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कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेला
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डीएम आज खादर मेला स्थल का दौरा करेंगी
गढ़मुक्तेश्वर। पौराणिक खादर मेला स्थल पर आज डीएम की पहली समीक्षा बैठक होगी, जिसके मद्देनजर जिला पंचायत समेत संबंधित विभागों के अधिकारी कर्मचारी दिनभर अपनी तैयारी करने में जुटे रहे।
डीएम अदिति सिंह सोमवार को मेला स्थल के दौरे पर आ रही हैं। वह मेला स्थल समेत आसपास के जंगल और संपर्क मार्गों पर खड़ीं फसलों के कटान, अस्थाई सड़कों के निर्माण समेत अब तक हुईं तैयारियों का निरीक्षण करेंगी। इसके बाद मेला स्थल पर ही समीक्षा बैठक करेंगी। जिसमें जिला पंचायत के अधिकारी मानचित्र के माध्यम से मेला क्षेत्र की परिधि, उसमें बनने वाले सेक्टर, थाने, अस्पताल, रिजर्व पुलिस लाइन, सदर बाजार, गंगा किनारे स्नानघाट, सुरक्षा से जुड़े वॉच टावर, सीसी टीवी कैमरे समेत मेले से जुड़ीं सभी व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी देंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग समेत संबंधित सरकारी विभागों के अधिकारी भी मेले के मद्देनजर की जाने वाली अपनी तैयारियों के विषय में विस्तार से जानकारी देकर उनके पूरा होने की समय सीमा भी बताएंगे। डीएम की पहली समीक्षा मीटिंग के मद्देनजर जिला पंचायत समेत संबंधित विभागों के अधिकारी कर्मचारी रविवार को दिन भर अपनी तैयारियों को पूरा कराने में जुटे रहे। वहीं एसडीएम विजयवर्धन तोमर और तहसीलदार सुरेंद्र सिंह ने मेला स्थल पहुंच कर तैयारियों का जायजा लिया। जिन्होंने डीएम की समीक्षा मीटिंग के दौरान कोई भी खामी बाकी न रहने की कड़ी हिदायत भी दी।
बालू में कच्चे रास्ते तैयार करने में दिक्कत आ रही
बरसात बीतने के बाद गंगा नदी ने अपने किनारे कई मील लंबी परिधि में बड़े स्तर पर बालू का भंडार छोड़ा था। वहीं गंगा की एक और जलधारा (सोती) निकलने से इस बार मेले का आयोजन किसानों की निजी भूमि में होने की बजाए गंगा के बीच बने टापू पर होगा। लेकिन इससे जिला पंचायत विभाग की सिरदर्दी बढ़ गई है क्योंकि रेत में कई मील लंबे कच्चे रास्ते तैयार कराना और उन पर उड़ने वाली धूल पर काबू पाना जिला पंचायत के सामने चुनौती बनी हुई है। जिला पंचायत के जेई आदेश कुमार का कहना है कि इस बार मेले का आयोजन रेतीली भूमि में होना है, जिससे बालू में कच्चे रास्ते तैयार कराने को फूस कबाड़ की मात्रा बढ़वाने के साथ ही बालू से उड़ने वाली धूल की रोकथाम को टैंकरों से नियमित तौर पर पानी का छिड़काव कराने का पुख्ता बंदोबस्त किया गया है।
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गढ़मुक्तेश्वर। पौराणिक खादर मेला स्थल पर आज डीएम की पहली समीक्षा बैठक होगी, जिसके मद्देनजर जिला पंचायत समेत संबंधित विभागों के अधिकारी कर्मचारी दिनभर अपनी तैयारी करने में जुटे रहे।
डीएम अदिति सिंह सोमवार को मेला स्थल के दौरे पर आ रही हैं। वह मेला स्थल समेत आसपास के जंगल और संपर्क मार्गों पर खड़ीं फसलों के कटान, अस्थाई सड़कों के निर्माण समेत अब तक हुईं तैयारियों का निरीक्षण करेंगी। इसके बाद मेला स्थल पर ही समीक्षा बैठक करेंगी। जिसमें जिला पंचायत के अधिकारी मानचित्र के माध्यम से मेला क्षेत्र की परिधि, उसमें बनने वाले सेक्टर, थाने, अस्पताल, रिजर्व पुलिस लाइन, सदर बाजार, गंगा किनारे स्नानघाट, सुरक्षा से जुड़े वॉच टावर, सीसी टीवी कैमरे समेत मेले से जुड़ीं सभी व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी देंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग समेत संबंधित सरकारी विभागों के अधिकारी भी मेले के मद्देनजर की जाने वाली अपनी तैयारियों के विषय में विस्तार से जानकारी देकर उनके पूरा होने की समय सीमा भी बताएंगे। डीएम की पहली समीक्षा मीटिंग के मद्देनजर जिला पंचायत समेत संबंधित विभागों के अधिकारी कर्मचारी रविवार को दिन भर अपनी तैयारियों को पूरा कराने में जुटे रहे। वहीं एसडीएम विजयवर्धन तोमर और तहसीलदार सुरेंद्र सिंह ने मेला स्थल पहुंच कर तैयारियों का जायजा लिया। जिन्होंने डीएम की समीक्षा मीटिंग के दौरान कोई भी खामी बाकी न रहने की कड़ी हिदायत भी दी।
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बालू में कच्चे रास्ते तैयार करने में दिक्कत आ रही
बरसात बीतने के बाद गंगा नदी ने अपने किनारे कई मील लंबी परिधि में बड़े स्तर पर बालू का भंडार छोड़ा था। वहीं गंगा की एक और जलधारा (सोती) निकलने से इस बार मेले का आयोजन किसानों की निजी भूमि में होने की बजाए गंगा के बीच बने टापू पर होगा। लेकिन इससे जिला पंचायत विभाग की सिरदर्दी बढ़ गई है क्योंकि रेत में कई मील लंबे कच्चे रास्ते तैयार कराना और उन पर उड़ने वाली धूल पर काबू पाना जिला पंचायत के सामने चुनौती बनी हुई है। जिला पंचायत के जेई आदेश कुमार का कहना है कि इस बार मेले का आयोजन रेतीली भूमि में होना है, जिससे बालू में कच्चे रास्ते तैयार कराने को फूस कबाड़ की मात्रा बढ़वाने के साथ ही बालू से उड़ने वाली धूल की रोकथाम को टैंकरों से नियमित तौर पर पानी का छिड़काव कराने का पुख्ता बंदोबस्त किया गया है।
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