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पांच दिन से भूखे किसान, अफसर अनजान
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Wed, 05 Oct 2016 08:56 PM IST
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पांच दिन से भूख हड़ताल पर हैं किसान
- फोटो : अमर उजाला
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आर्थिक तंगी से जूझ रहे गन्ना किसान पिछले पांच दिन से गन्ने के बकाया भुगतान के लिए भूख हड़ताल कर रहे हैं। इन पांच दिनों में मिल प्रबंधन, अफसर या कोई नेता भुगतान तो दूर उनका हाल पूछने भी धरना स्थल पर नहीं गया।
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इससे आक्रोशित किसानों ने अब उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। बकाया गन्ना मूल्य की अदायगी को लेकर सिंभावली शुगर मिल परिसर में पिछले 16 दिन से किसान धरना दे रहे हैं।
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शासन प्रशासन का रवैया देखते हुए किसानों ने पांच दिन पहले भूख हड़ताल शुरू कर दी।बावजूद इसके न तो अफसर और न ही मिल प्रबंधन किसानों की सुध ले रहा है। इससे किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
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किसान नेता दिनेश खेड़ा ने कहा कि किसानों की हमदर्द होने का दम भरने वाली केंद्र और प्रदेश सरकार बकाया पेमेंट की अदायगी करने की बजाए शुगर लॉबी से साठगांठ किए हुए हैं।
इसके चलते एफआईआर व आरसी जारी होने के बाद भी मिल मालिक और प्रबंधन से जुड़े अफसरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अगर अब भी बकाया भुगतान नहीं किया गया तो किसान उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष देवेंद्र प्रधान, रामपाल चौहान और प्रधान अय्यूब अली ने कहा कि वर्ष 1997 के आंदोलन में शहीद हुए किसान यशवीर रसूलपुर और सिपाही की प्रतिमा भी वादे के मुताबिक आज तक मिल के गेट पर नहीं लगाई गई हैं,
यह मिल प्रबंधन की मनमानी का खुला प्रमाण है। भूख हड़ताल कर रहे किसान जसवीर सिंह त्यागी, सतेंद्र प्रधान, शोभाराम गुर्जर, फूलसिंह, साजिद खां के साथ धरना स्थल पर चमन सिंह, अमित शर्मा, हाजी अनवर, बबलू, सतीश, मौजपाल, सोनू, इफ्तेकार,
मुबारक खां, राहत अली, माशा अल्लाह, पप्पू, उमेश त्यागी, हरविंद्र, सुरेंद्र, जितेंद्र, रामवीर, भीष्म सिंह, संजीव चौधरी, सत्यनारायण चौहान, मेहर पधान, गजेंद्र, विपिन, ब्रजपाल पूनिया, हरेंद्र बाखड़ और बंटी गुर्जर सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
किसान नेता दिनेश खेड़ा ने बताया कि भूख हड़ताल पर बैठे किसानों की हालत बिगड़ रही है। लगातार पांच दिन से भूख हड़ताल के कारण उनका बीपी और शुगर लेवल घट बढ़ रहा है। इससे उनकी जान को खतरा है।
मिल परिसर में आंदोलन कर रहे किसानों के हंगामे और लगातार चल रहे धरने से भयभीत होकर इंजीनियर और टेक्नीशियन घर चले गए हैं। इससे मिल की मरम्मत और मशीनों के दुरुस्त न होने से नया पेराई सत्र 19 अक्तूबर को चालू कर पाना असंभव प्रतीत हो रहा है। करनसिंह, सीजीएम, सिंभावली शुगर मिल
पिछले पेराई सत्र में सिंभावली शुगर मिल ने 1.04 करोड़ क्विंटल गन्ने की खरीद की थी। इसका कुल मूल्य 294 करोड़ हुआ था, लेकिन किसानों को अब तक 160 करोड़ रुपये का ही भुगतान किया गया है। शुगर मिल पर किसानों का 134 करोड़ रुपये बकाया है। राजीव सेठ, सचिव , सहकारी गन्ना विकास समिति
शुगर मिल मालिकों समेत प्रबंधन तंत्र से जुड़े अफसरों के खिलाफ जो एफआईआर दर्ज हुई थीं, उनकी सही स्थिति की फिलहाल मुझे कोई जानकारी नहीं है। आरोपी अफसरों की गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी जा रही हैं। उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हरशरण शर्मा, इंस्पेक्टर
शासन के निर्देश पर जारी किए गए आरसी प्रमाणपत्र का अनुपालन कराकर किसानों को बहुत जल्द बकाया पेमेंट दिलाया जाएगा। आरएन पांडेय, एसडीएम