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Hapur News: चौधरी साहब को भारत रत्न की घोषणा से नूरपुर में जश्न
Fri, 09 Feb 2024 09:38 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Fri, 09 Feb 2024 09:38 PM IST
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हापुड़। केंद्र सरकार द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने की घोषणा के बाद उनकी जन्मस्थली नूरपुर की मंढ़ैया में जश्न का माहौल बन गया। दूर दराज से आए लोगों ने परिजनों को मिठाइयां खिलानी शुरू कर दी। रालोद कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों ने चौधरी साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर मिठाई बांटी।
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का जन्म 23 दिसंबर 1902 को हापुड़ जनपद के गांव नूरपुर की मंढ़ैया में हुआ था। उनके पिता चौधरी मीर सिंह साधारण किसान थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसे ही चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने का ऐलान किया वैसे ही जनपद के साथ साथ ग्राम नूरपुर की मंढ़ैया में जश्न का माहौल बन गया। महिलाओं ने भी जमकर जश्न मनाया, घर घर जाकर एक दूसरे को मिठाई खिलायी। राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश महासचिव शिवकुमार त्यागी ने कहा कि वर्षों पुरानी इस मांग को पूरा किया गया है। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने हमेशा किसानों की आवाज को उठाया। चौधरी चरण सिंह कभी सिद्धांतों से डिगने वाले नहीं थे। उन्होंने हमेशा किसान, मजूर को उठाने का काम किया। इस अवसर पर रालोद नेता जितेंद्र मलिक, नितिन बाना, संजीव भरना, अनुभव नरवाल, हेमंत मिश्रा, सरदार चरण सिंह, प्रधान राजबीर सिंह, विकास चौधरी, सुनील त्यागी, सुनील चौधरी, डॉ.एसपी सिंह आदि मौजूद थे।
पर्यटन स्थल के रूप में मिले पहचान-
चौधरी चरण सिंह के परिजनों में उनके पोते महावीर सिंह, विजेंद्र सिंह, सोमवीर सिंह, विजेंद्र सिंह, महावीर सिंह और उनकी पड़पौत्र वधु योगिता ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री की जन्मस्थली को पर्यटन स्थल की पहचान मिलनी चाहिए। सरकार इस और ध्यान दे, स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों की व्यवस्था होनी चाहिए। भारत रत्न मिलने से परिजन गर्व महसूस कर रहे हैं।
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भारत रत्न से बढ़ा जिले का मान
हमारे दादा चौधरी चरण सिंह किसानों के मसीहा थे, सरकार द्वारा उन्हें भारत रत्न दिए जाने से जिले का मान बढ़ा है। चौधरी चरण सिंह इस सम्मान के असली हकदार थे, सरकार ने यह सपना साकार कर दिया है। आज पूरा गांव खुश है।-- महावीर सिंह।-- फोटो संख्या-- २०
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रालोदवादी सोच को मिला सम्मान-
चौधरी चरण सिंह सर्वोच्च सम्मान के हकदार थे, उन्होंने हमेशा किसानों की लड़ाई लड़ी। सरकार ने उन्हें भारत रत्न देकर किसानों का भी सम्मान किया है। रालोद इसका स्वागत करती है।-- शिवकुमार त्यागी, प्रदेश महासचिव रालोद।-- फोटो संख्या-- -२२
-गरीब, किसानों का है सम्मान
किसान, मजदूर, गरीबों की आवाज उठाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित किया जा रहा है। यह देश के किसान, गरीबों का सम्मान है, किसानों की लंबे समय से की जा रही मांग पूरी हुई है।-- हरीश हूण, राष्ट्रीय प्रवक्ता, भाकियू असली।-फोटो संख्या-- २३
गांव में बढ़नी चाहिएं सुविधाएं
चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न मिलने से देशभर में जिले का नाम रोशन हुआ है। गांव में अब सुविधाएं बढ़नी चाहिए, ताकि चौधरी साहब के पैतृक गांव की पहचान भी बढ़ सके।-- बिजेंद्र सिंह, नूरपुर।-- फोटो संख्या-- २१
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पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का जन्म 23 दिसंबर 1902 को हापुड़ जनपद के गांव नूरपुर की मंढ़ैया में हुआ था। उनके पिता चौधरी मीर सिंह साधारण किसान थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसे ही चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने का ऐलान किया वैसे ही जनपद के साथ साथ ग्राम नूरपुर की मंढ़ैया में जश्न का माहौल बन गया। महिलाओं ने भी जमकर जश्न मनाया, घर घर जाकर एक दूसरे को मिठाई खिलायी। राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश महासचिव शिवकुमार त्यागी ने कहा कि वर्षों पुरानी इस मांग को पूरा किया गया है। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने हमेशा किसानों की आवाज को उठाया। चौधरी चरण सिंह कभी सिद्धांतों से डिगने वाले नहीं थे। उन्होंने हमेशा किसान, मजूर को उठाने का काम किया। इस अवसर पर रालोद नेता जितेंद्र मलिक, नितिन बाना, संजीव भरना, अनुभव नरवाल, हेमंत मिश्रा, सरदार चरण सिंह, प्रधान राजबीर सिंह, विकास चौधरी, सुनील त्यागी, सुनील चौधरी, डॉ.एसपी सिंह आदि मौजूद थे।
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पर्यटन स्थल के रूप में मिले पहचान-
चौधरी चरण सिंह के परिजनों में उनके पोते महावीर सिंह, विजेंद्र सिंह, सोमवीर सिंह, विजेंद्र सिंह, महावीर सिंह और उनकी पड़पौत्र वधु योगिता ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री की जन्मस्थली को पर्यटन स्थल की पहचान मिलनी चाहिए। सरकार इस और ध्यान दे, स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों की व्यवस्था होनी चाहिए। भारत रत्न मिलने से परिजन गर्व महसूस कर रहे हैं।
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भारत रत्न से बढ़ा जिले का मान
हमारे दादा चौधरी चरण सिंह किसानों के मसीहा थे, सरकार द्वारा उन्हें भारत रत्न दिए जाने से जिले का मान बढ़ा है। चौधरी चरण सिंह इस सम्मान के असली हकदार थे, सरकार ने यह सपना साकार कर दिया है। आज पूरा गांव खुश है।
रालोदवादी सोच को मिला सम्मान-
चौधरी चरण सिंह सर्वोच्च सम्मान के हकदार थे, उन्होंने हमेशा किसानों की लड़ाई लड़ी। सरकार ने उन्हें भारत रत्न देकर किसानों का भी सम्मान किया है। रालोद इसका स्वागत करती है।
-गरीब, किसानों का है सम्मान
किसान, मजदूर, गरीबों की आवाज उठाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित किया जा रहा है। यह देश के किसान, गरीबों का सम्मान है, किसानों की लंबे समय से की जा रही मांग पूरी हुई है।
गांव में बढ़नी चाहिएं सुविधाएं
चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न मिलने से देशभर में जिले का नाम रोशन हुआ है। गांव में अब सुविधाएं बढ़नी चाहिए, ताकि चौधरी साहब के पैतृक गांव की पहचान भी बढ़ सके।