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Hapur News: जलभराव में डूबे खादर के गांव, मुश्किल में ग्रामीण
Sun, 10 Aug 2025 10:49 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Sun, 10 Aug 2025 10:49 PM IST
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गढ़मुक्तेश्वर। लगातार बारिश और गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण खादर क्षेत्र के 12 गांव जलभराव की चपेट में हैं। खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब चुकी हैं, इससे किसानों को भारी नुकसान का खतरा है। घरों के आंगन और गलियों में घुटनों तक पानी भरने से लोगों का आना जाना मुश्किल हो गया है। प्रशासनिक टीमों के दौरे के बावजूद ग्रामीणों की मुश्किल कम नहीं हो रही है।
खादर क्षेत्र के गांवों में बाढ़ के पानी से स्थानीय लोगों का जीवन बदहाल हो गया है। घरों के अंदर तक पानी घुसने से घरेलू कार्य प्रभावित हो रहे हैं। खेतों में जलभराव के बीच किसान अपनी जान खतरे में डालकर चारा ला रहे हैं। वहीं, घरों से नौकरी, मजदूरी करने के लिए लोगों के लिए ट्रैक्टर-ट्राली का सहारा लेना पड़ रहा है।
पिछले कई दिनों से गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी होने से खादर क्षेत्र के किनारे पर बसे 12 गांवों में जीवन-यापन ठप हो गया है। बाढ़ का पानी गांवों की आबादी में पहुंच गया है। कुछ घरों में पानी पहुंचने पर ग्रामीणों ने अपने सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाना शुरू कर दिया है। पानी के बहने की रफ्तार भी बहुत तेज है। फसलों के साथ खेत ङी गंगा के बहाव के साथ बह रहे हैं। ऐसे में चारे का संकट मंडराने लगा है। हालांकि, प्रशासन भी पूरी तरह से अलर्ट है। वहीं, लेखपाल गांव-गांव घूम रहे हैं। बाढ़ राहत चौकियों के माध्यम से पूरे हालात पर नजर रखी जा रही है।
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केंद्रीय जल आयोग के गेज अधिकारी आबाद आलम ने बताया कि शनिवार को 199.57 मीटर दर्ज किया गया था, जबकि रविवार को दोपहर करीब 15 सेंटीमीटर की जलस्तर में कमी होने से 199.42 मीटर दर्ज किया गया है। हालांकि, रविवार को बिजनौर से करीब एक लाख 30 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
घर छोड़ने को तैयार नहीं ग्रामीण
गांवों में पानी भरने के बाद भी लोग अपना आशियाना छोड़ने को तैयार नहीं है। जबकि गांवों में जलभराव होने से ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने आपूर्ति भी काटी हुई है। इसके बावजूद रात के अंधेरे में लोग अपना जीवन ज्ञापन कर रहे हैं।
खाद्य सामग्री का कराया वितरण कराया
खादर क्षेत्र के गांवों में जहां-जहां घरों में पानी भर चुका है। वहां लोगों को जीवन ज्ञापन करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अधिकारियों ने गंगा नगर, लठीरा, चक लठीरा, शेरा कृष्णा वाली मंढैया आदि गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों को खाद्य राहत सामग्री वितरित की। इसके साथ गांवों में मोबाइल शौचालय भी लगवाए गए हैं।
खादर क्षेत्रों के लिए बना कंट्रोल रूम
पीड़ितों के लिए फोन नंबर 0122- 2304834, 2304835 और जिला कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबर 1077 पर जारी किए गए हैं। जिससे कि पीड़ित अपनी समस्या और शिकायत दर्ज करा सकें।
सीएमओ ने घर-घर जाकर बांटी दवा
रविवार को सीएमओ डॉ. सुनील कुमार त्यागी अपनी टीम के साथ प्रभावित इलाकों में पहुंचे। पानी से होते हुए अधिकारी लोगों के घरों तक पहुंचे और जांच की। साथ ही बुखार, चर्म रोग और नजला-खांसी से पीड़ितों को अन्य जीवनरक्षक दवाएं बांटी गई। इसके साथ बाढ़ चौकियों के चिकित्सकों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
कोट -
जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है। रविवार की शाम तक भी करीब 15 से 17 सेंटीमीटर जलस्तर में कमी दर्ज की गई है। उम्मीद है आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी। - श्रीराम सिंह, एसडीएम
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खादर क्षेत्र के गांवों में बाढ़ के पानी से स्थानीय लोगों का जीवन बदहाल हो गया है। घरों के अंदर तक पानी घुसने से घरेलू कार्य प्रभावित हो रहे हैं। खेतों में जलभराव के बीच किसान अपनी जान खतरे में डालकर चारा ला रहे हैं। वहीं, घरों से नौकरी, मजदूरी करने के लिए लोगों के लिए ट्रैक्टर-ट्राली का सहारा लेना पड़ रहा है।
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पिछले कई दिनों से गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी होने से खादर क्षेत्र के किनारे पर बसे 12 गांवों में जीवन-यापन ठप हो गया है। बाढ़ का पानी गांवों की आबादी में पहुंच गया है। कुछ घरों में पानी पहुंचने पर ग्रामीणों ने अपने सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाना शुरू कर दिया है। पानी के बहने की रफ्तार भी बहुत तेज है। फसलों के साथ खेत ङी गंगा के बहाव के साथ बह रहे हैं। ऐसे में चारे का संकट मंडराने लगा है। हालांकि, प्रशासन भी पूरी तरह से अलर्ट है। वहीं, लेखपाल गांव-गांव घूम रहे हैं। बाढ़ राहत चौकियों के माध्यम से पूरे हालात पर नजर रखी जा रही है।
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केंद्रीय जल आयोग के गेज अधिकारी आबाद आलम ने बताया कि शनिवार को 199.57 मीटर दर्ज किया गया था, जबकि रविवार को दोपहर करीब 15 सेंटीमीटर की जलस्तर में कमी होने से 199.42 मीटर दर्ज किया गया है। हालांकि, रविवार को बिजनौर से करीब एक लाख 30 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
घर छोड़ने को तैयार नहीं ग्रामीण
गांवों में पानी भरने के बाद भी लोग अपना आशियाना छोड़ने को तैयार नहीं है। जबकि गांवों में जलभराव होने से ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने आपूर्ति भी काटी हुई है। इसके बावजूद रात के अंधेरे में लोग अपना जीवन ज्ञापन कर रहे हैं।
खाद्य सामग्री का कराया वितरण कराया
खादर क्षेत्र के गांवों में जहां-जहां घरों में पानी भर चुका है। वहां लोगों को जीवन ज्ञापन करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अधिकारियों ने गंगा नगर, लठीरा, चक लठीरा, शेरा कृष्णा वाली मंढैया आदि गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों को खाद्य राहत सामग्री वितरित की। इसके साथ गांवों में मोबाइल शौचालय भी लगवाए गए हैं।
खादर क्षेत्रों के लिए बना कंट्रोल रूम
पीड़ितों के लिए फोन नंबर 0122- 2304834, 2304835 और जिला कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबर 1077 पर जारी किए गए हैं। जिससे कि पीड़ित अपनी समस्या और शिकायत दर्ज करा सकें।
सीएमओ ने घर-घर जाकर बांटी दवा
रविवार को सीएमओ डॉ. सुनील कुमार त्यागी अपनी टीम के साथ प्रभावित इलाकों में पहुंचे। पानी से होते हुए अधिकारी लोगों के घरों तक पहुंचे और जांच की। साथ ही बुखार, चर्म रोग और नजला-खांसी से पीड़ितों को अन्य जीवनरक्षक दवाएं बांटी गई। इसके साथ बाढ़ चौकियों के चिकित्सकों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
कोट -
जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है। रविवार की शाम तक भी करीब 15 से 17 सेंटीमीटर जलस्तर में कमी दर्ज की गई है। उम्मीद है आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी। - श्रीराम सिंह, एसडीएम