फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   hapur news

प्रदूषण फैलाने वाले गन्ना क्रेशर और कोल्हुओं पर कसेगा शिकंजा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 25 Oct 2020 11:45 PM IST
विज्ञापन
hapur news
गढ़ नगर में गन्ना क्रेशर से निकलता धुआं। - फोटो : GARH
प्रदूषण फैलाने वाले गन्ना क्रेशर और कोल्हुओं पर कसेगा शिकंजा
विज्ञापन

गढ़मुक्तेश्वर। प्रदूषण फैलाने वाले गन्ना क्रेशर और कोल्हुओं के खिलाफ तहसील प्रशासन द्वारा अभियान चलाया जाएगा। सर्दियों में प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
वेस्टर्न यूपी की गन्ना बैल्ट में पांच हजार से अधिक कोल्हू-क्रेशर संचालित हो रहे हैं, जिनमें सैकड़ों कोल्हू-क्रेशर गढ़ तहसील क्षेत्र में प्रदूषण फैला रहे हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो गढ़, ब्रजघाट, सिंभावली, बहादुरगढ़, नानपुर, झड़ीना क्षेत्र में इन दिनों तीन सौ से भी अधिक कोल्हू-क्रेशरों का संचालन हो रहा है। एक कोल्हू पर प्रतिदिन औसतन सवा सौ क्विंटल गन्ने की पेराई हो जाती है, जिन पर 25 से लेकर 30 हॉर्स पावर वाले डीजल इंजनों का इस्तेमाल किया जाता है। जहां गुड़ पकाने के लिए प्रतिदिन दस हजार कुंतल से अधिक खोई, पत्ती, पुआल, रबर और प्लास्टिक अवशेष भी जलाए जा रहे हैं। जिनका धुआं वाष्पीकरण होने से ऊपर नहीं उठ पाता है, ईंट भट्ठों की चिमनी की ऊंचाई 50 फिट से अधिक होती है। लेकिन फिर भी वे आबादी में नहीं लग पाते हैं, लेकिन कोल्हू-क्रेशरों पर चिमनी की ऊंचाई महज चार पांच फिट तक होती है। लेकिन अब कोल्हू-क्रेशरों पर भी बहुत जल्द शिकंजा कसा जाएगा। एनसीआर समेत क्षेत्र में बढ़ रहे प्रदूषण को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ऐसे कोल्हू-क्रेशरों के खिलाफ अभियान चलाएगा।
विज्ञापन

--क्या कहते हैं कृषि विशेषज्ञ
कृषि विभाग के सहायक प्राविधिक सतीश चंद्र शर्मा का कहना है कि वातावरण में धुएं का गुबार छाया रहने से ओजोन परत में छेद होने से नाइट्रोजन चक्र प्रभावित होने पर फसलों का विकास भी प्रभावित होता है, जबकि इथाइलिन गैस का प्रभाव बढने से बागों में आने वाले फलों पर बीमारी पांव पसार लेती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं एसडीएम विजयवर्धन तोमर का कहना है कि प्रदूषण को बढ़ावा देने वाले कोल्हू-क्रेशरों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। ताकि क्षेत्र के लोगों को प्रदूषण से निजात मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed