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सामाजिक समरसता का संदेश देते हैं राम
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सामाजिक समरसता का संदेश देते हैं राम
गढ़मुक्तेश्वर। उप्र पर्यटन विभाग व संस्कृति विभाग के तत्वावधान में गढ़ नगर में रामायण कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इसमें रामायण की महत्ता पर प्रकाश डाला गया। समझाया गया कि भगवान राम की कथा जन-जन की कथा है। वहीं रामायण के विभिन्न प्रसंगों समेत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
गढ़ नगर के कमलावती मदनलाल सरस्वती विद्या मंदिर में रविवार को आयोजित हुए कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक डॉ. कमल सिंह मलिक और नक्का कुआं मंदिर के महंत महेश गिरि महाराज द्वारा किया गया। इसमें कमल सिंह मलिक ने रामायण की महत्ता के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनमानस में रामकथा सर्वाधिक लोकप्रिय है। राम की कथा जन-जन की कथा है, जिसमें सामाजिक समरसता का संदेश भी बार-बार आता है। मुख्य वक्ता हनुमान कथा वाचक अरविंद भाई ओझा ने कहा कि राम कथा में तरह-तरह के आदर्शों व मूल्यों की स्थापना की गई है। ऐसे आदर्श हमें कहीं और दिखाई नहीं देते। लोग इन्हीं आदर्शों के कारण रामकथा में गहरी आस्था रखते हैं। वहीं वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. हर्षवर्धन शर्मा ने कहा कि रघुकुल में जन्मे भगवान राम ने पिता की आज्ञा का पालन करते हुए 14 वर्षों तक वन में वनवासी की तरह जीवन व्यतीत किया।
लखनऊ के कलाकारों ने रामायण पाठ व भजन कीर्तन किए
कार्यक्रम के दौरान लखनऊ से आंशिका त्यागी के ग्रुप ने श्री राम स्तुति, यामिनी पांडेय के ग्रुप ने भजन प्रस्तुत कर सभी को भक्ति भावना से सराबोर कर दिया। रामकथा के दौरान भरत मिलाप समेत अन्य प्रसंगों ने सभी को भावविभोर कर दिया। वहीं मथुरा से आई अनीता सिंह के ग्रुप ने बृज की राम नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। इस मौके पर डॉ. वागीश दिनकर, स्वामी अखिलानंद सरस्वती, भारत भूषण गर्ग, शशिकांत आर्य, अंकुर त्यागी, क्षेत्रीय अभिलेख अधिकारी रमेश चंद, प्रमोद, विष्णु नागर समेत अन्य लोग मौजूद रहे। संवाद
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गढ़मुक्तेश्वर। उप्र पर्यटन विभाग व संस्कृति विभाग के तत्वावधान में गढ़ नगर में रामायण कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इसमें रामायण की महत्ता पर प्रकाश डाला गया। समझाया गया कि भगवान राम की कथा जन-जन की कथा है। वहीं रामायण के विभिन्न प्रसंगों समेत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
गढ़ नगर के कमलावती मदनलाल सरस्वती विद्या मंदिर में रविवार को आयोजित हुए कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक डॉ. कमल सिंह मलिक और नक्का कुआं मंदिर के महंत महेश गिरि महाराज द्वारा किया गया। इसमें कमल सिंह मलिक ने रामायण की महत्ता के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनमानस में रामकथा सर्वाधिक लोकप्रिय है। राम की कथा जन-जन की कथा है, जिसमें सामाजिक समरसता का संदेश भी बार-बार आता है। मुख्य वक्ता हनुमान कथा वाचक अरविंद भाई ओझा ने कहा कि राम कथा में तरह-तरह के आदर्शों व मूल्यों की स्थापना की गई है। ऐसे आदर्श हमें कहीं और दिखाई नहीं देते। लोग इन्हीं आदर्शों के कारण रामकथा में गहरी आस्था रखते हैं। वहीं वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. हर्षवर्धन शर्मा ने कहा कि रघुकुल में जन्मे भगवान राम ने पिता की आज्ञा का पालन करते हुए 14 वर्षों तक वन में वनवासी की तरह जीवन व्यतीत किया।
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लखनऊ के कलाकारों ने रामायण पाठ व भजन कीर्तन किए
कार्यक्रम के दौरान लखनऊ से आंशिका त्यागी के ग्रुप ने श्री राम स्तुति, यामिनी पांडेय के ग्रुप ने भजन प्रस्तुत कर सभी को भक्ति भावना से सराबोर कर दिया। रामकथा के दौरान भरत मिलाप समेत अन्य प्रसंगों ने सभी को भावविभोर कर दिया। वहीं मथुरा से आई अनीता सिंह के ग्रुप ने बृज की राम नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। इस मौके पर डॉ. वागीश दिनकर, स्वामी अखिलानंद सरस्वती, भारत भूषण गर्ग, शशिकांत आर्य, अंकुर त्यागी, क्षेत्रीय अभिलेख अधिकारी रमेश चंद, प्रमोद, विष्णु नागर समेत अन्य लोग मौजूद रहे। संवाद
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