फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   Child lives at risk.

खतरे में नौनिहालों की जान

Fri, 20 Jan 2017 09:24 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़ Updated Fri, 20 Jan 2017 09:24 PM IST
विज्ञापन
Child lives at risk.
खटारा टेंपो और बसों से स्कूल जा रहे बच्चे - फोटो : अमर उजाला

एटा में हुए दर्दनाक हादसे के बाद भी न तो पुलिस-प्रशासन और न ही स्कूल प्रबंधन चेत रहा है। आलम यह है कि स्कूलों में बच्चों को जुगाड़ वाहन, खटारा टेंपो और बसों से ले जाया जा रहा है। इन वाहनों के चालक भी ज्यादातर अप्रशिक्षित हैं।

विज्ञापन


ऐसे में अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। गढ़ क्षेत्र में करीब 70 प्राइवेट स्कूल हैं। इन सभी स्कूलों में बच्चों के आवागमन के लिए लगभग 200 वाहन हैं। इनमें ज्यादातर जुगाड़ वाहन और टेंपो हैं। कुछ ही स्कूलों में बसें हैं।
विज्ञापन


जुगाड़ वाहन का संचालन प्रतिबंधित है। बावजूद इसके दर्जनों वाहन हर रोज बच्चों को बैठाकर शहर के मुख्य रास्तों से गुजरते हैं। पुलिस या ट्रैफिक पुलिस कभी इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करती। टेंपो और बसों का भी यही हाल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नियमानुसार हर तीन के महीने के बाद इन वाहनों की फिटनेस होनी चाहिए लेकिन स्कूलों की ओर से न तो कभी इनकी चेकिंग करवाई जाती है और नहीं विभाग कभी चेकिंग करता है। अभिभावक अंजू, रीता, गरिमा, मंजू, वर्षा, महिमा, कामिनी,

गुलबहार और पिंकी ने कहा कि एटा में हुए हादसे के बाद वह बच्चों की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित हैं। कई बार उन्होंने स्कूल में खस्ताहाल वाहनों के संबंध में शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।


इस संबंध में एसडीएम आरएन पांडेय और सीओ सतीश चंद्र पांडेय ने कहा कि जल्द ही परिवहन विभाग की टीम बुलाकर स्कूली वाहनों की चेकिंग करवाई जाएगी। वाहन मानक के अनुसार न मिलने पर उन्हें सीज किया जाएगा।

पिछले एक महीने के भीतर किसी भी जुगाड़ वाहन या स्कूल वाहन की न तो चेकिंग की गई है और न ही चालान काटा गया है। रघुवर दयाल, एचटीपी 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed