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Hapur News: रोडवेज बसों की खिड़कियों के टूटे शीशे, गत्ता लगाकर सफर करने को मजबूर यात्री

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 20 Dec 2022 11:24 PM IST
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रोडवेज बसों की खिड़कियों के टूटे शीशे, गत्ता लगाकर सफर करने को मजबूर यात्री
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हापुड़। रोडवेज की अधिकांश बसों के शीशे टूटे पड़े हैं। जिसके चलते यात्री ठंडी हवा अंदर न आ सके इसके लिए जुगाड़ करके यात्रा करने को मजबूर हैं। कंपकंपाती ठंड में यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में मंगलवार को यात्रियों ने एआरएम को शिकायती पत्र लिखकर समस्या का समाधान करने के लिए मांग की है।
हापुड़ डिपो की करीब 107 रोडवेज और करीब 15 अनुबंधित बसों का विभिन्न जिलों में संचालन होता है। सबसे अधिक बसों का संचालन गाजियाबाद और दिल्ली रूट पर होता है। इसके अलावा बरेली, मुरादाबाद, अयोध्या, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, लखनऊ तक हापुड़ डिपो की बसों का संचालन होता है। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में हापुड़ डिपो की बसों में यात्री सफर करते हैं। लेकिन, डिपो की अधिकांश बसों के ठंड से पहले टूटे खिड़कियों के शीशों तक को नहीं बदलवाया गया है।
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हालत यह है कि डिपो की अधिकांश बसों के कम से कम एक खिड़की का शीशा तो टूटा ही पड़ा हुआ है। कई बसें ऐसी भी हैं जिनके दो या दो से अधिक खिड़कियों के भी शीशे टूटे पड़े हैं। इसका खामियाजा यात्रियों को झेलना पड़ रहा है। उन्हें कड़ाके की ठंड में खिड़कियों पर गत्ता लगाकर जुगाड़ करना पड़ रहा है। इसके बाद भी बसों के अंदर ठंड हवा प्रवेश करती है। ऐसे में ठंड में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में दैनिक यात्रियों के साथ-साथ अन्य यात्रियों में रोष व्याप्त है।
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दैनिक यात्री संदीप कुमार का कहना है कि टिकट के दामों में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। जिसका यात्री भुगतान भी कर रहा है। इसके बाद भी उन्हें रोडवेज बसों में अच्छी सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।
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चालक व परिचालकों पर शीशे बदलवाने का बनाया जा रहा दबाव
नाम न लिखने की शर्त पर चालक व परिचालकों ने डिपो के अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि उन पर खिड़कियों के शीशे को बदलवाने का दबाव बनाया जा रहा है। यदि खिड़की के शीशे बदलवाने पर असमर्थता व्यक्त की जाती है तो संविदा कर्मियों के चालक व परिचालकों को नौकरी तक से निकालने की धमकी दी जाती है। जिसके कारण उन्हें बिना शीशे की बसों को चलाना पड़ रहा है।
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अक्तूबर और नवंबर में शीशों की कराई गई थी जांच
अधिकारियों का दावा है कि डिपो की सभी बसों की खिड़कियों के शीशों की जांच सर्दियां शुरू होने से पहले ही अक्तूबर और नवंबर में ही जांच कराई गई थी। जांच के बाद सभी बसों में दिनांक को अंकित भी किया गया था। जांच के दौरान जिन बसों में शीशे नहीं थे उन्हें दुरुस्त कराया गया था। लेकिन, अब फिर से खिड़कियों के शीशे टूट गए हैं।

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एआरएम संदीप नायक ने कहा कि कुछ बसे हैं जिनके शीशे टूट गए हैं। हाल ही में शीशों के बदलवाने का कार्य किया गया था। अब फिर से सभी बसों के शीशों की जांच कराई जाएगी। जिन बसों में शीशे नहीं होंगे उनके शीशों को बदलवाया जाएगा। सर्दियों में यात्रियों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
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