{"_id":"6a1db9ce62c953895608bc2b","slug":"farmers-protest-over-lack-of-transparency-in-loan-recovery-by-kcc-hapur-news-c-135-1-hpr1002-142363-2026-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: केसीसी के ऋण वसूली में पारदर्शिता नहीं होने पर किसानों का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: केसीसी के ऋण वसूली में पारदर्शिता नहीं होने पर किसानों का विरोध
विज्ञापन
हापुड़। केसीसी पर लिए ऋण की वसूली के दौरान पारदर्शिता नहीं बरते जाने का आरोप लगाते हुए भाकियू अराजनैतिक के आह्वान पर कार्यकर्ताओं ने सीडीओ कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। इसमें ब्याज दर और वसूली की प्रक्रिया को आसान बनाए जाने की मांग उठाई।
भाकियू जिलाध्यक्ष पवन हूण ने कहा कि वर्तमान समय में समितियों और सहकारी बैंकों में चल रहे ऋण वसूली अभियान में ब्याज दरों तथा नियमों को लेकर भारी अस्पष्टता और अनियमितता बनी हुई है। ब्याज दरों, बकाया की सही गणना और डिफाल्टर बनाने के नियमों को लेकर आज तक कोई भी एक साफ-सीधा, सरल और स्पष्ट आदेश जारी नहीं किया गया है।
पिछले कुछ समय से आप दोनों के स्तर से जारी विभिन्न पत्रों में हर बार अलग-अलग ब्याज दरें बताई गई हैं, जिससे भ्रम की समस्या उत्पन्न हुई है। जमीनी स्तर पर अधिकारी और कर्मचारी अपनी मर्जी से आदेश बदल रहे हैं।
विज्ञापन
इस लापरवाही के कारण पूरे जिले के किसानों में भारी नाराजगी, आक्रोश और अविश्वास फैल चुका है। किसानों ने साफ मन बना लिया है कि जब तक विभाग लिखित में सरल और स्पष्ट अंतिम आदेश जारी नहीं करता, तब तक वह कोई ऋण (लोन) जमा नहीं करेंगे।
इस मौके पर कटार सिंह, राजवीर भाटी, मोनू त्यागी, रवि भाटी, रबजीत सिंह, अशोक राणा, सरजीत सिंह, सुधीर त्यागी, महेंद्र त्यागी मौजूद रहे।
विज्ञापन
भाकियू जिलाध्यक्ष पवन हूण ने कहा कि वर्तमान समय में समितियों और सहकारी बैंकों में चल रहे ऋण वसूली अभियान में ब्याज दरों तथा नियमों को लेकर भारी अस्पष्टता और अनियमितता बनी हुई है। ब्याज दरों, बकाया की सही गणना और डिफाल्टर बनाने के नियमों को लेकर आज तक कोई भी एक साफ-सीधा, सरल और स्पष्ट आदेश जारी नहीं किया गया है।
विज्ञापन
पिछले कुछ समय से आप दोनों के स्तर से जारी विभिन्न पत्रों में हर बार अलग-अलग ब्याज दरें बताई गई हैं, जिससे भ्रम की समस्या उत्पन्न हुई है। जमीनी स्तर पर अधिकारी और कर्मचारी अपनी मर्जी से आदेश बदल रहे हैं।
विज्ञापन
इस लापरवाही के कारण पूरे जिले के किसानों में भारी नाराजगी, आक्रोश और अविश्वास फैल चुका है। किसानों ने साफ मन बना लिया है कि जब तक विभाग लिखित में सरल और स्पष्ट अंतिम आदेश जारी नहीं करता, तब तक वह कोई ऋण (लोन) जमा नहीं करेंगे।
इस मौके पर कटार सिंह, राजवीर भाटी, मोनू त्यागी, रवि भाटी, रबजीत सिंह, अशोक राणा, सरजीत सिंह, सुधीर त्यागी, महेंद्र त्यागी मौजूद रहे।