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Hapur News: पांच करोड़ से अधिक व्यापार पर बनवाना होगा ई-चालान
Mon, 31 Jul 2023 10:39 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Mon, 31 Jul 2023 10:39 PM IST
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हापुड़। सरकार ने जीएसटी के नए नियम के अनुसार पांच करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर वाले व्यापारियों के लिए एक अगस्त से ई-चालान अनिवार्य कर दिया है। अभी तक दस करोड़ रुपये टर्नओवर वाले व्यापारियों पर ई-चालान लागू था। सरकार के इस नए नियम के दायरे में करीब 150 उद्यमियों और व्यापारी आएंगे।
सरकार चरणबद्ध तरीके से ई-चालान लागू कर रही है। एक अक्तूबर 2020 में 500 करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक टर्नओवर वाली कंपनियों को लेनदेन के लिए ई-चालान बनवाना अनिवार्य किया गया था। इसके बाद एक जनवरी 2021 से ई-चालान के लिए टर्नओवर की सीमा को घटाकर 100 करोड़ रुपये कर दिया गया। एक अप्रैल 2021 से इसे 50 करोड़ रुपये कर दिया। वहीं एक अप्रैल 2022 को 20 करोड़ रुपये कर दिया गया था। इसके बाद एक अक्तूबर 2022 से 10 करोड़ रुपये पर किया गया।
केंद्र सरकार ने जीएसटी संग्रह को बढ़ाने के लिए अब एक अगस्त से पांच करोड़ रुपये से अधिक के वार्षिक टर्नओवर वाले व्यापारियों को ई-चालान बनवाना अनिवार्य कर दिया है। दस करोड़ रुपये वार्षिक टर्नओवर में जिले में अभी तक करीब 140 उद्यमी व व्यापारी शामिल थे। नए नियम के लागू होने के बाद करीब 150 नए उद्यमी और व्यापारी इसके दायरे में आएंगे।
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व्यापारियों को किया जागरूक
सरकार का मकसद टैक्स चोरी को कम करना है। ई-चालान द्वारा की गई बिक्री को छिपाया नहीं जा सकता है। इससे बिल बनाने में होने वाली गलतियों की संभावना कम हो जाती है और इसके बनने के बाद कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है। इससे विभाग को माल की बिक्री की जानकारी तुरंत मिल जाती है। नए नियम के लागू होने पर दायरे में आने वाले उद्यमियों और व्यापारियों को व्यापार करने पर ई-चालान बनाने के लिए जानकारी दी जा रही है। अगर इसके बाद भी कोई इसका उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - लालचंद्र, राज्य कर विभाग के जिला प्रभारी/उपायुक्त
ई-वे बिल की तरह ही है ई-चालान
ई-चालान पूरी तरह से ई-वे बिल की तरह इलेक्ट्रानिक चालान प्रक्रिया है। सरकार द्वारा पांच करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक टर्नओवर पर ई-चालान नियम से कोई परेशानी नहीं है। इसके लागू होने से सेल्स रिपोर्टिंग में पारदर्शिता आएगी। -शांतनु सिंघल, आईआईए चेप्टर चेयरमैन
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सरकार चरणबद्ध तरीके से ई-चालान लागू कर रही है। एक अक्तूबर 2020 में 500 करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक टर्नओवर वाली कंपनियों को लेनदेन के लिए ई-चालान बनवाना अनिवार्य किया गया था। इसके बाद एक जनवरी 2021 से ई-चालान के लिए टर्नओवर की सीमा को घटाकर 100 करोड़ रुपये कर दिया गया। एक अप्रैल 2021 से इसे 50 करोड़ रुपये कर दिया। वहीं एक अप्रैल 2022 को 20 करोड़ रुपये कर दिया गया था। इसके बाद एक अक्तूबर 2022 से 10 करोड़ रुपये पर किया गया।
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केंद्र सरकार ने जीएसटी संग्रह को बढ़ाने के लिए अब एक अगस्त से पांच करोड़ रुपये से अधिक के वार्षिक टर्नओवर वाले व्यापारियों को ई-चालान बनवाना अनिवार्य कर दिया है। दस करोड़ रुपये वार्षिक टर्नओवर में जिले में अभी तक करीब 140 उद्यमी व व्यापारी शामिल थे। नए नियम के लागू होने के बाद करीब 150 नए उद्यमी और व्यापारी इसके दायरे में आएंगे।
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व्यापारियों को किया जागरूक
सरकार का मकसद टैक्स चोरी को कम करना है। ई-चालान द्वारा की गई बिक्री को छिपाया नहीं जा सकता है। इससे बिल बनाने में होने वाली गलतियों की संभावना कम हो जाती है और इसके बनने के बाद कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है। इससे विभाग को माल की बिक्री की जानकारी तुरंत मिल जाती है। नए नियम के लागू होने पर दायरे में आने वाले उद्यमियों और व्यापारियों को व्यापार करने पर ई-चालान बनाने के लिए जानकारी दी जा रही है। अगर इसके बाद भी कोई इसका उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - लालचंद्र, राज्य कर विभाग के जिला प्रभारी/उपायुक्त
ई-वे बिल की तरह ही है ई-चालान
ई-चालान पूरी तरह से ई-वे बिल की तरह इलेक्ट्रानिक चालान प्रक्रिया है। सरकार द्वारा पांच करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक टर्नओवर पर ई-चालान नियम से कोई परेशानी नहीं है। इसके लागू होने से सेल्स रिपोर्टिंग में पारदर्शिता आएगी। -शांतनु सिंघल, आईआईए चेप्टर चेयरमैन