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गोशाला प्रबंधन ने गोवंश को सुपुर्दगी में लेने से खड़े किए हाथ

Mon, 19 Jun 2017 08:45 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़ Updated Mon, 19 Jun 2017 08:45 PM IST
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Gaushala management took the cattle out in hand.
मवेशियों - फोटो : अमर उजाला

तस्करी कर ले जाए जाने वाले गोवंश को ब्रजघाट के गोशाला प्रबंधन ने अपनी सुपुर्दगी में लेने से हाथ खड़े कर दिए। अपने आपको गोरक्षक बताकर गोशाला में हुड़दंग करने वाले सामाजिक संगठनों पर बंदिश लगवाने की मांग भी की।

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ब्रजघाट की गणपति गंगा गोशाला के अध्यक्ष सत्यनारायण अग्रवाल के नेतृत्व में महामंत्री ब्रह्मानंद गुप्ता, कोषाध्यक्ष राकेश मित्तल, व्यवस्थापक बृजकिशोर बंसल, मंत्री राजेंद्र प्रसाद शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओमप्रकाश सर्राफ ने सोमवार को डीएम हापुड़ से मुलाकात की।
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उन्होंने बताया कि गोशाला 1984 से असहाय, बुजुर्ग और तस्करों के चंगुल से छुड़ाए जाने वाले गोवंश का पालन पोषण करती आ रही है। इन दिनों गोशाला में करीब एक हजार गोवंश हैं। इनमें से मात्र 50 ही दुधारू हैं। प्रबंध समिति ने बताया कि सरकारी स्तर से कोई भी आर्थिक मदद नहीं मिलती है। 
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इसलिए संचालक मंडल सिर्फ दान दाताओं के सहारे गोशाला का रख रखाव करता आ रहा है। प्रबंध समिति ने बताया कि अब जगह और व्यवस्था बढ़ाया जाना मुमकिन नहीं है। इसलिए तस्करी के दौरान पकड़े जाने वाले गोवंश को पुलिस के माध्यम से गोशाला में न भिजवाया जाए।

प्रबंधन समिति ने यह भी उल्लेख किया कि पिछले कुछ माह से अपने आपको गोरक्षक बताकर सक्रिय हुए सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता गोशाला में पहुंचकर हुड़दंग मचाने लगे हैं।


इससे गोवंश की सेवा और गोशाला से जुड़ा कामकाज प्रभावित हो जाता है। इसलिए ऐसे लोगों का गोशाला में प्रवेश रुकवाया जाए। व्यवस्थापक बृजकिशोर बंसल ने बताया कि डीएम ने प्रशासनिक स्तर से हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिया है।

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