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कोहरे से सरसों की फसल पर माहू, सफेद गिरवी का प्रकोप
अमर उजाला ब्यूरो/हापुड़
Updated Sun, 18 Dec 2016 08:58 PM IST
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sarso
- फोटो : अमर उजाला
सर्दी बढ़ने के साथ ही धुंध छाने से सरसों की फसल पर माहू, सफेद गिरवी रोग का प्रकोप बढ़ रहा है। इसपर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया तो फसल उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है। पीपीओ ने अनेक गांवों में फसल का निरीक्षण कर किसानों को बचाव की जानकारी दी है।
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पीपीओ सतीश मलिक ने बताया कि कोहरा बढ़ने से सरसों की फसल पर माहू (चैपा) रोग का प्रकोप बढ़ रहा है। माहू कीट सरसों की पत्तियों का रस चूसकर पौधे को कमजोर कर देता है। इसके प्रकोप से पौधे पर चिपचिपा पदार्थ जम जाता है। कुछ ही दिनों में पौधा नष्ट हो जाता है।
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उन्होंने बताया कि माहू कीट के प्रकोप से फसलों को बचाने के लिए किसान मॉनोक्रोटोफॉस 36 ईसी की 750 एमएल मात्रा 400-600 लीटर पानी में मिलाकर प्रति हेक्टेयर फसल पर स्प्रे कर सकते हैं। फसलों के निरीक्षण के दौरान सरसों पर सफेद गिरवी रोग का प्रकोप भी देखने को मिला है।
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इसके प्रकोप से पौधे की पत्तियां पीली पड़ जाती हैं। पौधे की टहनियां टेढ़ी होकर सूखने लगती हैं। यह रोग बहुत तेजी से फसल पर फैलता है। उन्होंने बताया कि उक्त रोग की रोकथाम के लिए किसान मेनकॉजेब 75डब्लूपी या जिनेब 75डब्लूपी की दो किलोग्राम मात्रा 400-600 लीटर पानी में मिलाकर प्रति हेक्टेयर फसल पर स्प्रे कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि भटियाना, मलकपूर, सादिकपुर गांवों में यह रोग अधिक देखने को मिला है।