{"_id":"6715262397f286b2d709fb08","slug":"cng-and-khad-from-parali-hapur-news-c-135-1-hpr1002-116153-2024-10-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: हापुड़ में पराली से बनेगी सीएनजी और जैविक खाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: हापुड़ में पराली से बनेगी सीएनजी और जैविक खाद
Sun, 20 Oct 2024 09:17 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Sun, 20 Oct 2024 09:17 PM IST
विज्ञापन
हापुड़। जिले में धान और गन्ने की पराली से सीएनजी, एलपीजी और जैविक खाद तैयार होंगे। शासन ने 110 करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। रिलायंस ने चितौली रोड पर 25 एकड़ में प्लांट का निर्माण शुरू कर दिया है। रोजाना 20 टन सीएनजी, एलपीजी उत्पादित होगी, जिससे जिले की जरूरत को पूरा किया जाएगा।
पराली जलाने से पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है। ग्रैप का पहला चरण शुरू हो गया है, सेटेलाइट से पराली जलाने पर नजर रखी जा रही है। पराली का निस्तारण ऊर्जा उत्पादन में हो सके, इसके लिए हापुड़ को उत्तर प्रदेश राज्य जैव ऊर्जा नीति में शामिल किया गया। यह प्रोजेक्ट रिलायंस को मिला है।
चितौली में बाईपास किनारे करीब 110 करोड़ से प्लांट का निर्माण शुरू कर दिया गया है। 50 किलोमीटर के दायरे में जितनी पराली होगी, उसका निस्तारण प्लांट में हो सकेगा। आधुनिक मशीनों से पराली को सीएनजी, एलपीजी ऊर्जा में रूपांतरित किया जाएगा। शासन की प्राथमिकता में यह शामिल है, जमीन और बिजली कनेक्शन का शुल्क भी सरकार ही वहन करेगी।
विज्ञापन
सीएनजी पंप और गैस एजेंसियों को होगी सप्लाई
पराली से हर रोज 20 टन सीएनजी और एलपीजी गैस तैयार होगी। जिले को यहां से सीधे गैसों की आपूर्ति की जा सकेगी। ऐसे में गाड़ियों में ईंधन की कमी नहीं होगी। साथ ही घरेलू गैस भी आसानी से मिल सकेगी।
सात से दस करोड़ में मिलेगा बिजली कनेक्शन
प्रोजेक्ट को अंतिम रूप देने के लिए बिजली के कनेक्शन की फाइल ऊर्जा निगम कार्यालय पहुंचा दी गई है। 2500 केवीए का कनेक्शन प्लांट में दिया जाएगा। इसका एस्टीमेट सात से दस करोड़ का होगा। ड्राफ्टिंग भी शुरू कर दी गई है।
किसानों को मिल सकेंगे सस्ते जैविक ख्राद
जिले के किसानों को प्लांट से सस्ते जैविक खाद मिल सकेंगे। पराली से यहां हर रोज करीब 20 टन जैविक खाद तैयार किए जाएंगे। इससे किसानों की प्राकृतिक खेती का सपना भी पूरा होगा।
कई जिलों के किसानों को होगा फायदा
हापुड़ के 50 किलोमीटर दायरे में मेरठ, बुलंदशहर, गाजियाबाद, अमरोहा जनपद आते हैं। इन जिलों के किसानों से पराली खरीदी जा सकेगी। किसानों को खेतों में पराली के बदले अच्छे दाम मिल सकेंगे। जिसका पर्यावरण को भी काफी लाभ मिलेगा।
इन्वेस्टर समिट में भी 40 हजार करोड़ का होगा निवेश
इन्वेस्टर समिट में भी हापुड़ में 40 हजार करोड़ से अधिक का निवेश होगा। उद्योगों के लिए जमीन भी चिह्नित कर दी गई है। कई इकाइयों का निर्माण भी शुरू हो चुका है। जिसमें हापुड़ के हजारों लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
कोट -
चितौली के पास करीब 25 एकड़ में 110 करोड़ की लागत से बन रहे प्लांट में पराली से प्रतिदिन 20 टन सीएनजी, एलपीजी उत्पादित होगी। साथ ही जैविक उर्वरक भी तैयार होगा। प्लांट के ऊर्जीकरण के लिए ऊर्जा निगम में आवेदन कर दिया है।-- आनंद मोहन, ईई, प्रोजेक्ट।
नियमानुसार दिया जाएगा कनेक्शन
चितौली में रिलायंस की ओर से 2500 केवीए के कनेक्शन की मांग की गई है। नियमानुसार कनेक्शन दिया जाएगा।-- आरपी वर्मा, अधिशासी अभियंता।
विज्ञापन
पराली जलाने से पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है। ग्रैप का पहला चरण शुरू हो गया है, सेटेलाइट से पराली जलाने पर नजर रखी जा रही है। पराली का निस्तारण ऊर्जा उत्पादन में हो सके, इसके लिए हापुड़ को उत्तर प्रदेश राज्य जैव ऊर्जा नीति में शामिल किया गया। यह प्रोजेक्ट रिलायंस को मिला है।
विज्ञापन
चितौली में बाईपास किनारे करीब 110 करोड़ से प्लांट का निर्माण शुरू कर दिया गया है। 50 किलोमीटर के दायरे में जितनी पराली होगी, उसका निस्तारण प्लांट में हो सकेगा। आधुनिक मशीनों से पराली को सीएनजी, एलपीजी ऊर्जा में रूपांतरित किया जाएगा। शासन की प्राथमिकता में यह शामिल है, जमीन और बिजली कनेक्शन का शुल्क भी सरकार ही वहन करेगी।
विज्ञापन
सीएनजी पंप और गैस एजेंसियों को होगी सप्लाई
पराली से हर रोज 20 टन सीएनजी और एलपीजी गैस तैयार होगी। जिले को यहां से सीधे गैसों की आपूर्ति की जा सकेगी। ऐसे में गाड़ियों में ईंधन की कमी नहीं होगी। साथ ही घरेलू गैस भी आसानी से मिल सकेगी।
सात से दस करोड़ में मिलेगा बिजली कनेक्शन
प्रोजेक्ट को अंतिम रूप देने के लिए बिजली के कनेक्शन की फाइल ऊर्जा निगम कार्यालय पहुंचा दी गई है। 2500 केवीए का कनेक्शन प्लांट में दिया जाएगा। इसका एस्टीमेट सात से दस करोड़ का होगा। ड्राफ्टिंग भी शुरू कर दी गई है।
किसानों को मिल सकेंगे सस्ते जैविक ख्राद
जिले के किसानों को प्लांट से सस्ते जैविक खाद मिल सकेंगे। पराली से यहां हर रोज करीब 20 टन जैविक खाद तैयार किए जाएंगे। इससे किसानों की प्राकृतिक खेती का सपना भी पूरा होगा।
कई जिलों के किसानों को होगा फायदा
हापुड़ के 50 किलोमीटर दायरे में मेरठ, बुलंदशहर, गाजियाबाद, अमरोहा जनपद आते हैं। इन जिलों के किसानों से पराली खरीदी जा सकेगी। किसानों को खेतों में पराली के बदले अच्छे दाम मिल सकेंगे। जिसका पर्यावरण को भी काफी लाभ मिलेगा।
इन्वेस्टर समिट में भी 40 हजार करोड़ का होगा निवेश
इन्वेस्टर समिट में भी हापुड़ में 40 हजार करोड़ से अधिक का निवेश होगा। उद्योगों के लिए जमीन भी चिह्नित कर दी गई है। कई इकाइयों का निर्माण भी शुरू हो चुका है। जिसमें हापुड़ के हजारों लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
कोट -
चितौली के पास करीब 25 एकड़ में 110 करोड़ की लागत से बन रहे प्लांट में पराली से प्रतिदिन 20 टन सीएनजी, एलपीजी उत्पादित होगी। साथ ही जैविक उर्वरक भी तैयार होगा। प्लांट के ऊर्जीकरण के लिए ऊर्जा निगम में आवेदन कर दिया है।
नियमानुसार दिया जाएगा कनेक्शन
चितौली में रिलायंस की ओर से 2500 केवीए के कनेक्शन की मांग की गई है। नियमानुसार कनेक्शन दिया जाएगा।