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गंगा जलस्तर में उफान जारी, ग्रामीणों की बैचेनी बढ़ रही
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गंगा का जलस्तर बढ़ने से खादर में बाढ़ का खतरा बढ़ा
गढ़मुक्तेश्वर। गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी के साथ ही खादर क्षेत्र बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बाढ़ के दौरान अपने घर छोड़कर शरणार्थी शिविरों में जाने की आशंका के चलते ग्रामीणों की नींद उड़ी हुई है।
अगस्त माह के दूसरे सप्ताह में हुई झमाझम बारिश और बिजनौर बैराज से अतिरिक्त जल छोड़े जाने के कारण गढ़-ब्रजघाट में गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बृहस्पतिवार को जलस्तर 198.80 मीटर (समुद्र तल से) के निशान पर पहुंच गया,जो हाई अलर्ट से मात्र 23 सेंटीमीटर ही दूर रह गया था। शुक्रवार को भी जलस्तर में तीन सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई, देर शाम तक ब्रजघाट का जलस्तर 198.83 मीटर दर्ज किया गया। गंगा के बाढ़ की तरफ बढ़ने से ग्रामीणों के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी परेशान हो उठे हैं। ग्रामीण नौबत, दिनेश, महकार, राजेंद्र, चरणा, भूदेव, निरंजन, रामौतार का कहना है कि यदि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है, तो गांवों में गंदगी बढ़ जाएगी, प्रशासनिक स्तर से बनाए जाने वाले शरणार्थी(राहत) शिविरों में सामाजिक दूरी समेत अन्य उपायों का पालन करना भी मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में गांवों के लोगों का डर और भी बढ़ रहा है।
वहीं एसडीएम विजयवर्धन तोमर, तहसीलदार सुरेंद्र सिंह, सीएचसी अधीक्षक डॉ. दिनेश भारती समेत कर्मचारियों ने शुक्रवार को भी खादर क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
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एसडीएम ने बताया कि बाढ़ चौकियों को जलस्तर पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग को भी गांवों में कैंप लगाकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियां पूर्ण हैं।
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गढ़मुक्तेश्वर। गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी के साथ ही खादर क्षेत्र बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बाढ़ के दौरान अपने घर छोड़कर शरणार्थी शिविरों में जाने की आशंका के चलते ग्रामीणों की नींद उड़ी हुई है।
अगस्त माह के दूसरे सप्ताह में हुई झमाझम बारिश और बिजनौर बैराज से अतिरिक्त जल छोड़े जाने के कारण गढ़-ब्रजघाट में गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बृहस्पतिवार को जलस्तर 198.80 मीटर (समुद्र तल से) के निशान पर पहुंच गया,जो हाई अलर्ट से मात्र 23 सेंटीमीटर ही दूर रह गया था। शुक्रवार को भी जलस्तर में तीन सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई, देर शाम तक ब्रजघाट का जलस्तर 198.83 मीटर दर्ज किया गया। गंगा के बाढ़ की तरफ बढ़ने से ग्रामीणों के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी परेशान हो उठे हैं। ग्रामीण नौबत, दिनेश, महकार, राजेंद्र, चरणा, भूदेव, निरंजन, रामौतार का कहना है कि यदि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है, तो गांवों में गंदगी बढ़ जाएगी, प्रशासनिक स्तर से बनाए जाने वाले शरणार्थी(राहत) शिविरों में सामाजिक दूरी समेत अन्य उपायों का पालन करना भी मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में गांवों के लोगों का डर और भी बढ़ रहा है।
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वहीं एसडीएम विजयवर्धन तोमर, तहसीलदार सुरेंद्र सिंह, सीएचसी अधीक्षक डॉ. दिनेश भारती समेत कर्मचारियों ने शुक्रवार को भी खादर क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
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एसडीएम ने बताया कि बाढ़ चौकियों को जलस्तर पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग को भी गांवों में कैंप लगाकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियां पूर्ण हैं।