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मेला आज, चारों पुल अभी भी जर्जर
अमर उजाला, गढ़
Updated Sun, 15 Nov 2015 10:56 PM IST
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सोमवार से गढ़ खादर मेला शुरू हो रहा है। श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो इसके लिए पुलिस प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जोरों पर चल रही हैं लेकिन मध्य गंग नहर पर बने चारों पुलों की जर्जर हालत पर अफसरों का ध्यान अब तक नहीं गया।
बता दें कि मुख्य रास्ता होने के कारण इन्हीं पुलों से मेले में लाखों श्रद्धालुओं का आवागमन होता है ऐसे में अधिकारियों की लापरवाही श्रद्धालुओं पर भारी पड़ सकती है।
गढ़ खादर मेले के मद्देनजर टूटी फूटी सड़कों की मरम्मत से लेकर चौतरफा व्यापक स्तर पर तैयारी चल रही हैं, जिससे कि लक्खी मेले में आने वाले भक्तों को आवागमन के दौरान कोई असुविधा न हो। इसके अलावा मेला स्थल समेत रूट सेक्टरों पर 20 अस्थाई थाने खोले जाएंगे। लेकिन मध्य गंग नहर के जिन पुलों से होकर लाखों गंगा भक्तों का आवागमन होना है उनकी जर्जर हालत पर अधिकारियों का ध्यान नहीं है।
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बता दें चारों पुलों पर हर दो कदम पर बड़े बड़े गढ्डे हैं। पुलों की रेलिंग भी गायब है रोशनी का प्रबंध भी यहां नहीं है। ऐसे में साफ है कि श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर ही मेला स्थल पर पहुंच पाएंगे।
करीब तीन वर्ष पहले सरिये से भरे ट्रक समेत कई वाहन मेरठ रोड के पुल से होकर नहर में गिर गए थे हादसे में एक चालक-क्लीनर की मौत भी हो गई थी लेकिन उसके बाद भी पुल की मरम्मत नहीं कराई गई थी।
टूटी पड़ी पुलिया भी अनहोनी की वजह बन सकती है
वैद्य विषारद हर्षवर्धन शर्मा ने एसडीएम को ज्ञापन दिया है इसमें उल्लेख है कि गढ़-स्याना मार्ग से होकर खादर और ब्रजघाट मेले में लाखों भक्तों का आवागमन होता है। लेकिन रेलवे क्रॉसिंग के पास वाली पुलिया कई माह से टूटी पड़ी है। इसलिए टूटी पुलिया का अविलंब निर्माण कराया जाए।
सिंचाई विभाग को मध्य गंग नहर के पुलों की टूटी रेलिंग को अविलंब चाकचौबंद कराने की कड़ी हिदायत दी गई है। इसमें कोई भी चूक होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
केबी सिंह, मेलाधिकारी एसडीएम
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बता दें कि मुख्य रास्ता होने के कारण इन्हीं पुलों से मेले में लाखों श्रद्धालुओं का आवागमन होता है ऐसे में अधिकारियों की लापरवाही श्रद्धालुओं पर भारी पड़ सकती है।
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गढ़ खादर मेले के मद्देनजर टूटी फूटी सड़कों की मरम्मत से लेकर चौतरफा व्यापक स्तर पर तैयारी चल रही हैं, जिससे कि लक्खी मेले में आने वाले भक्तों को आवागमन के दौरान कोई असुविधा न हो। इसके अलावा मेला स्थल समेत रूट सेक्टरों पर 20 अस्थाई थाने खोले जाएंगे। लेकिन मध्य गंग नहर के जिन पुलों से होकर लाखों गंगा भक्तों का आवागमन होना है उनकी जर्जर हालत पर अधिकारियों का ध्यान नहीं है।
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बता दें चारों पुलों पर हर दो कदम पर बड़े बड़े गढ्डे हैं। पुलों की रेलिंग भी गायब है रोशनी का प्रबंध भी यहां नहीं है। ऐसे में साफ है कि श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर ही मेला स्थल पर पहुंच पाएंगे।
करीब तीन वर्ष पहले सरिये से भरे ट्रक समेत कई वाहन मेरठ रोड के पुल से होकर नहर में गिर गए थे हादसे में एक चालक-क्लीनर की मौत भी हो गई थी लेकिन उसके बाद भी पुल की मरम्मत नहीं कराई गई थी।
टूटी पड़ी पुलिया भी अनहोनी की वजह बन सकती है
वैद्य विषारद हर्षवर्धन शर्मा ने एसडीएम को ज्ञापन दिया है इसमें उल्लेख है कि गढ़-स्याना मार्ग से होकर खादर और ब्रजघाट मेले में लाखों भक्तों का आवागमन होता है। लेकिन रेलवे क्रॉसिंग के पास वाली पुलिया कई माह से टूटी पड़ी है। इसलिए टूटी पुलिया का अविलंब निर्माण कराया जाए।
सिंचाई विभाग को मध्य गंग नहर के पुलों की टूटी रेलिंग को अविलंब चाकचौबंद कराने की कड़ी हिदायत दी गई है। इसमें कोई भी चूक होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
केबी सिंह, मेलाधिकारी एसडीएम