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रिश्वतखोरी के मामले में पालिका ईओ समेत तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज-First page
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ईओ का एक साल में कई बार हुआ तबादला
गढ़मुक्तेश्वर। नगर पालिका ईओ अमिता वरुण का एक साल में कई बार तबादला हो चुका है। अमिता का कहना है कि उनके खिलाफ काफी अरसे से साजिश चल रही है। जिसके बाद हाईकोर्ट ने भी कड़ी नाराजगी जताकर गढ़ पालिका से हुए तबादले को निरस्त कर दिया था। बताया कि ब्रजघाट के एक आश्रम में अवैध कब्जा करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने पर पालिका ठेकेदार गौरव मिश्रा को ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई चल रही थी, जिसकी पेशबंदी में उक्त ठेकेदार ने साजिश रचकर छापामारी कराई है, लेकिन एंटी करप्शन टीम को उनके आवास और कार्यालय से कोई भी आपत्ति जनक सामग्री नहीं मिल पाई है।
उधर, एंटी करप्शन टीम इंचार्ज केपी सिंह ने शनिवार को गढ़ कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें उल्लेख किया है कि घेराबंदी के दौरान पालिका के अकाउंटेंट अब्दुल को मौके पर ही पकड़ लिया गया था, लेकिन जिस दौरान ईओ अमिता वरुण को उनके आवास पर वह रिश्वत में आई चार लाख की रकम वाला थैला थमा रहा था तो ट्रैपिंग ऑपरेशन की भनक लगते ही ईओ ने आवास पर मौजूद ठेकेदार भपेंद्र सिंह निवासी बहजोई जनपद संभल को थैला देकर छत कुदाकर भगा दिया था। एंटी करप्शन टीम इंचार्ज द्वारा लिखाई गई रिपोर्ट में ईओ, अकाउंटेंट और भूपेंद्र सिंह को आरोपी बनाया गया है, जिनमें अकाउंटेंट अब्दुल को रातभर गढ़ कोतवाली में रखने के बाद रिपोर्ट दर्ज होने पर एंटी करप्शन टीम शनिवार की सुबह मेरठ को ले गई। जहां भ्रष्टाचार निवारण मामलों से संबंधित स्पेशल कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपी अकाउंटेंट को जेल भेज दिया गया।
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गढ़मुक्तेश्वर। नगर पालिका ईओ अमिता वरुण का एक साल में कई बार तबादला हो चुका है। अमिता का कहना है कि उनके खिलाफ काफी अरसे से साजिश चल रही है। जिसके बाद हाईकोर्ट ने भी कड़ी नाराजगी जताकर गढ़ पालिका से हुए तबादले को निरस्त कर दिया था। बताया कि ब्रजघाट के एक आश्रम में अवैध कब्जा करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने पर पालिका ठेकेदार गौरव मिश्रा को ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई चल रही थी, जिसकी पेशबंदी में उक्त ठेकेदार ने साजिश रचकर छापामारी कराई है, लेकिन एंटी करप्शन टीम को उनके आवास और कार्यालय से कोई भी आपत्ति जनक सामग्री नहीं मिल पाई है।
उधर, एंटी करप्शन टीम इंचार्ज केपी सिंह ने शनिवार को गढ़ कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें उल्लेख किया है कि घेराबंदी के दौरान पालिका के अकाउंटेंट अब्दुल को मौके पर ही पकड़ लिया गया था, लेकिन जिस दौरान ईओ अमिता वरुण को उनके आवास पर वह रिश्वत में आई चार लाख की रकम वाला थैला थमा रहा था तो ट्रैपिंग ऑपरेशन की भनक लगते ही ईओ ने आवास पर मौजूद ठेकेदार भपेंद्र सिंह निवासी बहजोई जनपद संभल को थैला देकर छत कुदाकर भगा दिया था। एंटी करप्शन टीम इंचार्ज द्वारा लिखाई गई रिपोर्ट में ईओ, अकाउंटेंट और भूपेंद्र सिंह को आरोपी बनाया गया है, जिनमें अकाउंटेंट अब्दुल को रातभर गढ़ कोतवाली में रखने के बाद रिपोर्ट दर्ज होने पर एंटी करप्शन टीम शनिवार की सुबह मेरठ को ले गई। जहां भ्रष्टाचार निवारण मामलों से संबंधित स्पेशल कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपी अकाउंटेंट को जेल भेज दिया गया।
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