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सिंभावली चीनी मिल पर पहुंचा 46 करोड़ का गन्ना, 146 करोड़ पिछला बकाया
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सिंभावली में स्थित शुगर मिल।
- फोटो : GARH
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सिंभावली मिल पर पहुंचा 46 करोड़ का गन्ना, 146 करोड़ पिछला बकाया
गढ़मुक्तेश्वर। सिंभावली शुगर मिल का पेराई सत्र शुरू हुए 16 दिन हो गए हैं। अब तक मिल में 46 करोड़ रुपये का गन्ना पहुंच चुका है। लेकिन किसानों को अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। जबकि पिछले सत्र का भी 146 करोड़ मिल पर बकाया है। भुगतान के लिए किसान संगठनों ने काफी धरना प्रदर्शन किए। मिल प्रबंधन की तरफ से हर बार झूठे आश्वासन दिए गए। अधिकारियों की तरफ से भी केवल आश्वासन मिला। लेकिन मिलों ने भुगतान नहीं किया। गन्ना भुगतान न होने के कारण किसान काफी परेशान है। स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि भी गन्ने का भुगतान कराने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
कोर्ट के आदेश का भी पालन नहीं
कोर्ट द्वारा जारी आदेश में उल्लेख है कि सभी शुगर मिल 14 दिन में किसानों से गन्ना खरीदने के बाद भुगतान करें। लेकिन जिला स्तरीय अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी मिल की मनमानी के सामने झुकते नजर आ रहे हैं, एक साल पुराना भुगतान न मिलने के कारण किसानों को मजबूरी में कर्ज लेकर घर चलाना पड़ रहा है।
शुगर मिल का जल्द करेंगे घेराव
शुगर मिल किसानों के साथ धोखा कर रही है, यदि जल्द से जल्द किसानों को भुगतान नहीं किया जाता है तो, मिल का घेराव कर आंदोलन करेंगे। - सरनजीत सिंह, प्रदेश महासचिव, भाकियू भानु
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मिल प्रबंधन दे रहा झूठे आश्वासन
प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधि भी गन्ना भुगतान कराने में असफल हुए हैं। किसानों को केवल झूठे आश्वासन ही मिले हैं। उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। - हरीश हुण, प्रदेश प्रवक्ता, भाकियू असली
(संवाद)
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गढ़मुक्तेश्वर। सिंभावली शुगर मिल का पेराई सत्र शुरू हुए 16 दिन हो गए हैं। अब तक मिल में 46 करोड़ रुपये का गन्ना पहुंच चुका है। लेकिन किसानों को अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। जबकि पिछले सत्र का भी 146 करोड़ मिल पर बकाया है। भुगतान के लिए किसान संगठनों ने काफी धरना प्रदर्शन किए। मिल प्रबंधन की तरफ से हर बार झूठे आश्वासन दिए गए। अधिकारियों की तरफ से भी केवल आश्वासन मिला। लेकिन मिलों ने भुगतान नहीं किया। गन्ना भुगतान न होने के कारण किसान काफी परेशान है। स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि भी गन्ने का भुगतान कराने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
कोर्ट के आदेश का भी पालन नहीं
कोर्ट द्वारा जारी आदेश में उल्लेख है कि सभी शुगर मिल 14 दिन में किसानों से गन्ना खरीदने के बाद भुगतान करें। लेकिन जिला स्तरीय अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी मिल की मनमानी के सामने झुकते नजर आ रहे हैं, एक साल पुराना भुगतान न मिलने के कारण किसानों को मजबूरी में कर्ज लेकर घर चलाना पड़ रहा है।
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शुगर मिल का जल्द करेंगे घेराव
शुगर मिल किसानों के साथ धोखा कर रही है, यदि जल्द से जल्द किसानों को भुगतान नहीं किया जाता है तो, मिल का घेराव कर आंदोलन करेंगे। - सरनजीत सिंह, प्रदेश महासचिव, भाकियू भानु
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मिल प्रबंधन दे रहा झूठे आश्वासन
प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधि भी गन्ना भुगतान कराने में असफल हुए हैं। किसानों को केवल झूठे आश्वासन ही मिले हैं। उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। - हरीश हुण, प्रदेश प्रवक्ता, भाकियू असली
(संवाद)