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वाह री पुलिस, बंदोबस्त के साथ लापरवाही भी
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वाह री पुलिस, बंदोबस्त के साथ लापरवाही भी
गढ़मुक्तेश्वर। कांवड़ यात्रा को सकुशल निपटाने के लिए पुलिस द्वारा डायवर्जन किया गया है। लेकिन स्थानीय पुलिस लापरवाही कर रही है। रूट डायवर्जन लागू होने के बाद भी नेशनल हाइवे पर भारी वाहन फर्राटा भर रहे हैं।
सावन की कांवड़ यात्रा को पूरी तरह सकुशल संपन्न कराने के मकसद से योगी सरकार ने गढ़ ब्रजघाट गंगानगरी समेत समूचे पश्चिमी यूपी में हाई अलर्ट घोषित किया हुआ है, जिसके मद्देनजर हापुड़ और अमरोहा के पुलिस प्रशासन के बीच कई दौर की बातचीत होने पर दिल्ली लखनऊ हाइवे को भारी वाहनों के लिए बंद करने की रूपरेखा तैयार की गई थी। जिसके तहत 27 जुलाई की देर शाम को ही भारी वाहनों का आवागमन रोक कर उन्हें वैकल्पिक रास्तों से निकालने की कवायद चालू की गई थी, जबकि हाइवे की एक लाइन को भी कांवड़ ले जाने वालों के लिए रिजर्व किया हुआ है। लेकिन अमर उजाला टीम ने रविवार की देर शाम को रूट डायवर्जन की जमीनी हकीकत परखी तो सारी हकीकत खुलकर सामने आ गई। जनपद अमरोहा के गजरौला की तरफ से भारी वाहन धड़ल्ले के साथ ब्रजघाट होकर गढ़ की ओर आ रहे थे। ब्रजघाट पुल के पास इंस्पेक्टर राजपाल सिंह तोमर ने गजरौला की तरफ से आ रहे कई माल वाहक वाहनों को आगे निकालने की बजाए वहीं से वापिस लौटा दिया। लेकिन कांवड़ियों का दबाव बढ़ने से कई ट्रकों को वापस नहीं कराया जा सका, जिस पर पुलिस ने उन्हें पलवाड़ा मार्ग पर लाकर खड़ा करा दिया। अमरोहा पुलिस का जेब गरम करने का लालच ब्रजघाट में मुसीबत की वजह भी बन सकता है, क्योंकि अगर हादसा होने पर कोई शिवभक्त घायल हो गया तो फिर बवाल मचना तय है।
सीओ अशोक शुक्ल और इंस्पेक्टर राजपाल सिंह तोमर का कहना है कि रूट डायवर्जन का सख्ती से पालन कराने के साथ ही वे स्वयं भी इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं, वहीं गजरौला की तरफ से आने वाले बड़े वाहनों का आवागमन पूरी तरह रुकवाने को अमरोहा पुलिस से भी वार्ता कर ली गई है।
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गढ़मुक्तेश्वर। कांवड़ यात्रा को सकुशल निपटाने के लिए पुलिस द्वारा डायवर्जन किया गया है। लेकिन स्थानीय पुलिस लापरवाही कर रही है। रूट डायवर्जन लागू होने के बाद भी नेशनल हाइवे पर भारी वाहन फर्राटा भर रहे हैं।
सावन की कांवड़ यात्रा को पूरी तरह सकुशल संपन्न कराने के मकसद से योगी सरकार ने गढ़ ब्रजघाट गंगानगरी समेत समूचे पश्चिमी यूपी में हाई अलर्ट घोषित किया हुआ है, जिसके मद्देनजर हापुड़ और अमरोहा के पुलिस प्रशासन के बीच कई दौर की बातचीत होने पर दिल्ली लखनऊ हाइवे को भारी वाहनों के लिए बंद करने की रूपरेखा तैयार की गई थी। जिसके तहत 27 जुलाई की देर शाम को ही भारी वाहनों का आवागमन रोक कर उन्हें वैकल्पिक रास्तों से निकालने की कवायद चालू की गई थी, जबकि हाइवे की एक लाइन को भी कांवड़ ले जाने वालों के लिए रिजर्व किया हुआ है। लेकिन अमर उजाला टीम ने रविवार की देर शाम को रूट डायवर्जन की जमीनी हकीकत परखी तो सारी हकीकत खुलकर सामने आ गई। जनपद अमरोहा के गजरौला की तरफ से भारी वाहन धड़ल्ले के साथ ब्रजघाट होकर गढ़ की ओर आ रहे थे। ब्रजघाट पुल के पास इंस्पेक्टर राजपाल सिंह तोमर ने गजरौला की तरफ से आ रहे कई माल वाहक वाहनों को आगे निकालने की बजाए वहीं से वापिस लौटा दिया। लेकिन कांवड़ियों का दबाव बढ़ने से कई ट्रकों को वापस नहीं कराया जा सका, जिस पर पुलिस ने उन्हें पलवाड़ा मार्ग पर लाकर खड़ा करा दिया। अमरोहा पुलिस का जेब गरम करने का लालच ब्रजघाट में मुसीबत की वजह भी बन सकता है, क्योंकि अगर हादसा होने पर कोई शिवभक्त घायल हो गया तो फिर बवाल मचना तय है।
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सीओ अशोक शुक्ल और इंस्पेक्टर राजपाल सिंह तोमर का कहना है कि रूट डायवर्जन का सख्ती से पालन कराने के साथ ही वे स्वयं भी इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं, वहीं गजरौला की तरफ से आने वाले बड़े वाहनों का आवागमन पूरी तरह रुकवाने को अमरोहा पुलिस से भी वार्ता कर ली गई है।
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