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Hapur News: जन आरोग्य मेलों में बुखार, खांसी जुकाम के मरीज बढ़े
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चमरी स्थित पीएचसी में लगे जन आरोग्य मेले में मरीज का उपचार करते चिकित्सक। संवाद
हापुड़। जन आरोग्य मेलों में रविवार को वायरल बुखार, त्वचा रोग और कोल्ड डायरिया के मरीज सबसे अधिक पहुंचे। 19 स्थानों पर लगे शिविरों में 1652 मरीज आए। इनमें 20 फीसदी से अधिक बुखार और खांसी जुकाम वाले मरीज रहे। साथ ही सांस, रक्तचाप, मधुमेह वाले मरीजों की संख्या भी अधिक रही।
सीएमओ डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से तापमान में गिरावट आई है। इसका असर मरीजों की सेहत पर पड़ रहा है। छोटे और नवजात बच्चों में सर्दी लगने के कारण निमोनिया का प्रभाव है। साथ ही कोल्ड डायरिया बच्चों पर अधिक प्रभावी हो रहा है। इस अवस्था में दवाओं के साथ बच्चों की सेहत का अभिभावकों को विशेष ध्यान रखने की सलाह है।
बताया कि शिविर में रक्तचाप और मधुमेह वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। सर्दी में शारीरिक श्रम कम होने और दैनिक दिनचर्या में बदलाव नहीं होने के कारण इस तरह के रोग मरीजों को चपेट में ले रहे हैं। दवाओं के साथ ही मरीजों को खानपान और दिनचर्या में बदलाव की सलाह दी गई है।
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इसके अलावा वायरल बुखार, चर्म रोग, खांसी, जुकाम वाले मरीजों की संख्या भी काफी अधिक रही। शिविर में कुल 1642 मरीज आए। इनमें बुखार और खांसी, जुकाम के 200 से अधिक, चर्म रोग के 90, रक्तचाप और मधुमेह के 122, कोल्ड डायरिया के 53 मरीज रहे। साथ ही गर्भवती महिलाएं भी नियमित जांच के लिए शिविरों में पहुंची।
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सीएमओ डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से तापमान में गिरावट आई है। इसका असर मरीजों की सेहत पर पड़ रहा है। छोटे और नवजात बच्चों में सर्दी लगने के कारण निमोनिया का प्रभाव है। साथ ही कोल्ड डायरिया बच्चों पर अधिक प्रभावी हो रहा है। इस अवस्था में दवाओं के साथ बच्चों की सेहत का अभिभावकों को विशेष ध्यान रखने की सलाह है।
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बताया कि शिविर में रक्तचाप और मधुमेह वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। सर्दी में शारीरिक श्रम कम होने और दैनिक दिनचर्या में बदलाव नहीं होने के कारण इस तरह के रोग मरीजों को चपेट में ले रहे हैं। दवाओं के साथ ही मरीजों को खानपान और दिनचर्या में बदलाव की सलाह दी गई है।
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इसके अलावा वायरल बुखार, चर्म रोग, खांसी, जुकाम वाले मरीजों की संख्या भी काफी अधिक रही। शिविर में कुल 1642 मरीज आए। इनमें बुखार और खांसी, जुकाम के 200 से अधिक, चर्म रोग के 90, रक्तचाप और मधुमेह के 122, कोल्ड डायरिया के 53 मरीज रहे। साथ ही गर्भवती महिलाएं भी नियमित जांच के लिए शिविरों में पहुंची।