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जानलेवा हमले के मामले में चार को सात-सात साल का कारावास
Updated Sat, 07 Apr 2018 12:17 AM IST
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जानलेवा हमले के मामले में चार को सात-सात साल का कारावास
हापुड़। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक द्वितीय अनुतोष कुमार शर्मा ने वर्ष 2015 में गढ़ कोतवाली क्षेत्र के गांव दौताई में एक घर में घुसकर जानलेवा हमले करने के तीन आरोपियों को दोषी करार दिया। इसमें चार दोषियों को सात-सात साल कैद की सजा और सभी को अलग-अलग 19500 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। इस मामले में एक दोषी घटना के बाद से ही जेल में बंद है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश चंद शर्मा ने बताया कि गांव दौताई निवासी खालिद पुत्र यामीन ने 11 अक्टूबर 2015 को एक मुकदमा पंजीकृत कराया था। उसमें आरोप था कि गांव के ही रहने वाले वसीम, शकील, वकील और शफीक ने घर में घुसकर धारदार हथियार, लाठी-डंडों से हमला बोल दिया था। इसमें बीच-बचाव करने आए जहीर को गोली लग गई थी जिससे वह लहूलुहान हो गया था। इस मामले में पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। तब से वसीम जेल में बंद है और शकील, वकील और शफीक को जमानत मिल चुकी थी।
शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक अनुतोष कुमार शर्मा ने चारों को जानलेवा और अन्य धाराओं में दर्ज मुकदमे का दोषी करार दिया। उसके बाद चारों दोषियों को सात-सात साल की सजा और सभी पर अलग अलग 19500 रुपये के जुर्माना लगाया गया। पुलिस ने शकील, वकील और शफीक को जेल भेज दिया है।
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हापुड़। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक द्वितीय अनुतोष कुमार शर्मा ने वर्ष 2015 में गढ़ कोतवाली क्षेत्र के गांव दौताई में एक घर में घुसकर जानलेवा हमले करने के तीन आरोपियों को दोषी करार दिया। इसमें चार दोषियों को सात-सात साल कैद की सजा और सभी को अलग-अलग 19500 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। इस मामले में एक दोषी घटना के बाद से ही जेल में बंद है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश चंद शर्मा ने बताया कि गांव दौताई निवासी खालिद पुत्र यामीन ने 11 अक्टूबर 2015 को एक मुकदमा पंजीकृत कराया था। उसमें आरोप था कि गांव के ही रहने वाले वसीम, शकील, वकील और शफीक ने घर में घुसकर धारदार हथियार, लाठी-डंडों से हमला बोल दिया था। इसमें बीच-बचाव करने आए जहीर को गोली लग गई थी जिससे वह लहूलुहान हो गया था। इस मामले में पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। तब से वसीम जेल में बंद है और शकील, वकील और शफीक को जमानत मिल चुकी थी।
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शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक अनुतोष कुमार शर्मा ने चारों को जानलेवा और अन्य धाराओं में दर्ज मुकदमे का दोषी करार दिया। उसके बाद चारों दोषियों को सात-सात साल की सजा और सभी पर अलग अलग 19500 रुपये के जुर्माना लगाया गया। पुलिस ने शकील, वकील और शफीक को जेल भेज दिया है।
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