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गंगा नदी उफनाई, जलस्तर 198 मीटर के ऊपर पहुंचा
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गंगा नदी उफनाई, जलस्तर 198 मीटर के ऊपर पहुंचा
गढ़मुक्तेश्वर। उत्तराखंड में पहाड़ों पर लगातार बारिश के चलते गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। उफना रही गंगा नदी का पानी गढ़ खादर क्षेत्र में गांवों के लिंक मार्गों तक पहुंच चुका है। किसानों की हजारों बीघा तैयार खड़ी फसल भी नष्ट होने की कगार पर है। बृहस्पतिवार को एसडीएम और सीओ ने गांवों में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। ग्रामीणों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
पिछले चार दिनों से गंगा के जल स्तर में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बृहस्पतिवार की शाम छह बजे गढ़ क्षेत्र में गंगा का जलस्तर 198.66 मीटर के निशान पर दर्ज किया गया। बाढ़ नियंत्रण कक्ष मेरठ के अनुसार बृहस्पतिवार को बिजनौर बैराज से 1 लाख 16 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। बुधवार को 2 लाख 53 हजार क्यूसेक डिस्चार्ज किया गया था। बृहस्पतिवार को कम डिस्चार्ज होने से शुक्रवार को जलस्तर स्थिर रहने की संभावना है।
पशुपालकों को हो रही परेशानी
गंगा के तटीय गांव रामपुर न्यामतपुर, मुकीमपुर, भगवंतपुर, लठीरा, रेते वाली मढैया, चक लठीरा, शाकरपुर, कुदैनी की मढैया समेत अन्य गांवों के रास्ते समेत घरों के बाहर पानी भरा हुआ है। जिसके चलते पशुओं के लिए चारा लाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लकड़ी और उपले भीगने से ग्रामीणों के सामने ईंधन की समस्या खड़ी हो गई है। पशुओं के लिए जमा किया गया भूसा भी पानी की चपेट में आकर खराब हो गया है।
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एसडीएम और सीओ ने गांवों में पहुंचकर जायजा लिया
एसडीएम अरविंद द्विवेदी और सीओ पवन कुमार ने गढ़ खादर क्षेत्र के गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता की। इस दौरान राजस्व निरीक्षक और लेखपालों को भी बाढ़ चौकी पर अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को बिजनौर बैराज से पानी का डिस्चार्ज कम हुआ है। जिससे जलस्तर अधिक बढ़ने की संभावना कम होती जा रही है। हालांकि जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ आने पर ग्रामीणों को निकालने के इंतजाम कर लिए गए हैं।
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गढ़मुक्तेश्वर। उत्तराखंड में पहाड़ों पर लगातार बारिश के चलते गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। उफना रही गंगा नदी का पानी गढ़ खादर क्षेत्र में गांवों के लिंक मार्गों तक पहुंच चुका है। किसानों की हजारों बीघा तैयार खड़ी फसल भी नष्ट होने की कगार पर है। बृहस्पतिवार को एसडीएम और सीओ ने गांवों में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। ग्रामीणों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
पिछले चार दिनों से गंगा के जल स्तर में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बृहस्पतिवार की शाम छह बजे गढ़ क्षेत्र में गंगा का जलस्तर 198.66 मीटर के निशान पर दर्ज किया गया। बाढ़ नियंत्रण कक्ष मेरठ के अनुसार बृहस्पतिवार को बिजनौर बैराज से 1 लाख 16 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। बुधवार को 2 लाख 53 हजार क्यूसेक डिस्चार्ज किया गया था। बृहस्पतिवार को कम डिस्चार्ज होने से शुक्रवार को जलस्तर स्थिर रहने की संभावना है।
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पशुपालकों को हो रही परेशानी
गंगा के तटीय गांव रामपुर न्यामतपुर, मुकीमपुर, भगवंतपुर, लठीरा, रेते वाली मढैया, चक लठीरा, शाकरपुर, कुदैनी की मढैया समेत अन्य गांवों के रास्ते समेत घरों के बाहर पानी भरा हुआ है। जिसके चलते पशुओं के लिए चारा लाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लकड़ी और उपले भीगने से ग्रामीणों के सामने ईंधन की समस्या खड़ी हो गई है। पशुओं के लिए जमा किया गया भूसा भी पानी की चपेट में आकर खराब हो गया है।
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एसडीएम और सीओ ने गांवों में पहुंचकर जायजा लिया
एसडीएम अरविंद द्विवेदी और सीओ पवन कुमार ने गढ़ खादर क्षेत्र के गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता की। इस दौरान राजस्व निरीक्षक और लेखपालों को भी बाढ़ चौकी पर अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को बिजनौर बैराज से पानी का डिस्चार्ज कम हुआ है। जिससे जलस्तर अधिक बढ़ने की संभावना कम होती जा रही है। हालांकि जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ आने पर ग्रामीणों को निकालने के इंतजाम कर लिए गए हैं।