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Hapur News: बुखार से बच्चों में हो रही खून की कमी, कराने पड़ रहे भर्ती
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हापुड़ । बदलता मौसम बच्चों को बहुत अधिक प्रभावित कर रहा है। बुखार के कहर के बीच इन दिनों बच्चों की स्थिति ज्यादा बिगड़ रही है। इंफेक्शन के कारण हाे रहे बुखार से खून की कमी भी मिल रही है। हर दो से तीन घंटे में बच्चे को तेज बुखार हो रहा है। इस कारण दवा का असर भी कम होने के चलते इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। इस कारण सीएचसी और जिला अस्पताल में पिछले 20 दिनों में बच्चों के भर्ती होने की संख्या डेढ़ गुना बढ़ गई है।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन 15 से ज्यादा ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें खून की कमी है। जबकि, 20 दिनों में ओपीडी 80 के भी पार पहुंच चुकी है। इनमें से ज्यादातर बच्चे बुखार से ही पीड़ित आ रहे हैं। नगर के शिवपुरी निवासी गुंजन ने बताया कि उनके छह वर्षीय पुत्र विक्की को भी बुखार के बाद खून की कमी का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सक ने बुखार के बाद खून में इंफेक्शन बताया है। हालांकि, यह भी कहा है कि बुखार समाप्त होने के बाद खून की कमी को दवा आदि के जरिये पूरा कर लिया जाएगा।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. प्रदीप मित्तल ने बताया कि कई बार बुखार में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है। इसकी असली वजह समय पर सही उपचार न मिलना होता है। इसका खामियाजा रक्त की कमी के तौर पर सामने आ रहा है। आमतौर पर बच्चों में 12 से 15 ग्राम हीमोग्लोबिन होना चाहिए, लेकिन बीमारी के दौरान यह कम हो रहा है। यदि छह या इससे कम स्तर होता है तो यह चिंता की बात है और मरीज को रक्त चढ़ाने की सलाह दी जाती है। बुखार के दौरान ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ का सेवन करते रहें। ताकि, शरीर में जरूरी तत्वों का संतुलन बना रहे।
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पिछले एक सप्ताह में सीएचसी में पहुंचे मरीज--
दिन
मरीजों की संख्या
मंगलवार
84
बुधवार
89
बृहस्पतिवार
98
शुक्रवार
104
सोमवार
110
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यह कहते हैं अधिकारी--
अस्पतालों में बच्चों के इलाज के लिए सभी जरूरी दवा और उपकरण मौजूद हैं। किसी तिमारदार को घबराने की आवश्यकता नहीं है। - डाॅ. सुनील कुमार त्यागी, सीएमओ
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जिला अस्पताल में प्रतिदिन 15 से ज्यादा ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें खून की कमी है। जबकि, 20 दिनों में ओपीडी 80 के भी पार पहुंच चुकी है। इनमें से ज्यादातर बच्चे बुखार से ही पीड़ित आ रहे हैं। नगर के शिवपुरी निवासी गुंजन ने बताया कि उनके छह वर्षीय पुत्र विक्की को भी बुखार के बाद खून की कमी का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सक ने बुखार के बाद खून में इंफेक्शन बताया है। हालांकि, यह भी कहा है कि बुखार समाप्त होने के बाद खून की कमी को दवा आदि के जरिये पूरा कर लिया जाएगा।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. प्रदीप मित्तल ने बताया कि कई बार बुखार में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है। इसकी असली वजह समय पर सही उपचार न मिलना होता है। इसका खामियाजा रक्त की कमी के तौर पर सामने आ रहा है। आमतौर पर बच्चों में 12 से 15 ग्राम हीमोग्लोबिन होना चाहिए, लेकिन बीमारी के दौरान यह कम हो रहा है। यदि छह या इससे कम स्तर होता है तो यह चिंता की बात है और मरीज को रक्त चढ़ाने की सलाह दी जाती है। बुखार के दौरान ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ का सेवन करते रहें। ताकि, शरीर में जरूरी तत्वों का संतुलन बना रहे।
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पिछले एक सप्ताह में सीएचसी में पहुंचे मरीज
दिन
मरीजों की संख्या
मंगलवार
84
बुधवार
89
बृहस्पतिवार
98
शुक्रवार
104
सोमवार
110
यह कहते हैं अधिकारी
अस्पतालों में बच्चों के इलाज के लिए सभी जरूरी दवा और उपकरण मौजूद हैं। किसी तिमारदार को घबराने की आवश्यकता नहीं है। - डाॅ. सुनील कुमार त्यागी, सीएमओ
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