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Hapur News: जिला बनने के 14 साल बाद भी किराये के भवन में संचालित हो रहा वन विभाग कार्यालय
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हापुड़। जिला बनने के 14 वर्ष बाद भी वन विभाग को अपना भवन नसीब नहीं हो सका है और कार्यालय किराये के भवन में संचालित हो रहा है। प्रभागीय वनाधिकारी ने अब डीएम को पत्र लिखकर कार्यालय व कर्मचारियों के आवास निर्माण के लिए पांच हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने की मांग की है।
वर्ष 2012 में हापुड़ को जिला बनाया गया था, इसके साथ ही जिले में वन प्रभाग का सृजन हुआ था लेकिन जिला बनने के 14 वर्ष बाद भी वर्तमान समय में प्रभागीय कार्यालय का संचालन संजय विहार कॉलोनी स्थित क्षेत्रीय वन अधिकारी आवासीय भवन में किया जा रहा है। प्रभागीय कार्यालय की स्थापना न होने के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
साथ ही विभाग में स्वीकृत पदों पर तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों के रहने के लिए भी आवास उपलब्ध नहीं है।
राजकीय आवासीय सुविधा उपलब्ध न होने के कारण कर्मचारियों को किराये के भवनों में निवास करना पड़ता है। जिस कारण प्रतिमाह मकान किराया भत्ता प्रदान करने से राजकोष पर लगातार अनावश्यक रूप से बोझ बढ़ रहा है। इस संबंध में डीएफओ गौतम कुमार ने डीएम कविता मीना को पत्र लिखकर प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय, क्षेत्रीय वनाधिकारी कार्यालय, व विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के आवासों के निर्माण के लिए पांच हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने की मांग की है।
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प्रभागीय वनाधिकारी गौतम कुमार का कहना है कि डीएम को पत्र लेकर कार्यालय और आवास निर्माण के लिए पांच हेक्टेयर भूमि आवंटन कराने का अनुरोध किया गया है। भूमि आवंटित होने के बाद भवनों के निर्माण की कार्ययोजना बनाकर शासन से आवश्यक धनराशि की मांग की जाएगी।
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वर्ष 2012 में हापुड़ को जिला बनाया गया था, इसके साथ ही जिले में वन प्रभाग का सृजन हुआ था लेकिन जिला बनने के 14 वर्ष बाद भी वर्तमान समय में प्रभागीय कार्यालय का संचालन संजय विहार कॉलोनी स्थित क्षेत्रीय वन अधिकारी आवासीय भवन में किया जा रहा है। प्रभागीय कार्यालय की स्थापना न होने के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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साथ ही विभाग में स्वीकृत पदों पर तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों के रहने के लिए भी आवास उपलब्ध नहीं है।
राजकीय आवासीय सुविधा उपलब्ध न होने के कारण कर्मचारियों को किराये के भवनों में निवास करना पड़ता है। जिस कारण प्रतिमाह मकान किराया भत्ता प्रदान करने से राजकोष पर लगातार अनावश्यक रूप से बोझ बढ़ रहा है। इस संबंध में डीएफओ गौतम कुमार ने डीएम कविता मीना को पत्र लिखकर प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय, क्षेत्रीय वनाधिकारी कार्यालय, व विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के आवासों के निर्माण के लिए पांच हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने की मांग की है।
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प्रभागीय वनाधिकारी गौतम कुमार का कहना है कि डीएम को पत्र लेकर कार्यालय और आवास निर्माण के लिए पांच हेक्टेयर भूमि आवंटन कराने का अनुरोध किया गया है। भूमि आवंटित होने के बाद भवनों के निर्माण की कार्ययोजना बनाकर शासन से आवश्यक धनराशि की मांग की जाएगी।