{"_id":"633b359f77527920511499ec","slug":"ganga-festival-hapur-news-gbd245511387","type":"story","status":"publish","title_hn":"गढ़ गंगा कार्तिक मेले में नहीं बिकेंगे घोड़ा और खच्चर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गढ़ गंगा कार्तिक मेले में नहीं बिकेंगे घोड़ा और खच्चर
सार
गढ़ गंगा कार्तिक मेले में नहीं बिकेंगे घोड़ा और खच्चरहापुड़।इस निर्णय मेले की आय पर फर्क पड़ेगा, लेकिन जिला पंचायत और प्रशासन भव्य मेले के लिए तैयारी में जुटा है।मुख्य स्नान पर्व दिनांक आठ नवंबर को होगा।
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गढ़ गंगा कार्तिक मेले में नहीं बिकेंगे घोड़ा और खच्चर
हापुड़। एतिहासिक गढ़ गंगा कार्तिक मेले में इस बार पहली बार घोड़ा खच्चर मेला नहीं लगेगा। लंपी की बीमारी के कारण जिला प्रशासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है। इस निर्णय मेले की आय पर फर्क पड़ेगा, लेकिन जिला पंचायत और प्रशासन भव्य मेले के लिए तैयारी में जुटा है। शासन ने 1.30 करोड़ रुपये की अनुमति स्वीकृति भेजी। हालांकि 2.46 करोड़ के बजट की मांग की गई थी। अब एक बार फिर एक करोड़ रुपये की स्वीकृति के लिए डीएम की ओर से पत्र भेजा गया है।
जिला पंचायत सभागार में गढ़ गंगा मेला की तैयारियों के लिए आयोजित बैठक में अधिकारियों ने इसकी रूप रेखा तैयार की। मुख्य स्नान पर्व दिनांक आठ नवंबर को होगा। अपर मुख्य अधिकारी आरती मिश्रा ने बताया कि मेले के आयोजन के लिए शासन से 2 करोड़ 42 लाख रुपये अनुदान की मांग की गई थी। जबकि शासन से 1.30 करोड़ के अनुदान की स्वीकृति मिलेगी। जिला पंचायत की ओर से 1.50 करोड़ रुपये के टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। लंपी को देखते हुए पशु मेले पर पाबंदी जरूर रहेगी, लेकिन मेले का भव्य आयोजन किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा नागर ने की। जिसमें प्रमोद नागर, मेला कमेटी के सदस्य रविंद्र सिंह, सुनीता लोधी, पूजा बंसल, सतीश प्रधान, शीतल बाना, आभा यादव, राशिद अली, फरहाना, सुमित सिसौदिया ने भाग लिया।
नहीं होगी भैंसा बुग्गी और ट्रैक्टर दौड़ -
मेले में किसी भी दुर्घटना को रोकने के लिए भैंसा बुग्गी और ट्रैक्टर दौड़ को प्रतिबंधित कर दिया गया है। डीएम ने स्पष्ट आदेश करते हुए कहा है कि ऐसा करने वालों पर कार्रवाई के लिए पुलिस को निर्देशित किया जाएगा।
विज्ञापन
जिला पंचायत ने जारी किए टेंडर --
जिला पंचायत ने मेले में होने वाले 50 कार्यों की योजना तैयार कर टेंडर जारी कर दिया है। मेले को भव्य रूप देने के लिए इस वर्ष में सबसे अधिक रुपये सड़कों, बेरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, लोगों के बैठने की व्यवस्था समेत साफ सफाई पर खर्च होंगे। इसके लिए 1.44 करोड़ रुपये के मेले में होने वाले कार्यों के टेंडर जारी कर दिए गए हैं। मेले में श्रद्धालुओं से लेकर पुलिस अधिकारियों, कर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को परेशानी न हो इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए तैयारी लगातार की जा रही है।
इन मुख्य कार्यों में होंगे रुपये खर्च
कार्य खर्च
प्रकाश व्यवस्था 15 लाख रुपये
सड़क मरम्मत व निर्माण 12 लाख रुपये
अस्थाई पुल निर्माण 07 लाख रुपये
टीन के पंडाल निर्माण 7.50 लाख रुपये
गोताखोर व जाल 1.96 लाख रुपये
टेंट व फर्नीचर 23 लाख रुपये
सीसीटीवी कैमरे 2.31 लाख रुपये
स्टेज व कुर्सी व्यवस्था 4.02 लाख रुपये
शौचालय व सफाई 6.60 लाख रुपये
विज्ञापन
हापुड़। एतिहासिक गढ़ गंगा कार्तिक मेले में इस बार पहली बार घोड़ा खच्चर मेला नहीं लगेगा। लंपी की बीमारी के कारण जिला प्रशासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है। इस निर्णय मेले की आय पर फर्क पड़ेगा, लेकिन जिला पंचायत और प्रशासन भव्य मेले के लिए तैयारी में जुटा है। शासन ने 1.30 करोड़ रुपये की अनुमति स्वीकृति भेजी। हालांकि 2.46 करोड़ के बजट की मांग की गई थी। अब एक बार फिर एक करोड़ रुपये की स्वीकृति के लिए डीएम की ओर से पत्र भेजा गया है।
जिला पंचायत सभागार में गढ़ गंगा मेला की तैयारियों के लिए आयोजित बैठक में अधिकारियों ने इसकी रूप रेखा तैयार की। मुख्य स्नान पर्व दिनांक आठ नवंबर को होगा। अपर मुख्य अधिकारी आरती मिश्रा ने बताया कि मेले के आयोजन के लिए शासन से 2 करोड़ 42 लाख रुपये अनुदान की मांग की गई थी। जबकि शासन से 1.30 करोड़ के अनुदान की स्वीकृति मिलेगी। जिला पंचायत की ओर से 1.50 करोड़ रुपये के टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। लंपी को देखते हुए पशु मेले पर पाबंदी जरूर रहेगी, लेकिन मेले का भव्य आयोजन किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा नागर ने की। जिसमें प्रमोद नागर, मेला कमेटी के सदस्य रविंद्र सिंह, सुनीता लोधी, पूजा बंसल, सतीश प्रधान, शीतल बाना, आभा यादव, राशिद अली, फरहाना, सुमित सिसौदिया ने भाग लिया।
विज्ञापन
नहीं होगी भैंसा बुग्गी और ट्रैक्टर दौड़ -
मेले में किसी भी दुर्घटना को रोकने के लिए भैंसा बुग्गी और ट्रैक्टर दौड़ को प्रतिबंधित कर दिया गया है। डीएम ने स्पष्ट आदेश करते हुए कहा है कि ऐसा करने वालों पर कार्रवाई के लिए पुलिस को निर्देशित किया जाएगा।
विज्ञापन
जिला पंचायत ने जारी किए टेंडर --
जिला पंचायत ने मेले में होने वाले 50 कार्यों की योजना तैयार कर टेंडर जारी कर दिया है। मेले को भव्य रूप देने के लिए इस वर्ष में सबसे अधिक रुपये सड़कों, बेरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, लोगों के बैठने की व्यवस्था समेत साफ सफाई पर खर्च होंगे। इसके लिए 1.44 करोड़ रुपये के मेले में होने वाले कार्यों के टेंडर जारी कर दिए गए हैं। मेले में श्रद्धालुओं से लेकर पुलिस अधिकारियों, कर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को परेशानी न हो इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए तैयारी लगातार की जा रही है।
इन मुख्य कार्यों में होंगे रुपये खर्च
कार्य खर्च
प्रकाश व्यवस्था 15 लाख रुपये
सड़क मरम्मत व निर्माण 12 लाख रुपये
अस्थाई पुल निर्माण 07 लाख रुपये
टीन के पंडाल निर्माण 7.50 लाख रुपये
गोताखोर व जाल 1.96 लाख रुपये
टेंट व फर्नीचर 23 लाख रुपये
सीसीटीवी कैमरे 2.31 लाख रुपये
स्टेज व कुर्सी व्यवस्था 4.02 लाख रुपये
शौचालय व सफाई 6.60 लाख रुपये