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ठगी के आरोपी की सात करोड़ की संपत्ति प्रशासन ने की कुर्क
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ठगी के आरोपी की सात करोड़ की संपत्ति प्रशासन ने की कुर्क
गढ़मुक्तेश्वर। निफ्टेक ग्लोबल कंपनी में निवेश कराने के नाम पर करोड़ों रुपये की हेराफेरी कर संपत्ति अर्जित करने के आरोपी अशोक चौहान की सात करोड़ की संपत्ति को प्रशासन ने कब्जे में ले लिया है। सोमवार को बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव चांदनेर पहुंचकर पुलिस प्रशासन ने मुनादी कराई। इसके साथ ही कार समेत कब्जे में ली गई कृषि भूमि की खरीद फरोख्त पर भी रोक लगा दी है।
सोमवार को गैंगस्टर के आरोपी अशोक चौहान की अवैध संपत्ति को एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी ने सीओ पवन कुमार और बहादुरगढ़ पुलिस के साथ गांव चांदनेर पहुंचकर लाउडस्पीकर के माध्यम से एलान करते हुए कब्जे में ले लिया है। एसडीएम ने बताया कि गांव चांदनेर में स्थित आम के दो बाग, जिनका क्षेत्रफल 25 और 15 बीघा है, उसे कब्जे में ले लिया है। इसी के साथ एक 3 लग्जरी कार, 4 मकान समेत अलग-अलग स्थानों पर 8 कृषि भूमि को भी कब्जे में ले लिया है। जिसकी कुल कीमत 7 करोड़ 24 लाख 23 हजार है। डीएम अनुज सिंह ने संपत्ति का रिसीवर गढ़ एसडीएम को नियुक्त किया है। एसडीएम ने धारा 14 (ए) अंतर्गत गिरोह बंद एवं असामाजिक क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 के तहत डीएम के आदेश के अनुपालन में अवैध संपत्ति को कब्जे में ले लिया है।
कहां से आई इतनी संपत्ति, होगी जांच : सीओ
सीओ पवन कुमार ने बताया कि अशोक चौहान कंपनी में निवेश कराने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा कर गांव छोड़कर फरार हो गया था। जिसके बाद अशोक चौहान समेत पांच आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया। सीओ ने बताया कि वर्तमान में पांचों आरोपी जेल में बंद हैं। एसडीएम के साथ पहुंचकर अशोक चौहान की 7 करोड़ रुपये की कुर्क हुई संपत्ति को गिरोहबंद कर लिया गया है। इतनी संपत्ति कहां से अर्जित की गई है, इस मामले में जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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संपत्ति की खरीद फरोख्त पर रोक
एसडीएम ने बताया कि ग्रामीणों के बीच पहुंचकर इस संबंध में मुनादी करा दी गई है। जिसमें ऐलान किया गया है कि अशोक के नाम पर मकान, वाहन, कृषि भूमि समेत अन्य वस्तुओं की कोई खरीद फरोख्त नहीं हो सकेगी। तीन माह में यदि अशोक संपत्ति के बारे में जानकारी नहीं दे पाता है तो आगे की कार्रवाई जाएगी।
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गढ़मुक्तेश्वर। निफ्टेक ग्लोबल कंपनी में निवेश कराने के नाम पर करोड़ों रुपये की हेराफेरी कर संपत्ति अर्जित करने के आरोपी अशोक चौहान की सात करोड़ की संपत्ति को प्रशासन ने कब्जे में ले लिया है। सोमवार को बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव चांदनेर पहुंचकर पुलिस प्रशासन ने मुनादी कराई। इसके साथ ही कार समेत कब्जे में ली गई कृषि भूमि की खरीद फरोख्त पर भी रोक लगा दी है।
सोमवार को गैंगस्टर के आरोपी अशोक चौहान की अवैध संपत्ति को एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी ने सीओ पवन कुमार और बहादुरगढ़ पुलिस के साथ गांव चांदनेर पहुंचकर लाउडस्पीकर के माध्यम से एलान करते हुए कब्जे में ले लिया है। एसडीएम ने बताया कि गांव चांदनेर में स्थित आम के दो बाग, जिनका क्षेत्रफल 25 और 15 बीघा है, उसे कब्जे में ले लिया है। इसी के साथ एक 3 लग्जरी कार, 4 मकान समेत अलग-अलग स्थानों पर 8 कृषि भूमि को भी कब्जे में ले लिया है। जिसकी कुल कीमत 7 करोड़ 24 लाख 23 हजार है। डीएम अनुज सिंह ने संपत्ति का रिसीवर गढ़ एसडीएम को नियुक्त किया है। एसडीएम ने धारा 14 (ए) अंतर्गत गिरोह बंद एवं असामाजिक क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 के तहत डीएम के आदेश के अनुपालन में अवैध संपत्ति को कब्जे में ले लिया है।
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कहां से आई इतनी संपत्ति, होगी जांच : सीओ
सीओ पवन कुमार ने बताया कि अशोक चौहान कंपनी में निवेश कराने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा कर गांव छोड़कर फरार हो गया था। जिसके बाद अशोक चौहान समेत पांच आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया। सीओ ने बताया कि वर्तमान में पांचों आरोपी जेल में बंद हैं। एसडीएम के साथ पहुंचकर अशोक चौहान की 7 करोड़ रुपये की कुर्क हुई संपत्ति को गिरोहबंद कर लिया गया है। इतनी संपत्ति कहां से अर्जित की गई है, इस मामले में जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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संपत्ति की खरीद फरोख्त पर रोक
एसडीएम ने बताया कि ग्रामीणों के बीच पहुंचकर इस संबंध में मुनादी करा दी गई है। जिसमें ऐलान किया गया है कि अशोक के नाम पर मकान, वाहन, कृषि भूमि समेत अन्य वस्तुओं की कोई खरीद फरोख्त नहीं हो सकेगी। तीन माह में यदि अशोक संपत्ति के बारे में जानकारी नहीं दे पाता है तो आगे की कार्रवाई जाएगी।