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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   The forgiveness of her mother murder.

मां के हत्यारोपी को ममता की माफी

Fri, 03 Mar 2017 11:05 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़ Updated Fri, 03 Mar 2017 11:05 PM IST
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The forgiveness of her mother murder.
विधवा मां ने तोड़ा दम - फोटो : अमर उजाला

‘मारा तो मुझे बेटे ने ही है, लेकिन तुम भी मेरे बेटे की तरह हो। तुम्हें गंगा की सौगंध है...मेरे बेटे के खिलाफ कोई कार्रवाई न करना।...’ ये आखिरी शब्द बेटे की पिटाई से घायल उस विधवा मां के हैं, जिसने शुक्रवार शाम अस्पताल में दम तोड़ दिया।

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नशे के लती बेटे ने पेंशन के 1100 रुपयों के लिए बृहस्पतिवार को मां को बुरी तरह पीटा था। ग्रामीणों ने चंदा कर देर रात वृद्धा का अंतिम संस्कार कर दिया। गंगा खादर क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली 70 वर्षीय वृद्धा ने पति की मौत के बाद इकलौते बेटे की परवरिश की थी।
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जमीन जायदाद पर्याप्त थी, इसलिए बेटे को कभी किसी चीज की कमी नहीं होने दी। बेटा बड़ा हुआ तो नशे की लत लग गई। इसके साथ धीरे-धीरे घर की तबाही का दौर शुरू हुआ। बेटे की जिद से मजबूर मां ने पहले 60 बीघा जमीन बेची, फिर मकान।
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इसके बाद भी जब बेटे के शौक पूरे न हुए तो उसने मां की विधवा पेंशन छीननी शुरू कर दी। बृहस्पतिवार को भी वह मां से शराब के लिए पेंशन के रुपये मांग रहा था। मां ने जब विरोध किया तो उसने बुरी तरह पीटा और 1100 रुपये छीनकर उसको गंगा किनारे फेंक आया।

काफी देर तक वृद्धा वहीं तड़पती रहीं। ग्रामीणों को मामले की भनक लगी तो वह वृद्धा को सीएचसी ले गए। तब तक शरीर से काफी खून बह चुका था। लिहाजा, डॉक्टर ने गंभीर हालत में मेरठ रेफर कर दिया।

दोपहर से लेकर शाम हो गई, लेकिन कोई मेरठ ले जाने वाला नहीं मिला। पूरे दिन वह एंबुलेंस में पड़ी रहीं। रात में अस्पताल की सूचना पर पुलिस उसको मेरठ लेकर गई। इस दौरान एंबुलेंस में पुलिस कर्मियों ने उनके बयान दर्ज किए।

बकौल इंस्पेक्टर समरजीत सिंह, ‘ पूछताछ के दौरान वृद्धा लगातार हाथ जोड़कर बेटे के खिलाफ कार्रवाई न करने की अपील करती रहीं।’ मेरठ के एक अस्पताल में शुक्रवार शाम उनकी मौत हो गई।

मौत की सूचना जब गांव में पहुंची तो ग्रामीणों ने बेटे की काफी तलाश की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। अंतत: कुछ ग्रामीण शव लेने के लिए मेरठ रवाना हो गए। चंदा कर देर रात वृद्धा का अंतिम संस्कार किया गया।


इंस्पेक्टर समरजीत सिंह ने बताया कि मृतका की अंतिम इच्छा के अनुसार फिलहाल बेटे के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। अगर कोई ग्रामीण तहरीर लेकर आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। 

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