{"_id":"5acd05a44f1c1b823d8b465a","slug":"11523385764-hapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपद्रव के मामले में जेल गए दोनों बेटों को पिता ने बेगुनाह बताया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
उपद्रव के मामले में जेल गए दोनों बेटों को पिता ने बेगुनाह बताया
Updated Wed, 11 Apr 2018 12:17 AM IST
विज्ञापन
उपद्रव के मामले में जेल गए दोनों
बेटों को पिता ने बताया बेगुनाह
गढ़मुक्तेश्वर। उपद्रव के मामले में जेल गए दोनों बेटों को पिता ने बेगुनाह बताकर मानवाधिकार आयोग समेत सीएम को पत्र भेजे।
दलित संगठनों के आह्वान पर दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान हुए उपद्रव में शामिल आरोपियों की धरपकड़ को पुलिस ताबड़तोड़ ढंग में दबिश देने में जुटी हुई है। जो पालिका चेयरमैन सोना सिंह समेत 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस की गिरफ्त में आने से बचने के लिए दर्जनों युवक उपद्रव के बाद से ही अपने घरों से फरार चल रहे हैं। वहीं दो अप्रैल की रात को गिरफ्तार कर अगले दिन जेल भेजे गए 15 आरोपियों में शामिल शिवम और तिलक के पिता गंगादास ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग समेत सीएम को पत्र भेजे हैं। इनमें उल्लेख किया है कि उपद्रव की घटना वाले दिन उसका बेटा शिवम सुबह 11 बजे से कल्याणपुर के आईएलएएस कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष की परीक्षा दे रहा था, जबकि इस साल इंटरमीडिएट की परीक्षा देने वाला छोटा बेटा तिलक अपनी परचून की दुकान पर बैठा हुआ था। इन दोनों के नाम कोतवाली में दर्ज मुकदमों में शामिल नहीं हैं।
गंगादास का कहना है कि उसके बेगुनाह बेटों को चुनावी रंजिश के तहत उसी तरह झूठा फंसाया गया था, जिस तरह दशकों पुरानी सामाजिक धर्मशाला पर कब्जा जमाने के मकसद से जाट बिरादरी से जुड़े दो भाइयों कपिल और अरुण को दलित बिरादरी से जुड़ा बताकर उनके खिलाफ झूठे केस दर्ज कराए गए हैं। गंगादास ने जेल में बंद अपने बेटों को रिहा कराने के साथ ही उपद्रव से जुड़े मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और फर्जी केस दर्ज कराने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई कराए जाने की गुहार लगाई है। इंस्पेक्टर एनके सिंह का कहना है कि वीडियो क्लीपिंग के आधार पर दोषियों के खिलाफ ही कार्रवाई की जा रही है, इसलिए किसी भी निर्दोष के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।
विज्ञापन
बेटों को पिता ने बताया बेगुनाह
गढ़मुक्तेश्वर। उपद्रव के मामले में जेल गए दोनों बेटों को पिता ने बेगुनाह बताकर मानवाधिकार आयोग समेत सीएम को पत्र भेजे।
दलित संगठनों के आह्वान पर दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान हुए उपद्रव में शामिल आरोपियों की धरपकड़ को पुलिस ताबड़तोड़ ढंग में दबिश देने में जुटी हुई है। जो पालिका चेयरमैन सोना सिंह समेत 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस की गिरफ्त में आने से बचने के लिए दर्जनों युवक उपद्रव के बाद से ही अपने घरों से फरार चल रहे हैं। वहीं दो अप्रैल की रात को गिरफ्तार कर अगले दिन जेल भेजे गए 15 आरोपियों में शामिल शिवम और तिलक के पिता गंगादास ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग समेत सीएम को पत्र भेजे हैं। इनमें उल्लेख किया है कि उपद्रव की घटना वाले दिन उसका बेटा शिवम सुबह 11 बजे से कल्याणपुर के आईएलएएस कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष की परीक्षा दे रहा था, जबकि इस साल इंटरमीडिएट की परीक्षा देने वाला छोटा बेटा तिलक अपनी परचून की दुकान पर बैठा हुआ था। इन दोनों के नाम कोतवाली में दर्ज मुकदमों में शामिल नहीं हैं।
गंगादास का कहना है कि उसके बेगुनाह बेटों को चुनावी रंजिश के तहत उसी तरह झूठा फंसाया गया था, जिस तरह दशकों पुरानी सामाजिक धर्मशाला पर कब्जा जमाने के मकसद से जाट बिरादरी से जुड़े दो भाइयों कपिल और अरुण को दलित बिरादरी से जुड़ा बताकर उनके खिलाफ झूठे केस दर्ज कराए गए हैं। गंगादास ने जेल में बंद अपने बेटों को रिहा कराने के साथ ही उपद्रव से जुड़े मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और फर्जी केस दर्ज कराने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई कराए जाने की गुहार लगाई है। इंस्पेक्टर एनके सिंह का कहना है कि वीडियो क्लीपिंग के आधार पर दोषियों के खिलाफ ही कार्रवाई की जा रही है, इसलिए किसी भी निर्दोष के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।
विज्ञापन