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Hapur News: जांच में 15 कर्मचारियों की डिग्रियां मिलीं फर्जी

Sat, 24 May 2025 10:30 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़ Updated Sat, 24 May 2025 10:30 PM IST
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fake degree of 15 employee
हापुड़। मोनाड विश्वविद्यालय से डिग्री, डिप्लोमा करने का परिणाम अब दिखने लगा है। एसटीएफ को एक कंपनी द्वारा भेजी 15 कर्मचारियों की डिग्रियां फर्जी मिली है। वहीं, सरकारी अफसर/कर्मचारी बने आठ से दस अभ्यर्थी भी चिंतित हैं, रोजाना विश्वविद्यालय और एसटीएफ में संपर्क कर रहे हैं।
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दरअसल, वर्ष 2022 में बिजेंद्र हुड्डा ने मोनाड विश्वविद्यालय को खरीदा था। तब से अब तक उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, पंजाब, कर्नाटक, उत्तरांचल समेत कई राज्यों में छात्रों को यहां से डिग्रियां दी गईं। कुछ छात्र रेगुलर तो कुछ प्राइवेट तौर पर दर्शाए गए हैं।
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हाल ही में एसटीएफ ने फर्जी डिग्रियां बनाने के रैकेट का पर्दाफाश किया है। इसके साथ कई अन्य एजेंसियां भी डाटा खंगालने का काम कर रही हैं। एसटीएफ की बात करें तो करीब 1300 से 1500 फर्जी अंकतालिकाएं बरामद की गईं, जिनका जिक्र एफआईआर में भी है।
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तीन साल में लगभग 80 हजार से ज्यादा अंक तालिकाएं बनाने की बात सामने आई हैं। हालांकि, इसमें फर्जी कितनी हैं अभी यह जांच का विषय है। एसटीएफ सूत्रों के अनुसार उत्तर प्रदेश की एक कंपनी की ओर से उनके यहां काम कर रहे 15 कर्मचारियों के शैक्षिक दस्तावेज जांच के लिए भेजे गए।

सूत्रों ने बताया कि जब इनकी जांच की गई तो सभी फर्जी मिले। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब एक संस्थान में सभी कर्मचारियों की डिग्रियां फर्जी हो सकती हैं तो कितने बड़े पैमाने पर यह गड़बड़झाला किया होगा।

दिलचस्प बात यह है कि मोनाड विश्वविद्यालय की डिग्रियों के सहारे उत्तर प्रदेश समेत कई अन्य प्रदेशों में सरकारी नौकरी पाने वाले आठ से दस अभ्यर्थी हर रोज विश्वविद्यालय और एसटीएफ को फोन कर डिग्री की सत्यता जानने के साथ ही यह भी प्रयास कर रहे हैं कि भविष्य में उनका क्या होगा, क्योंकि हमने कोई गलती नहीं की है। बहरहाल, यह प्रकरण बेहद जटिल है जिसमें एसटीएफ भी कुछ कहने से बच रही है।


एसटीएफ सूत्रों के अनुसार पूरे प्रकरण को लेकर विश्वविद्यालय संचालकों के बैंक खाते फ्रिज करने पर भी विचार किया जा सकता है। उधर, बकाया जमा न करने पर एचपीडीए भी आरसी जारी करने की तैयारी में है, इसके लिए अधिकारी गणना करने में जुटे हैं।
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