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गन्ना भुगतान न मिलने से किसानों में आक्रोश
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गन्ना भुगतान न होने पर डीसीओ को बनाया बंधक
गढ़मुक्तेश्वर। किसानों का गन्ना भुगतान न होने पर सोमवार को भाकियू के हरपाल गुट ने गन्ना समिति के कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। वहीं किसानों को समझाने आए डीसीओ सहित अन्य अधिकारियों को भी बंधक बनाकर धूप में बैठा लिया। हालांकि बाद में अधिकारियों के आश्वासन पर किसान शांत हुए। वहीं भाकियू ने अब 26 अगस्त को महापंचायत में आंदोलन की रणनीति तय करने का निर्णय लिया।
सिंभावली गन्ना समिति परिसर में भाकियू हरपाल गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरपाल सिंह के नेतृत्व में गन्ना भुगतान को लेकर कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन शुरू किया। जिसकी अध्यक्षता रामबाबू सिंह ने की। जिसमें हरपाल सिंह ने कहा कि एक्ट 1966 के तहत 15 दिन के भीतर गन्ना भुगतान न मिलने पर किसानों को ब्याज समेत भुगतान करने का प्रावधान है। लेकिन आज तक किसी भी शुगर मिल ने किसानों को बकाया पर ब्याज नहीं दिया है। आज तक किसी भी सरकार ने किसी भी शुगर मिल के खिलाफ कोई कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि सभी सरकारें मिल मालिकों के पक्ष में है, जिसके चलते किसानों को आर्थिक क्षति झेलनी पड़ रही है। भुगतान न मिलने के कारण आर्थिक तंगी के चलते दर्जनों किसानों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकारों को अपनी आवाज सुनाने के लिए किसानों को भुगतान नहीं तो वोट नहीं की नीति अपनानी होगी। जिससे सरकार को किसानों के हित की बात सोचने के लिए मजबूर होना पडे़गा। धरने के दौरान किसानों ने ठोस आश्वासन न मिलने पर जिला गन्नाधिकारी ओपी सिंह, जेयष्ठ गन्ना विकास निरिक्षक अशोक कुमार यादव, शुगर मिल गन्ना प्रबंधक अमानुल्ला खां को बंधक बनाकर धूप में बैठा लिया। हरपाल सिंह ने अधिकारियों ने तत्काल बकाया गन्ना भुगतान ब्याज समेत दिलाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि भुगतान न मिलने तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इसके अलावा 26 अगस्त को महापंचायत का आयोजन कर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। इस मौके पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष जोगेंद्र सिंह, बिजेंद्र सिह, कैलाश त्यागी, राजपाल सिंह, महिपाल सिंह, समरपाल सिंह, चौधरी महेंद्र सिंह, संजीव, दीपक शर्मा, नरेंद्र सिंह, श्याम सिंह समेत सैंकड़ो किसान और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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गढ़मुक्तेश्वर। किसानों का गन्ना भुगतान न होने पर सोमवार को भाकियू के हरपाल गुट ने गन्ना समिति के कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। वहीं किसानों को समझाने आए डीसीओ सहित अन्य अधिकारियों को भी बंधक बनाकर धूप में बैठा लिया। हालांकि बाद में अधिकारियों के आश्वासन पर किसान शांत हुए। वहीं भाकियू ने अब 26 अगस्त को महापंचायत में आंदोलन की रणनीति तय करने का निर्णय लिया।
सिंभावली गन्ना समिति परिसर में भाकियू हरपाल गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरपाल सिंह के नेतृत्व में गन्ना भुगतान को लेकर कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन शुरू किया। जिसकी अध्यक्षता रामबाबू सिंह ने की। जिसमें हरपाल सिंह ने कहा कि एक्ट 1966 के तहत 15 दिन के भीतर गन्ना भुगतान न मिलने पर किसानों को ब्याज समेत भुगतान करने का प्रावधान है। लेकिन आज तक किसी भी शुगर मिल ने किसानों को बकाया पर ब्याज नहीं दिया है। आज तक किसी भी सरकार ने किसी भी शुगर मिल के खिलाफ कोई कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि सभी सरकारें मिल मालिकों के पक्ष में है, जिसके चलते किसानों को आर्थिक क्षति झेलनी पड़ रही है। भुगतान न मिलने के कारण आर्थिक तंगी के चलते दर्जनों किसानों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकारों को अपनी आवाज सुनाने के लिए किसानों को भुगतान नहीं तो वोट नहीं की नीति अपनानी होगी। जिससे सरकार को किसानों के हित की बात सोचने के लिए मजबूर होना पडे़गा। धरने के दौरान किसानों ने ठोस आश्वासन न मिलने पर जिला गन्नाधिकारी ओपी सिंह, जेयष्ठ गन्ना विकास निरिक्षक अशोक कुमार यादव, शुगर मिल गन्ना प्रबंधक अमानुल्ला खां को बंधक बनाकर धूप में बैठा लिया। हरपाल सिंह ने अधिकारियों ने तत्काल बकाया गन्ना भुगतान ब्याज समेत दिलाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि भुगतान न मिलने तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इसके अलावा 26 अगस्त को महापंचायत का आयोजन कर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। इस मौके पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष जोगेंद्र सिंह, बिजेंद्र सिह, कैलाश त्यागी, राजपाल सिंह, महिपाल सिंह, समरपाल सिंह, चौधरी महेंद्र सिंह, संजीव, दीपक शर्मा, नरेंद्र सिंह, श्याम सिंह समेत सैंकड़ो किसान और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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