्वर में महिलाओं की भागीदारी कम रही है। गढ़ में पहली बार हुए विधानसभा चुनाव में महिला विधायक बनने के बाद आज तक दोबारा कोई महिला विधायक नहीं बन सकी है। इतना ही नहीं 2017 तक हुए चुनावों में किसी भी पार्टी ने महिला प्रत्याशी पर भरोसा नहीं जताया।
देश की आजादी के बाद पहली बार वर्ष 1952 में विधानसभा चुनाव हुए थे। जिसमें कांग्रेस से चुनाव लड़कर गढ़ विधानसभा से कमला बहन विधायक बनी थीं। जिसके बाद वर्ष 2017 तक महिलाओं की भागीदारी इस सीट पर नहीं रही। आश्चर्य की बात हैं कि इसके बाद वर्ष 2017 में हुए 17वीं विधानसभा चुनाव तक कांग्रेस, भाजपा, सपा और बसपा समेत प्रमुख दलों ने किसी भी महिला प्रत्याशी को गढ़ विधानसभा सीट से टिकट नहीं दिया।
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दशकों बाद दो पार्टियों ने जताया भरोसा
वर्ष 1957 के बाद वर्तमान विधानसभा चुनाव में दो राजनीतिक दलों ने महिला प्रत्याशियों पर भरोसा जताया है। कांग्रेस से आभा चौधरी और समाजवादी पार्टी-रालोद गठबंधन से नैना सिंह को विधानसभा चुनाव लड़ने का मौका दिया गया है। इसके अलावा भाजपा से हरेंद्र तेवतिया, बसपा से हाजी आरिफ, आम आदमी पार्टी से डॉ. नरेंद्र सोलंकी, एआईएमआईएम से फुरकान चौधरी, ऑल इंडिया हिंदुस्तान कांग्रेस से गोपाल शर्मा को टिकट मिला है।
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