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Hapur News: विभागों को नहीं मिले पौधे, गड्ढे खाेदने का काम भी पड़ा अधूरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। पेड़ लगाओ-पेड़ बचाओ जन अभियान के तहत जिले में 20 जुलाई को एक साथ 11.91 लाख पौधे रोपित होने हैं लेकिन, अब तक संबंधित विभागों को पौधे तक वितरित नहीं हाे सके हैं और ना ही इन्हें लगाने के लिए गड्ढों को खोदने का काम पूरा हुआ है।
पौधारोपण को लेकर शासन बहुत अधिक सख्त है। स्वयं मुख्यमंत्री इस पूरे कार्यक्रम पर नजर रखे हुए हैं। यही कारण है कि जिला स्तर पर डीएम प्रेरणा शर्मा बार-बार बैठक कर निर्देश दे रही हैं लेकिन, संबंधित विभाग अभी इस ओर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। वन विभाग भी पौधों का वितरण धीमी गति से कर रहा है। ऐसे में तय समय सीमा में इतने पौधों का वितरण होना संभव नजर नहीं आ रहा है। अभी तक मात्र 20 से 25 प्रतिशत पौधों का ही वितरण हो सका है।
जबकि, शासन के निर्देश हैं कि जनपद की जिला वृक्षारोपण समिति के समस्त विभागों के साथ बैठक कर पौधों की मांग, अग्रिम मृदा कार्य आदि प्रस्तुत करना है। साथ ही पौधशालाओं से पौधों के वितरण हेतु डीएसटी के माध्यम से संबंधित प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा क्यूआर कोड इंडेंट जारी किए जाने हैं। इसी माध्यम से ही पौधों का वितरण किया जाएगा। डीएफओ प्रमोद कुमार ने कहा कि विभागों को ऑनलाइन माध्यम से पौधों का वितरण कराया जा रहा है। तय समय में पौधे वितरित कर दिए जाएंगे। गड्ढों की खुदाई का कार्य भी तेजी से चल रहा है।
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-बीते वर्ष भी बरती गई थी लापरवाही -
शासन ने पौधरोपण करने के साथ ही उनकी जियो टैगिंग कराने के निर्देश भी दिए हैं। बीते वर्ष भी कई विभागों ने यह बता दिया था कि उन्होंने सभी जगह पौधे लगवा दिए हैं लेकिन, जियो टैगिंग के समय विभागों की पोल खुल गई थी। कई माह तक डीएम और सीडीओ की फटकारों के बाद विभागों के अधिकारियों ने टैगिंग का कार्य पूरा कराया था। इसका मतलब साफ था कि विभागों ने पौधारोपण समय से किया ही नहीं था।
-विभागों को मिला लक्ष्य--
विभाग का नाम-
मिला लक्ष्य
वन विभाग
100000
ग्राम विकास
541000
राजस्व
44000
पंचायत राज
68000
नगर विकास
37000
लोक निर्माण
15000
आवास विकास
6000
औद्योगिक विकास
8000
रेशम
23000
कृषि
104000
पशुपालन
8000
उद्योग
11000
रेलवे
13000
उद्यान
64000
गृह
8400
स्वास्थ्य
11000
उच्च
18000
पर्यावरण
60000
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हापुड़। पेड़ लगाओ-पेड़ बचाओ जन अभियान के तहत जिले में 20 जुलाई को एक साथ 11.91 लाख पौधे रोपित होने हैं लेकिन, अब तक संबंधित विभागों को पौधे तक वितरित नहीं हाे सके हैं और ना ही इन्हें लगाने के लिए गड्ढों को खोदने का काम पूरा हुआ है।
पौधारोपण को लेकर शासन बहुत अधिक सख्त है। स्वयं मुख्यमंत्री इस पूरे कार्यक्रम पर नजर रखे हुए हैं। यही कारण है कि जिला स्तर पर डीएम प्रेरणा शर्मा बार-बार बैठक कर निर्देश दे रही हैं लेकिन, संबंधित विभाग अभी इस ओर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। वन विभाग भी पौधों का वितरण धीमी गति से कर रहा है। ऐसे में तय समय सीमा में इतने पौधों का वितरण होना संभव नजर नहीं आ रहा है। अभी तक मात्र 20 से 25 प्रतिशत पौधों का ही वितरण हो सका है।
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जबकि, शासन के निर्देश हैं कि जनपद की जिला वृक्षारोपण समिति के समस्त विभागों के साथ बैठक कर पौधों की मांग, अग्रिम मृदा कार्य आदि प्रस्तुत करना है। साथ ही पौधशालाओं से पौधों के वितरण हेतु डीएसटी के माध्यम से संबंधित प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा क्यूआर कोड इंडेंट जारी किए जाने हैं। इसी माध्यम से ही पौधों का वितरण किया जाएगा। डीएफओ प्रमोद कुमार ने कहा कि विभागों को ऑनलाइन माध्यम से पौधों का वितरण कराया जा रहा है। तय समय में पौधे वितरित कर दिए जाएंगे। गड्ढों की खुदाई का कार्य भी तेजी से चल रहा है।
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-बीते वर्ष भी बरती गई थी लापरवाही -
शासन ने पौधरोपण करने के साथ ही उनकी जियो टैगिंग कराने के निर्देश भी दिए हैं। बीते वर्ष भी कई विभागों ने यह बता दिया था कि उन्होंने सभी जगह पौधे लगवा दिए हैं लेकिन, जियो टैगिंग के समय विभागों की पोल खुल गई थी। कई माह तक डीएम और सीडीओ की फटकारों के बाद विभागों के अधिकारियों ने टैगिंग का कार्य पूरा कराया था। इसका मतलब साफ था कि विभागों ने पौधारोपण समय से किया ही नहीं था।
-विभागों को मिला लक्ष्य
विभाग का नाम-
मिला लक्ष्य
वन विभाग
100000
ग्राम विकास
541000
राजस्व
44000
पंचायत राज
68000
नगर विकास
37000
लोक निर्माण
15000
आवास विकास
6000
औद्योगिक विकास
8000
रेशम
23000
कृषि
104000
पशुपालन
8000
उद्योग
11000
रेलवे
13000
उद्यान
64000
गृह
8400
स्वास्थ्य
11000
उच्च
18000
पर्यावरण
60000