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प्रसव के दौरान महिला की मौत, पीएचसी पर हंगामा
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सिंभावली पीएचसी में प्रसव के दौरान हुई महिला की हुई मौत के बाद जांच करने पहुंचे सीओ पवन कुमार।
- फोटो : GARH
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प्रसव के दौरान महिला की मौत, पीएचसी पर हंगामा
गढ़मुक्तेश्वर। सिंभावली पीएचसी में प्रसव के दौरान महिला की मौत पर परिजनों ने हंगामा करते हुए चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों के अनुसार महिला ने ढाई वर्ष पहले नसबंदी कराई थी, इसके बावजूद गर्भवती हो गई। वहीं प्रसव के दौरान अधिक रक्तस्राव होने से महिला की मौत हुई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को शांत कराकर मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सिंभावली ब्लॉक क्षेत्र के गांव सालौनी निवासी रामफूल की पत्नी कोमल गर्भवती थीं। जिसे परिजनों ने प्रसव पीड़ा होने पर मंगलवार की सुबह करीब छह बजे सिंभावली पीएचसी में भर्ती कराया। जहां करीब आठ बजे उसने एक स्वस्थ कन्या शिशु को जन्म दिया। मगर अधिक रक्तस्राव होने के चलते महिला की तबियत बिगड़ने लगी। रामफूल का आरोप है कि उसने मौके पर मौजूद महिला चिकित्सक को इस संबंध में बताया, लेकिन उन्होंने कोई संज्ञान नहीं लिया। हालत अधिक बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उसे मेरठ रेफर कर दिया। मगर मेरठ के अस्पताल में पहुंचते ही कोमल ने दम तोड़ दिया। वहीं बच्ची बिल्कुल स्वस्थ है।
चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया
महिला की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मेरठ से मृतका के परिजन उसका शव लेकर सिंभावली पीएचसी पर पहुंच गए। जहां उन्होंने चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। सोमेंद्र सिंह विजय, संजीव, अरुण, नरेंद्र, बबलू, अजय, सौरभ समेत अन्य परिजनों का आरोप है कि नसबंदी के बावजूद महिला गर्भवती हुई। वहीं प्रसव के दौरान यदि महिला चिकित्सकों की लापरवाही न बरती होती तो महिला की मौत नहीं होती।
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- ढाई वर्ष पहले हुआ था नसबंदी का अॅापरेशन
रामफूल ने बताया कि करीब ढाई वर्ष पहले 2019 में उसने पत्नी की नसबंदी का ऑपरेशन सिंभावली पीएचसी में कराया था। इसके बावजूद उसकी पत्नी गर्भवती हो गई। इस संबंध में उसने सिंभावली पीएचसी प्रभारी से शिकायत भी की। वहीं वकील के माध्यम से नोटिस भी दिया। मगर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
- थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की
पीड़ित रामफूल ने पीएचसी में तैनात चिकित्सकों व स्टाफकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सिंभावली थाने में तहरीर दी है। मौके पर पहुंचे सीओ पवन कुमार ने परिजनों व ग्रामीणों को समझाबुझा कर शांत कराया। सीओ पवन कुमार ने बताया कि मृतका के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मृत्यु का कारण स्पष्ट हो सकेगा। मामले की जांच की जा रही है। इस मामले में जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं सिंभावली सीएचसी अधीक्षक डॉ. आनंदमणि का कहना है कि मृतका पहले से ही शारीरिक रूप से काफी कमजोर थी। हालत बिगड़ने पर उसे मेरठ रेफर कर दिया गया था। मामले की जांच की जाएगी।
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गढ़मुक्तेश्वर। सिंभावली पीएचसी में प्रसव के दौरान महिला की मौत पर परिजनों ने हंगामा करते हुए चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों के अनुसार महिला ने ढाई वर्ष पहले नसबंदी कराई थी, इसके बावजूद गर्भवती हो गई। वहीं प्रसव के दौरान अधिक रक्तस्राव होने से महिला की मौत हुई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को शांत कराकर मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सिंभावली ब्लॉक क्षेत्र के गांव सालौनी निवासी रामफूल की पत्नी कोमल गर्भवती थीं। जिसे परिजनों ने प्रसव पीड़ा होने पर मंगलवार की सुबह करीब छह बजे सिंभावली पीएचसी में भर्ती कराया। जहां करीब आठ बजे उसने एक स्वस्थ कन्या शिशु को जन्म दिया। मगर अधिक रक्तस्राव होने के चलते महिला की तबियत बिगड़ने लगी। रामफूल का आरोप है कि उसने मौके पर मौजूद महिला चिकित्सक को इस संबंध में बताया, लेकिन उन्होंने कोई संज्ञान नहीं लिया। हालत अधिक बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उसे मेरठ रेफर कर दिया। मगर मेरठ के अस्पताल में पहुंचते ही कोमल ने दम तोड़ दिया। वहीं बच्ची बिल्कुल स्वस्थ है।
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चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया
महिला की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मेरठ से मृतका के परिजन उसका शव लेकर सिंभावली पीएचसी पर पहुंच गए। जहां उन्होंने चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। सोमेंद्र सिंह विजय, संजीव, अरुण, नरेंद्र, बबलू, अजय, सौरभ समेत अन्य परिजनों का आरोप है कि नसबंदी के बावजूद महिला गर्भवती हुई। वहीं प्रसव के दौरान यदि महिला चिकित्सकों की लापरवाही न बरती होती तो महिला की मौत नहीं होती।
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- ढाई वर्ष पहले हुआ था नसबंदी का अॅापरेशन
रामफूल ने बताया कि करीब ढाई वर्ष पहले 2019 में उसने पत्नी की नसबंदी का ऑपरेशन सिंभावली पीएचसी में कराया था। इसके बावजूद उसकी पत्नी गर्भवती हो गई। इस संबंध में उसने सिंभावली पीएचसी प्रभारी से शिकायत भी की। वहीं वकील के माध्यम से नोटिस भी दिया। मगर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
- थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की
पीड़ित रामफूल ने पीएचसी में तैनात चिकित्सकों व स्टाफकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सिंभावली थाने में तहरीर दी है। मौके पर पहुंचे सीओ पवन कुमार ने परिजनों व ग्रामीणों को समझाबुझा कर शांत कराया। सीओ पवन कुमार ने बताया कि मृतका के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मृत्यु का कारण स्पष्ट हो सकेगा। मामले की जांच की जा रही है। इस मामले में जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं सिंभावली सीएचसी अधीक्षक डॉ. आनंदमणि का कहना है कि मृतका पहले से ही शारीरिक रूप से काफी कमजोर थी। हालत बिगड़ने पर उसे मेरठ रेफर कर दिया गया था। मामले की जांच की जाएगी।