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राजकीय महिला चिकित्सालय में बंदरों का आतंक
अमर उजाला, हापुड़
Updated Sat, 14 Nov 2015 11:59 PM IST
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कोठीगेट स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय पर बंदरों के आतंक से मरीज, चिकित्सक सभी परेशान हैं। बंदरों के हमले से अब तक कई मरीज घायल हो चुके हैं।
बंदरों का कहर केवल लोगों पर ही नहीं टूट रहा बल्कि अस्पताल परिसर में खड़ी एंबुलेंस समेत तमाम गाड़ियों को भी बंदर काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
राजकीय महिला चिकित्सालय पर इलाज कराने पहुंच रहीं महिलाओं को बंदरों का आतंक झेलना पड़ रहा है। बंदरों के झुंड अस्पताल आने वाले लोगों पर हमला बोलकर उनके हाथों से चीजें तक छीन ले जाते हैं।
यहीं नहीं कई लोग तो बंदरों के हमले से घायल तक हो चुके हैं। बंदरों का कहर केवल लोगों पर ही नहीं टूट रहा बल्कि अस्पताल परिसर में खड़ी एंबुलेंस समेत तमाम गाड़ियों को भी बंदर काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
अस्पताल में रोशनी के लिए लगी लाइटों को भी बंदर तोड़ देते हैं। अस्पताल के स्टाफ समेत डॉक्टरों का कहना है कि मरीजों के सुरक्षा को लेकर नगर पालिका के अफसर कतई गंभीर नहीं है। शिकायतों के बावजूद नगर पालिका के अफसर बंदरों को वहां से भगाने का कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं।
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बंदरों का कहर केवल लोगों पर ही नहीं टूट रहा बल्कि अस्पताल परिसर में खड़ी एंबुलेंस समेत तमाम गाड़ियों को भी बंदर काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
राजकीय महिला चिकित्सालय पर इलाज कराने पहुंच रहीं महिलाओं को बंदरों का आतंक झेलना पड़ रहा है। बंदरों के झुंड अस्पताल आने वाले लोगों पर हमला बोलकर उनके हाथों से चीजें तक छीन ले जाते हैं।
यहीं नहीं कई लोग तो बंदरों के हमले से घायल तक हो चुके हैं। बंदरों का कहर केवल लोगों पर ही नहीं टूट रहा बल्कि अस्पताल परिसर में खड़ी एंबुलेंस समेत तमाम गाड़ियों को भी बंदर काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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अस्पताल में रोशनी के लिए लगी लाइटों को भी बंदर तोड़ देते हैं। अस्पताल के स्टाफ समेत डॉक्टरों का कहना है कि मरीजों के सुरक्षा को लेकर नगर पालिका के अफसर कतई गंभीर नहीं है। शिकायतों के बावजूद नगर पालिका के अफसर बंदरों को वहां से भगाने का कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं।
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