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नोटबंदी बन सकती है हज यात्रा में बाधा
ब्यूरो अमर उजाला, हापुड़
Updated Wed, 21 Dec 2016 08:31 PM IST
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हजयात्रा
- फोटो : Demo Pic
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हज यात्रा 2017 के लिए हज कमेटी ऑफ इंडिया ने प्रारंभिक तैयारी पूरी कर ली है, लेकिन नोटबंदी की वजह से यात्रा पर जाने वाले आजमीनों में बेचैनी है। बैंकों से पर्याप्त कैश नहीं मिलने से हज यात्रा प्रभावित होने की भी आशंका जताई जा रही है।
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हज यात्रा की पहली किस्त के रूप में करीब 81 हजार रुपये दो जनवरी से जमा होने हैं। बैंक से इतने धन की निकासी नहीं होने की स्थिति में यात्रा की तैयारी किए हुए आजमीन सरकार द्वारा किसी नियम की आस लगाए हुए हैं।
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हज यात्रा पर जाने के लिए दो जनवरी से फार्म भरे जाएंगे। अंतिम तिथि 24 जनवरी निर्धारित की गई है। फार्म भरने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाटरी सिस्टम द्वारा आजमीनों के नामों का चयन किया जाएगा।
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इसके बाद चयनित यात्रियों को हज खर्च के रूप में पहली किस्त करीब 81 हजार रुपये का ड्राफ्ट हज कमेटी के खाते में जमा कराना होगा। नोटबंदी की वजह से बैंकों से मात्र दो से दस हजार रुपये ही खाताधारकों को मिल रहे हैं
ऐसे में यात्रियों को पहली किस्त जमा कराने में दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। डॉ. सरफराज आलम ने बताया कि इस मामले में केंद्र सरकार और हज कमेटी को गंभीर होना पड़ेगा, नहीं तो बहुत लोगों को इस बार हज यात्रा करने से वंचित होना पड़ेगा।
हालांकि, अभी हज कमेटी द्वारा नियम कायदे आने बाकी हैं, जिसके बाद स्थिति साफ होगी। हज व उमरे के खिदमतगार सैय्यद फाकिर रिजवी ने बताया कि नोटबंदी की वजह से इस बार जिले से जाने वाले हज यात्रियों की संख्या में कमी होने की उम्मीद दिखाई दे रही है।
पहली किस्त के रूप में इतनी बड़ी रकम इकट्ठा करने में लोगों को दिक्कत आ रही है। हालांकि नियमों में अगर कुछ बदलाव हुआ तो लोगों को राहत मिल सकेगी।